क्या हस्तमैथुन करने से महिला बाँझ हो सकती है?

छोटे शब्दों में कहें तो नहीं। हस्तमैथुन आपकी प्रजनन क्षमता को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करता है।

बांझपन के बारे में लोगों में कई भ्रांतियां फैली हैं। इन्हीं में से एक गलत धारणा यह है कि हस्तमैथुन महिला को बाँझ बना सकता है।

हालांकि, आपकी उम्र या स्थिति चाहे जो भी हो, सिर्फ हस्तमैथुन करने से आपके गर्भवती होने या गर्भावस्था को पूरा करने की आपकी क्षमता प्रभावित नहीं हो सकती।

बल्कि, हस्तमैथुन एक फायदेमंद, स्वास्थ्य वर्धक और आनंददायक कार्य हो सकता है, जब तक कि इसे अत्यधिक मात्रा में न किया जाए।

हार्मोन के स्तर पर इसके प्रभाव के बारे में हम क्या जानते हैं?

हस्तमैथुन आपके शरीर में कुछ विशिष्ट हार्मोनों को स्वस्थ स्तर पर बनाये रखने में मदद कर सकता है। ये ऐसे हार्मोन हैं जो हस्तमैथुन को एक सुखद और तनावमुक्त अनुभव बनाते हैं।

इन होर्मोनों में निम्न शामिल हैं:

  • डोपामाइन। “खुशी हार्मोन” में से एक के रूप में जाना जाने वाला डोपामाइन, आपके मस्तिष्क की इनाम प्रणाली से संबंधित है। यानि जब भी आप कोई रोमांचक कार्य करते हैं, तो आपका मस्तिष्क इनाम के रूप में डोपामाइन हॉर्मोन छोड़ता है, जिससे आपको ख़ुशी महसूस होती है।
  • एंडोर्फिन। एंडोर्फिन शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक हॉर्मोन तो होते ही हैं, साथ ही यह तनाव को भी कम करते हैं और आपके मूड को बूस्ट करते हैं।
  • ऑक्सीटोसिन। आपसी प्रेम और सम्बन्ध को बढ़ावा देने वाले इस हॉर्मोन को अक्सर “लव हार्मोन” भी कहा जाता है।
  • टेस्टोस्टेरोन। टेस्टोस्टेरोन, जो सेक्स और हस्तमैथुन के दौरान स्त्रावित होता है, सेक्स स्टैमिना और कामोत्तेजना में सुधार कर सकता है।
  • प्रोलैक्टिन। प्रोलैक्टिन, जो महिलाओं में दुग्ध उत्पादन में मुख्य भूमिका निभाता है, आपके मूड और प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है।

नोट: यह ध्यान रखें कि उपरोक्त हार्मोन केवल अस्थायी रूप से बढ़ेंगे। हस्तमैथुन आपके हार्मोन के स्तर को स्थायी रूप से नहीं बदलेगा।

हस्तमैथुन आपके हार्मोन स्तर को उस बिंदु तक प्रभावित नहीं कर सकता, जहां यह आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सके या गर्भावस्था को नुकसान पहुंचाए।

ओव्यूलेशन पर इसके प्रभाव के बारे में हम क्या जानते हैं?

ओव्यूलेशन तब होता है जब आपके अंडाशय से एक अंडा निकलता है। अंडा फैलोपियन ट्यूब में निषेचित (फर्टिलाइज) होने का “इंतजार” करता है।

यदि इस अंडे को शुक्राणु कोशिकाओं द्वारा फर्टिलाइज किया जाता है, तो यह गर्भाशय में प्रत्यारोपित होगा, जिसके परिणामस्वरूप गर्भावस्था होगी। यदि इसे निषेचित नहीं किया जाता है, तो अंडा योनि से होकर बाहर निकल जाता है।

पुरुषों में, आमतौर पर ऑर्गाज्म के परिणाम स्वरूप स्खलन होता है। लिंग से वीर्य निकलने की प्रक्रिया को स्खलन कहते हैं, जिसमें शुक्राणु कोशिकाएं भी होती हैं, और यही अंडे को फर्टिलाइज करने व गर्भधारण के लिए आवश्यक होती हैं।

हालाँकि, महिलाओं में ओव्यूलेशन के लिए ऑर्गाज्म की आवश्यकता नहीं होती है। मतलब ओव्यूलेशन महिलाओं में होने वाली एक निरंतर प्रक्रिया होती है, जिसे अक्सर आम भाषा में ‘मासिक धर्म’ के नाम से जाना जाता है। महिला चाहे यौन रूप से सक्रिय हो या न हो, इस प्रक्रिया पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

छोटे शब्दों में कहें तो हस्तमैथुन या सेक्स का आपकी ओव्यूलेशन प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

हम मासिक धर्म पर इसके प्रभाव के बारे में क्या जानते हैं?

