खुद से स्तंभन दोष की जाँच करने का तरीका

खुद से स्तंभन दोष की जाँच एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे एक व्यक्ति घर पर ही यह निर्धारित करने के लिए कर सकता है कि उसके स्तंभन दोष का कारण शारीरिक है या मनोवैज्ञानिक

इसे नॉक्टर्नल पेनाइल ट्यूमेसेंस (NPT) स्टैम्प टेस्ट के रूप में भी जाना जाता है।

खुद से स्तंभन दोष का परीक्षण क्यों किया जाता है?

यह परीक्षण इस बात की पुष्टि करने के लिए किया जाता है कि रात में सोते समय आपका लिंग खड़ा होता है या नहीं। एक सामान्य शारीरिक स्तंभन क्रिया वाले पुरुष का सामान्य नींद के दौरान कई बार लिंग खड़ा होता है।

अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को मेडिकल सेंटर के अनुसार, एक औसत स्वस्थ यौवन पुरुष का एक रात में तीन से पांच बार सहज लिंग खड़ा होता है, और प्रत्येक बार लिंग 30 से 60 मिनट तक खड़ा रहता है।

शारीरिक, भावनात्मक या मानसिक समस्याएं स्तंभन दोष का कारण बन सकती हैं। यह परीक्षण यह निर्धारित करने में मदद करता है कि आपका स्तंभन दोष शारीरिक समस्याओं के कारण है या नहीं।

हालाँकि यह परीक्षण थोड़ा पुराना हो चुका है। क्योंकि आजकल ऐसे कई उपकरण मौजूद हैं जिनसे स्तंभन दोष की जाँच की जा सकती है। इसका सबसे विश्वसनीय परिक्षण होता है रिजिस्कैन के जरिये एनपीटी टेस्ट।

एक रिजिस्कैन एक पोर्टेबल होम डिवाइस होता है जिसका उपयोग लिंग के खड़ेपन की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। पोर्टेबल बैटरी से चलने वाले इस उपकरण को जांघ के चारों ओर पहना जाता है। इस उपकरण में दो लंबे छोर होते हैं।

एक छोर लिंग के आधार के चारों ओर पहना जाता है, और दूसरे को लिंग के मुठ ठीक पहले पहना जाता है। रात भर, यह उपकरण बार-बार यह मापता है कि आपके लिंग में कितना रक्त है और यह कितनी अच्छी तरह से खड़ा व कठोर होता है।

इस परीक्षण को लगातार कई रातों में दोहराया जा सकता है। प्रत्येक रात के परिणाम मशीन में संग्रहीत होते हैं ताकि आपका डॉक्टर इनका विश्लेषण कर सके।

पेनाइल प्लेथिस्मोग्राफ नामक एक और परीक्षण है जिसका उपयोग कभी-कभी शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्तंभन दोष के बीच अंतर स्थापित करने के लिए किया जाता है। आपके द्वारा कोई भी यौन सामग्री देखने या सुनने के दौरान यह उपकरण आपके लिंग के खड़ेपन को मापता है। परीक्षण के दौरान, लिंग एक वॉल्यूम रिकॉर्डर (प्लेथिस्मोग्राफ) से जुड़ा होता है और इसकी रक्त की तरंगों को रिकॉर्ड और प्रदर्शित करता है।

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यह ऐसे दो परिक्षण हैं जिनका अधिकतर डॉक्टर आजकल उपयोग करते हैं, और यह अक्सर अधिक सटीक होते हैं।

यदि आप अपने स्तंभन दोष के बारे में डॉक्टर से चर्चा करने में शरमाते हैं, या किसी अन्य कारणवश ऊपर बताये गए परीक्षण नहीं करवा सकते हैं, तो आप घर पर ही बिना किसी उपकरण के खुद से अपने स्तंभन दोष की जाँच कर सकते हैं, जिसकी पूरी जानकारी हमने नीचे दी है।

खुद से स्तंभन दोष की जाँच के लिए आवश्यक चीजें

आपको चार से छह डाक स्टैम्प खरीदने की आवश्यकता होगी। स्टैम्पों का प्रकार कोई मायने नहीं रखता है, लेकिन उनके पीछे सूखा गोंद लगा होना चाहिए।

