धुंधले रंग की पेशाब आने के 10 कारण

यदि आपकी पेशाब का रंग धुंधला या बादलों जैसा है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके मूत्रमार्ग में कुछ गड़बड़ है।

हालांकि धुंधली पेशाब आमतौर पर एक इमरजेंसी मेडिकल स्थिति का संकेत नहीं देती है, लेकिन कुछ मामलों में यह अन्तनिर्हित किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

पेशाब धुंधली होने के सबसे आम कारण निम्न हो सकते हैं:

  • डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी)
  • संक्रमण
  • गुर्दों की समस्या
  • कोई पुराना रोग

पुरुषों और महिलाओं की पेशाब धुंधली होने के संभावित कारणों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ते रहें:

  1. डिहाइड्रेशन
  2. मूत्रमार्ग संक्रमण
  3. योनिशोथ
  4. गुर्दे की पथरी
  5. गुर्दे की बीमारी
  6. यौन संचारित संक्रमण
  7. डायबिटीज
  8. आहार
  9. प्रोस्टेट की समस्याएं
  10. गर्भावस्था

सामान्य कारण

1. डिहाइड्रेशन

गहरी और धुंधले रंग की पेशाब अक्सर डिहाइड्रेशन के कारण होती है, जो तब होता है जब आपके शरीर में पानी की कमी आ जाती है।

यह छोटे बच्चों, वृद्धों और पुरानी बीमारियों वाले लोगों में सबसे आम है, लेकिन यह किसी को भी हो सकता है। कई स्वस्थ वयस्कों को सुबह और जोरदार व्यायाम के बाद हल्के डिहाइड्रेशन का अनुभव होता है।

जब आपके शरीर में पानी की कमी होती है, तो आपका शरीर जितना हो सके उतना पानी बचाने की कोशिश करता है। इसके फलस्वरूप आपकी पेशाब भी अधिक गाढ़ी हो जाती है और इसका रंग गहरा व धुंधला हो जाता है।

अत्यधिक डिहाइड्रेशन के महत्वपूर्ण लक्षण निम्न हो सकते हैं:

  • बहुत गहरी या धुंधली पेशाब
  • तेज प्यास लगना
  • बहुत कम पेशाब लगना
  • मुँह सूखना
  • चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • भ्रम होना

डिहाइड्रेशन के हल्के मामलों, जैसे कि सुबह होने वाले डिहाइड्रेशन का इलाज घर पर ही किया जा सकता है। कुछ घंटों के लिए अधिक पानी पीने से से आपके शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाती है।

यदि आपका बच्चा उल्टी या दस्त से बीमार है, तो बेहतर इलाज के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। बीमार बच्चों की बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए और अक्सर पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त ओवर-द-काउंटर समाधानों के साथ इलाज किया जा सकता है।

डिहाइड्रेशन के गंभीर मामलों में या जो घर पर उपचार से नहीं सुधरते हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है।

2. मूत्रमार्ग संक्रमण

मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूटीआई) भी पेशाब के धुंधले होने का एक सामान्य कारण है। यह संक्रमण मूत्रमार्ग में कही पर भी हो सकता है। यह मूत्राशय, मूत्रवाहिनी और गुर्दे को प्रभावित कर सकता है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई होना अधिक आम हैं, क्योंकि महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होता है, जो योनि और गुदा बैक्टीरिया से अधिक आसानी से दूषित हो जाता है।

मूत्रमार्ग संक्रमण तब होता है, जब बैक्टीरिया नियंत्रण से बाहर विकसित होने लगते हैं। आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए सफेद रक्त कोशिकाओं को भेजता है। ये कोशिकाएं अक्सर मूत्र में उत्सर्जित होती हैं। जब यह सफेद रक्त कोशिकाएं मूत्र के साथ मिल जाती हैं, तो यह धुँधला या दूधिया दिखाई देने लगता है।

मूत्रमार्ग संक्रमण के अन्य लक्षण निम्न हैं:

  • बार-बार तेज पेशाब लगना
  • पेशाब दूधिया, लाल, गुलाबी या भूरी दिखाई देना
  • पेशाब से तेज दुर्गन्ध आना
  • पेशाब करते समय जलन होना
  • कमर में हल्का दर्द होना
  • पेशाब लगने का अनुभव होना, लेकिन पेशाब न निकलना
  • महिलाओं में पेल्विक दर्द होना