अक्सर कई महिलाओं को ऐसा प्रतीत होता है कि हस्तमैथुन करने से उनके मासिक धर्म का रक्तस्राव शुरू हो जाता है, हालाँकि यह केवल तभी होता है जब आपके मासिक धर्म की तारीख करीब हो।

चूँकि इस पर ज्यादा शोध नहीं हुए हैं, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा क्यों होता है।

कई महिलाएं अपने मासिक धर्म की अवधि के दौरान ज्यादा उत्तेजित महसूस करती हैं और इस दौरान ही हस्तमैथुन करने का आनंद लेना पसंद करती हैं।

चूँकि हस्तमैथुन से शरीर में एंडोर्फिन हॉर्मोन (एक प्राकृतिक दर्द निवारक) निकलता है, इसलिए यह मासिक धर्म की ऐंठन और मांसपेशियों में तनाव से जुड़े दर्द को भी कम करने में मदद कर सकता है।

कई महिलाएं मासिक धर्म के दौरान अपने मूड को स्वाभाविक रूप से बूस्ट करने के लिए भी हस्तमैथुन का उपयोग करती हैं।

 
 
 
 

फर्टिलाइजेशन पर इसके प्रभाव के बारे में हम क्या जानते हैं?

गर्भाधान तब होता है जब एक शुक्राणु कोशिका एक अंडे की कोशिका को फर्टिलाइज करती है। यह वास्तव में गर्भाशय के अंदर नहीं होता है, जैसा कि आप उम्मीद करती हैं, बल्कि फैलोपियन ट्यूब में होता है।

गर्भाधान होने के लिए, शुक्राणु कोशिका को फैलोपियन ट्यूब तक की यात्रा करनी होती है और अंडे की बाहरी दीवार में प्रवेश करके फर्टिलाइज करना होता है। इसका मतलब है कि फर्टिलाइजेशन होने के लिए अंडे को पहले से ही फैलोपियन ट्यूब में मौजूद होना चाहिए, यानी ओव्यूलेशन पहले से ही हो चुका होता है।

चूँकि हस्तमैथुन का अंडे या शुक्राणु कोशिका पर कोई प्रभावित नहीं पड़ता है, इसलिए यह फर्टिलाइजेशन या गर्भाधान को प्रभावित नहीं कर सकता।

हम आरोपण पर इसके प्रभाव के बारे में क्या जानते हैं?

एक बार जब अंडा सफलतापूर्वक फर्टिलाइज हो जाता है, तो यह गर्भाशय की ओर यात्रा करना शुरू कर देता है और वहां पहुँचकर आरोपण करता है। आरोपण का मतलब है कि अंडा गर्भाशय की दीवार से जुड़ जाता है।

आपके ओव्यूलेशन के 6 से 12 दिनों के बीच और गर्भधारण (या फर्टिलाइजेशन) के 8 से 9 दिनों के बाद आरोपण होता है।

कभी-कभी, अंडा फर्टिलाइजेशन के बाद गर्भाशय में आरोपण के लिए नहीं जाता, बल्कि फैलोपियन ट्यूब की दीवार में ही प्रत्यारोपित हो जाता है। इसे मेडिकल भाषा में एक्टोपिक गर्भावस्था कहा जाता है।

अन्य मामलों में, फर्टिलाइज हुआ अंडा गर्भाशय तक तो पहुंच जाता है, लेकिन बिना आरोपण के योनि से बाहर निकल जाता है।

यह मानने का कोई कारण नहीं है कि हस्तमैथुन आरोपण को प्रभावित कर सकता है। कोई भी शोध इसे सत्य नहीं बताते हैं।

हस्तमैथुन एक्टोपिक गर्भावस्था का कारण भी नहीं बन सकता।

आपकी समग्र प्रजनन क्षमता पर हस्तमैथुन का क्या प्रभाव हो सकता है?