डाक स्टैम्प सबसे सुविधाजनक विकल्प हैं, लेकिन अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। यदि आपके पास डाक स्टैम्प नहीं हैं, तो आप कागज की एक पट्टी का उपयोग कर सकते हैं। कागज की पट्टी 1 इंच चौड़ी और लंबी होनी चाहिए ताकि थोड़ा ओवरलैप के साथ लिंग के चारों ओर जा सके। साथ ही आपको पेपर पर लगाने के लिए गाड़ी गोंद की आवश्यकता भी होगी।

परीक्षण के दो रात पहले से शराब या नींद की गोलियों का सेवन न करें, यह इरेक्शन को रोक सकते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपको रात में अच्छी नींद आये, आपको कैफीन (जैसे चाय कॉफी) से भी बचना चाहिए।

खुद से स्तंभन दोष परिक्षण कैसे किया जाता है

चरण

सोने जाने से पहले ब्रीफ या बॉक्सर ब्रीफ अंडरवियर पहने, जिनमें लिंग सहजता से समा जाता है। अपने लिंग के शाफ्ट को घेरने के लिए पर्याप्त लम्बाई वाला स्टैम्प या पेपर स्ट्रिप लें।

अपने बैठे हुए लिंग को अंडरवियर से बाहर निकालें। अब एक पेपर स्ट्रिप एक तरफ गोंद लगाएं और लिंग के चारों ओर लपेटें। पेपर पर गोंद इसलिए लगाई जाती है ताकि वह लिंग से चिपका रहे। पेपर लिंग पर पर्याप्त रूप से चुस्त होकर लपेटा होना चाहिए ताकि यदि आपका लिंग खड़ा हो तो पेपर फट जाए।

अब अपने लिंग को वापस अपने अंडरवियर के अंदर रखें और सो जाएँ।

बेहतर परिणामों के लिए, अपनी पीठ के बल सोएं ताकि आपके हिलने-डुलने से पेपर गड़बड़ न हो।

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ऐसा लगातार तीन रात तक करें।

परिणाम

रोज सुबह उठने पर पेपर की जाँच करें कि क्या यह फट गया है या नहीं। यदि पेपर फटा हुआ मिलता है, तो इसका मतलब है कि आपका लिंग सोते समय खड़ा हो रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि आपका लिंग शारीरिक रूप से ठीक से काम कर रहा है, और आपके स्तंभन दोष का कारण मनोवैज्ञानिक है।

जोखिम

इस तरीके से खुद से स्तंभन दोष की जाँच करने में कोई जोखिम नहीं है।

स्तंभन दोष परिक्षण के परिणामों के मायने

आपकी नींद में पेपर का न फटना इस बात का संकेत है कि आपका स्तंभन दोष किसी शारीरिक समस्या के कारण है।

यह परीक्षण केवल यह बताता है कि नींद में आपका लिंग अपनेआप खड़ा होता है या नहीं। इसलिए इससे सिर्फ यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपके स्तंभन दोष का कारण शारीरिक है या मनोवैज्ञानिक। इससे आपको यह पता नहीं चलेगा कि कौन सी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक समस्या के कारण आपको लिंग खड़ा करने या खड़ा बनाये रखने में समस्या हो रही है।

यदि आपके परिक्षण के परिणाम सकारात्मक आते हैं तो आपके स्तंभन दोष का कारण मनोवैज्ञानिक होने की संभावना है, जैसे डिप्रेशन या तनाव।

स्तंभन दोष की उचित जाँच और उपचार के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। यदि आपके स्तंभन दोष का कारण मनोवैज्ञानिक है तो आप सीधे एक मनोचिकित्सक से भी मिल सकते हैं।

निष्कर्ष

यदि आप नियमित रूप से स्तंभन दोष का अनुभव करते हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें। कई पुरुष इस विषय पर डॉक्टर से बात करने में असहज महसूस करते हैं, लेकिन आपको शर्मिंदगी महसूस नहीं करनी चाहिए। यह एक काफी आम समस्या है, और डॉक्टर अक्सर ऐसे मरीजों की मनोस्थिति समझते हैं और उन्हें सहज महसूस कराने का प्रयास करते हैं।

एक डॉक्टर ही आपकी सटीक जाँच करके स्तंभन दोष के सही शारीरिक या मनोवैज्ञानिक का पता लगा सकता है। सही कारण का पता लगने पर उसका उचित इलाज करना आसान हो जाता है।

स्तंभन दोष के मनोवैज्ञानिक उपचारों में बातचीत थेरेपी और काउन्सलिंग दी जाती है। इसके शारीरिक उपचारों में लिंग में रक्त संचार बढ़ाने वाली दवाएं दी जाती हैं।

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