मूत्रमार्ग संक्रमण का एंटीबायोटिक दवाओं के जरिये तत्काल उपचार करवाने की आवश्यकता होती है। आमतौर पर इसका आसानी से इलाज हो जाता है, लेकिन इलाज न करवाने पर यह गंभीर संक्रमण बन सकता है।

मूत्रमार्ग संक्रमण का उपचार न करवाने पर आपमें निम्न समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं:

  • किडनी डैमेज (गुर्दों में क्षति)
  • संक्रमण का बढ़ते जाना और रक्त तक पहुँच जाना, जिसे सेप्सिस कहा जाता है और यह एक प्राणघातक स्थिति होती है
  • गर्भवती महिलाओं में जटिलताएं पैदा होना

3. योनिशोथ (वैजिनाइटिस)

महिलाओं में धुंधली पेशाब कभी-कभी एक प्रकार के योनिशोथ के कारण भी हो सकती है। योनिशोथ योनि का संक्रमण होता है, जिसमें निम्न शामिल हैं:

बैक्टीरियल योनिशोध और अन्य संक्रमण तब होते हैं, जब कुछ बैक्टीरिया, फंगस या अन्य जीव योनि में उच्च संख्या में विकसित हो जाते हैं।

एक स्वस्थ योनि सामान्य रूप से अच्छे बैक्टीरिया का एक नाजुक संतुलन बनाए रखती है। हालांकि, कुछ परिस्थितियों में, यह संतुलन बिगड़ जाता है। इस असंतुलन के कारण नुकसानदायक बैक्टीरिया की वृद्धि होती है और योनि रसायन में परिवर्तन होने लगता है, जिसे बैक्टीरियल योनिशोध कहा जाता है।

योनिशोध के कारण जब सफेद रक्त कोशिकाएं या योनि का पानी पेशाब के साथ मिल जाता है, तो पेशाब धुंधली हो जाती है।

योनिशोथ के अन्य लक्षण निम्न हैं:

  • योनि में या उसके आसपास खुजली, दर्द या जलन होना
  • योनि से असामान्य पानी का निर्वहन
  • योनि से दुर्गंधयुक्त निर्वहन
  • योनि से मछली जैसी गंध आना, जो सेक्स के बाद और खराब हो जाती है
  • योनि से पीला, हरा, भूरा, या पनीर जैसा निर्वहन
  • पेशाब करते समय जलन होना

योनिशोध का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि यह किस कारण से हो रहा है। बैक्टीरियल योनिशोध और ट्रयकोमोइसीस का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। योनि यीस्ट संक्रमण का इलाज एंटिफंगल दवाओं के साथ किया जाता है।

योनिशोथ का इलाज न कराने से आपमें यौन संचारित संक्रमण के होने का खतरा बढ़ सकता है।

 
 
 
 

4. गुर्दे की पथरी

गुर्दे की पथरी खनिजों और लवणों के असामान्य जमाव से बनने वाले क्रिस्टल होते हैं, जो आपके गुर्दों के अंदर बनते हैं। यह काफी बड़े हो सकते हैं और अत्यधिक दर्द का कारण बन सकते हैं।

पथरी आपके मूत्र मार्ग में भी जमा हो सकती है, जहां यह संक्रमण और रुकावट पैदा कर सकती है। धुंधली पेशाब इस बात का संकेत हो सकता है कि आपको गुर्दे की पथरी है या इसके कारण संक्रमण हुआ है।

गुर्दे की पथरी के लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • पसलियों के नीचे तीव्र दर्द होना
  • निचले पेट और कमर में हलका दर्द होना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • पेशाब का रंग गुलाबी, लाल, या भूरा होना
  • पेशाब में बदबू आना

अधिकांश गुर्दे की पथरी बिना इलाज के अपने आप निकल जाती हैं। जब आप अपने शरीर से पथरी को बाहर निकालने के लिए बहुत सारा तरल पदार्थ पीते हैं, तो इस दौरान दर्द को कम करने के लिए दर्दनिवारक दवाएं ले सकते हैं।

बड़ी पथरी या जो संक्रमण का कारण बनती हैं, उसे निकालने के लिए डॉक्टर की मदद लेने की आवश्यकता होगी। डॉक्टर ध्वनि तरंगों का उपयोग करके पथरी को तोड़ने का प्रयास कर सकता है, या सर्जरी द्वारा इसे निकाल सकता है। संक्रमण का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है।

5. डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के कारण होने वाली गुर्दे की बीमारी