हस्तमैथुन आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं कर सकता। यदि आपको गर्भधारण करने में कठिनाई हो रही है, तो यह किसी अन्य कारण से हो सकता है।

इसमें आपका समग्र स्वास्थ्य, प्रजनन की स्थिति (जैसे पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), और कुछ जीवनशैली कारक शामिल हो सकते हैं।

हालाँकि यह ध्यान देने योग्य बात है कि, गर्भवती हो जाने के बाद हस्तमैथुन करना आमतौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन यह उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के दौरान एक समस्या हो सकता है।

उदाहरण के लिए, आपका डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान आपको सेक्स या हस्तमैथुन से दूर रहने के लिए कह सकता है यदि:

  • आपमें समय से पहले प्रसव के लक्षण दिखाई देते हैं या पहले के प्रसव में ऐसा हो चुका है।
  • आपमें प्लेसेंटा प्रीविया या एक अक्षम गर्भाशय ग्रीवा की समस्या है। प्लेसेंटा प्रीविया एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें प्लेसेंटा गर्भाशय की गर्दन को आंशिक रूप से या पूरी तरह से अवरुद्ध कर देता है, इस प्रकार एक बच्चे के सामान्य प्रसव में हस्तक्षेप होता है।
  • आपकी योनि से रक्त स्त्राव होता है

यदि आपका डॉक्टर आपको गर्भावस्था के दौरान सेक्स से दूर रहने के लिए कहता है, तो उससे पूछें कि क्या इसमें हस्तमैथुन भी शामिल है।

क्या आप प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने के लिए कुछ कर सकती हैं?

गर्भवती होने की संभावनाओं को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण तरीका है कि आप अपने मासिक धर्म चक्र के सही समय पर सेक्स करें।

अंडे को फर्टिलाइज होने के लिए आपको ओव्यूलेशन के समय के आसपास सेक्स करने की आवश्यकता है, विशेष रूप से ओव्यूलेशन के दिन या उससे 2 दिन पहले।

आप अपने मासिक धर्म चक्र के दिनों की गणना करके और मध्य बिंदु का पता लगाकर अपनी ओव्यूलेशन की तारीख का पता लगा सकती हैं, क्योंकि आप अपने चक्र के मध्य बिंदु पर ओव्यूलेट करती हैं।

प्रत्येक मासिक धर्म चक्र आपके पीरियड शुरू होने के पहले दिन से शुरू होता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका मासिक धर्म चक्र 28-दिवसीय है, तो आम तौर पर आप 14 दिन के आसपास ओव्यूलेट करेंगी।

ओव्यूलेशन के समय पर ध्यान देने के अलावा, प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने के कुछ प्राकृतिक तरीके भी हैं। इसमें जीवनशैली में कुछ बदलाव भी शामिल हैं, जैसे:

  • धूम्रपान कम करना या छोड़ना
  • शराब का सेवन कम करना
  • कैफीन युक्त पदार्थों जैसे चाय, कॉफ़ी, कोको बीन्स आदि के सेवन को कम करना
  • डॉक्टर द्वारा सुझाए गए विटामिन सप्लीमेंट लेना
  • अच्छी तरह से संतुलित आहार का सेवन करना
  • नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करना

गर्भवती होने की कोशिश करना तनावपूर्ण हो सकता है, और यह तनाव, बदले में, आपकी प्रजनन क्षमता और गर्भधारण की संभावना को बदतर बना सकता है।

इसलिए आपको अपने तनाव के स्तर को प्रबंधित करने से मदद मिल सकती है। व्यायाम, ध्यान और मनोरंजक शौक कुछ बेहतरीन तनाव निवारक गतिविधियां हैं।

मुझे डॉक्टर से कब बात करनी चाहिए?

यदि आपको गर्भधारण करने में कठिनाई हो रही है, तो आप डॉक्टर या एक प्रजनन विशेषज्ञ से बात कर सकती हैं।

सामान्य तौर पर, यदि आपकी आयु 35 वर्ष से कम है और आप 12 या इससे अधिक महीनों से गर्भ धारण करने का असफल प्रयास कर रही हैं, तो डॉक्टर से मिलना एक अच्छा विचार है।

अगर आपकी उम्र 35 या उससे अधिक है, तो 6 महीने के प्रयास के बाद डॉक्टर से मिलें।

निष्कर्ष

हस्तमैथुन आपकी प्रजनन क्षमता के स्तर को प्रभावित नहीं करता है, और यह कई महिलाओं के लिए एक स्वस्थ, आनंददायक और मूड बूस्ट करने की गतिविधि हो सकता है।

यदि आपको गर्भधारण करने में कठिनाई हो रही है, तो एक फर्टिलिटी विशेषज्ञ या स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।