दीर्घकालिक गुर्दे की बीमारी के अधिकांश मामले डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के कारण होते हैं। दीर्घकालिक गुर्दे का रोग चरणों में होता है, और इसके बढ़ते रहने से गुर्दे फेल होने का खतरा रहता है। गुर्दे फेल तब होते हैं जब यह अपनी सामान्य कार्यक्षमता से 15% नीचे चले जाते हैं।

आपके गुर्दे शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थों को छानने का काम करते हैं। जब गुर्दे ठीक से काम नहीं करते हैं, तो अपशिष्ट उत्पाद आपके रक्त में नमक और खनिजों के नाजुक संतुलन को बाधित करने लगते हैं। चूँकि गुर्दे मुख्य रूप से मूत्र का उत्पादन करते हैं, इसलिए इनके ठीक से कार्य न करने पर आपकी पेशाब की दिखावट और गंध में बदलाव आ सकता है।

गुर्दे फेल होने के लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • अक्सर पैरों, टखनों और पैरों में सूजन होना
  • सिरदर्द
  • खुजली
  • जी मचलना और उलटी आना
  • दिन के दौरान थकान होना और रात को नींद न आना
  • पेट की समस्याएं, जिनमें भूख न लगना और वजन कम होना शामिल हैं
  • मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, या सुन्नता होना
  • बहुत कम या बिल्कुल भी पेशाब न आना
  • जोड़ों में दर्द या जकड़न होना
  • भ्रम होना या आम चीजों को समझने में समस्या आना

गुर्दे फैल होना एक गंभीर समस्या है, लेकिन इसे प्रबंधित किया जा सकता है। उपचार विकल्प में नियमित डायलिसिस करवाना या गुर्दा प्रत्यारोपण करवाना शामिल हैं। डायलिसिस के दौरान, आपके रक्त को एक बाहरी फिल्टर के माध्यम से संसाधित किया जाता है, जो एक कृत्रिम गुर्दे की तरह काम करता है।

6. यौन संचारित संक्रमण

यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) ऐसे संक्रमण हैं जो यौन संपर्क के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं।

गोनोरिया और क्लैमाइडिया जैसे कई सामान्य एसटीआई के कोई लक्षण नहीं होते।

अन्य संक्रमणों (योनिशोथ और मूत्रमार्ग संक्रमण) की तरह ही, एसटीआई में भी सफेद रक्त कोशिकाएं संक्रमण की जगह पर प्रतिक्रिया करती हैं। यह सफेद रक्त कोशिकाएं पेशाब के साथ मिल सकती हैं, जिससे वह धुंधली हो सकती है।

एसटीआई योनि या लिंग में असामान्य स्राव भी पैदा कर सकता है। इसके फलस्वरूप, जैसे ही पेशाब मूत्रमार्ग से बाहर निकलती है, तो यह असामान्य स्राव के साथ मिल सकती है और धुंधली बन सकती है।

यौन संचारित संक्रमण के अन्य संभावित लक्षण और संकेत निम्न हैं:

  • जननांगों में खुजली होना
  • पेशाब करते समय जलन होना
  • दाने, छाले, या मस्से होना
  • जननांगों में दर्द होना
  • महिलाओं में पेल्विक दर्द होना
  • सेक्स के दौरान या बाद में दर्द होना

यौन संचारित संक्रमण का इलाज उसके प्रकार पर निर्भर करता है। आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं के जरिये इनका इलाज किया जाता है।

जब महिलाओं में यौन संचारित संक्रमण का इलाज नहीं किया जाता है, तो उनमें प्रजनन समस्याएं, गंभीर पैल्विक संक्रमण और गर्भावस्था की जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

पुरुषों में, यौन संचारित संक्रमण के कारण प्रोस्टेट और प्रजनन पथ के अन्य अंगों में गंभीर संक्रमण हो सकता है।

7. डायबिटीज

डायबिटीज वाले लोगों के रक्त में शुगर का स्तर असामान्य रूप से अधिक होता है। इस शुगर को छानने के लिए किडनी को ओवरटाइम काम करना पड़ता है। यह शुगर अक्सर पेशाब से भी बाहर निकलती है।

डायबिटीज के कारण गुर्दों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और गुर्दे की बीमारी होने की सम्भावना बढ़ जाती है। गुर्दे की बीमारी की पहचान अक्सर पेशाब में कुछ प्रोटीन की उपस्थिति की जाँच करके की जाती है। यह प्रोटीन पेशाब की दिखावट या गंध को भी बदल सकते हैं।

डायबिटीज के कुछ सामान्य लक्षण निम्न हैं:

  • अधिक प्यास लगना
  • बार-बार पेशाब लगना
  • थकान
  • वजन घटना
  • चोटों का देर से भरना
  • बार-बार संक्रमण होना

टाइप-2 डायबिटीज को दवाओं, आहार और वजन नियंत्रण के जरिये प्रबंधित किया जा सकता है। टाइप-1 डायबिटीज में इंसुलिन की आवश्यकता होती है। ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने से गुर्दों की बीमारी होने की सम्भावना कम होती है।

8. आहार

यह संभव है कि बहुत अधिक दूध के उत्पादों का सेवन आपकी पेशाब को धुंधला कर रहा हो। दूध से बने पदार्थों में कैल्शियम फॉस्फेट होता है। फॉस्फोरस को खून से बाहर निकालने के लिए गुर्दे जिम्मेदार होते हैं, इसलिए अतिरिक्त फॉस्फोरस पेशाब में मिल जाता है।

जब आपकी पेशाब में फास्फोरस निकलता है, तो इसे फॉस्फेटुरिया कहा जाता है। पेशाब में फास्फोरस की मौजूदगी इसे धुंधली बना सकती है। यदि यह स्थिति लम्बे समय तक बनी रहती है, तो इसके कारण को जानने के लिए आपको डॉक्टर से जाँच करवानी चाहिए। क्योंकि पेशाब में फॉस्फोरस की मौजूदगी किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

9. प्रोस्टेट की समस्याएं

प्रोस्टेट की समस्याएं, जैसे प्रोस्टेटाइटिस, पेशाब के धुंधला होने का कारण बन सकती हैं।

प्रोस्टेटाइटिस पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि की सूजन या संक्रमण होता है। प्रोस्टेटाइटिस के कई कारण होते हैं, जिनमें संक्रमण भी शामिल है। यह अचानक हो सकता है या लम्बे समय तक बना रह सकता है। इसके कारण लिंग से सफेद रक्त कोशिकाएं, मवाद या असामान्य स्राव निकल सकता है, जो पेशाब के धुंधला होने का कारण बन सकता है।

प्रोस्टेटाइटिस के सामान्य लक्षण निम्न हैं:

  • पेशाब के दौरान दर्द या जलन होना
  • पेशाब करने में कठिनाई होना या जोर लगाने पर भी पेशाब न निकलना
  • बार-बार पेशाब लगना, खासतौर से रात को
  • पेशाब को रोकने में समस्या आना
  • पेशाब या वीर्य में रक्त आना
  • पेट, कमर, या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना
  • जननांगों में दर्द होना
  • स्खलन के दौरान दर्द होना
  • फ्लू जैसे लक्षण होना

प्रोस्टेटाइटिस का उपचार इसके कारण पर निर्भर करता है, लेकिन आमतौर इसमें एंटीबायोटिक्स, अल्फा ब्लॉकर्स या नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी) शामिल होते हैं।

10. गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान यौन संचारित संक्रमण, मूत्रमार्ग संक्रमण या योनिशोथ के कारण पेशाब धुंधली हो सकती है। इन स्थितियों के लक्षण गैर-गर्भवती महिलाओं के समान ही होते हैं। हालाँकि, ये संक्रमण गर्भावस्था में अतिरिक्त जटिलताओं को जन्म दे सकते हैं, इसलिए इनका उपचार प्राप्त करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अनुपचारित संक्रमण के कारण समय से पहले प्रसव, अन्य गंभीर संक्रमण या जन्म के समय बच्चे का वजन कम रह सकता है।

पेशाब में प्रोटीन कभी-कभी प्रीक्लेम्पसिया का संकेत होता है, जो गर्भावस्था की एक खतरनाक जटिलता है। आमतौर पर प्रोटीन पेशाब की दिखावट को नहीं बदलते हैं, लेकिन यदि प्रोटीन का स्तर काफी अधिक है, तो मूत्र झागदार दिखाई दे सकता है।

यदि आप गर्भवती हैं और आपको संदेह है कि आपकी पेशाब या योनि में संक्रमण है, या प्रीक्लेम्पसिया के कोई लक्षण हैं, तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

निष्कर्ष

आपकी पेशाब धुंधली होने के कई संभावित कारण हो सकते हैं। कुछ हानिरहित होते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टर से मिलना महत्वपूर्ण होता है।

यदि यह स्थिति अधिक समय तक बनी रहती है, तो अपने फैमिली डॉक्टर से संपर्क करें। समस्या की पहचान के लिए आमतौर पर पेशाब और ब्लड टेस्ट की आवश्यकता होती है।

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