मेरा लिंग छोटा क्यों है?

हम कैसे तय करते हैं कि कितना छोटा लिंग वास्तव में छोटा होता है?

शोध यह दर्शाते हैं कि कई पुरुषों की नजरों में चाहे उनके लिंग का साइज औसत हो या न हो, वो उसे बड़ा करने की इच्छा रखते हैं। और कुछ पुरुष यह मानते हैं कि उनके लिंग का साइज छोटा है, जबकि वास्तव में वह औसतन ही होता है।

इस लेख के जरिये हम लिंग की औसत साइज, उसे मापने का सही तरीका और ऐसी स्थितियाँ जो लिंग के साइज को छोटा कर सकती हैं, के पीछे की साइंस के बारे में जानेंगे।

लिंग की औसत साइज कितनी होता है?

लिंग की औसत साइज बैठी हुई अवस्था में लगभग 3.6 इंच और खड़ी हुई अवस्था में लगभग 5.2 इंच के आसपास होती है। लेकिन इस औसत साइज का निष्कर्ष कैसे निकला?

लिंग के ऊपर शोध

पिछले कुछ वर्षों में लिंग पर कई ऐसे शोध हुए हैं जिन्होंने लिंग की औसत साइज का निर्णय करने में मदद की है।

2014 में जर्नल ऑफ़ सेक्सुअल मेडिसिन (USA) में हुए एक छोटे से शोध में 1,661 पुरुषों के लिंग की साइज का औसत निकाला गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि भाग लेने वाले पुरुषों के खड़े हुए लिंग की औसत लम्बाई 5.6 इंच (14.15सेंटीमीटर) और बैठे हुए लिंग की औसत लम्बाई 4.8 इंच (12.23 सेंटीमीटर) थी।

2014 में एक और बड़ा शोध हुआ जिसमें 15,000 से अधिक पुरुषों के लिंग की साइज मापी गई। इस शोध में खड़े और बैठे हुए लिंग की लम्बाई और मोटाई, दोनों मापी गईं। परिणाम में खड़े हुए लिंग की औसत लम्बाई 5.2 इंच (13.12 सेंटीमीटर) निकली और बैठे हुए लिंग की औसत लम्बाई 3.6 इंच (9.16 सेंटीमीटर) निकली। साथ ही, खड़े लिंग की मोटाई 4.6 इंच (11.66 सेंटीमीटर) और बैठे हुए की 3.7 इंच (9.31 सेंटीमीटर) थी।

इन शोधों में यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि पहले शोध में पुरुषों ने खुद अपने लिंग की साइज मापकर बताई थी, जबकि दूसरे शोध में प्रत्येक पुरुष के लिंग की साइज को एक हेल्थ विशेषज्ञ ने मापा था। दोनों ही शोधों की अपनी-अपनी कमियाँ हैं, लेकिन यह बात तो साफ है कि लिंग की साइज पर हुए लगभग सभी शोधों के परिणाम इस औसत के आसपास ही होते हैं।

लिंग की वास्तविक औसत साइज का पता लगाना लगभग नामुमकिन है, क्योंकि हर एक क्षेत्र या नस्ल के पुरुषों के लिंग का साइज अलग-अलग हो सकता है। ऊपर दिए गए अनुमान सिर्फ कुछ चंद पुरुषों के मापों का औसत है। यहाँ तक कि एक बड़े शोध जिसमें 15000 से अधिक पुरुषों ने भाग लिया था, वो भी एक खास ग्रुप के पुरुषों का साइज था। यूनाइटेड नेशंस (UN) के अनुसार 2017 में दुनिया के पुरुषों की कुल आवादी 380 करोड़ थी। इसका मतलब यह हुआ कि 15000 दुनिया के कुल पुरुषो का केवल 0.0004 प्रतिशत है।

हालाँकि विभिन्न शोधों से लिंग की औसत साइज का एक अनुमान तो लगाया ही जा सकता है, जो बहुत जरूरी भी है।

अपने लिंग की साइज को कैसे मापें

यदि आप अपने लिंग के आकार को मापने के लिए उत्सुक हैं, तो इसका सटीक माप प्राप्त करने का सही तरीका निम्न है:

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  • सबसे पहले एक इंची टेप ले आयें।
  • लम्बाई मापने के लिए इंची टेप को लिंग के आधार (बेस) पर रखें, जहाँ पर लिंग और प्यूबिक हड्डी जुड़ते हैं।
  • अब लिंग को सीधा करके इंची टेप को लिंग के सिरे तक ले जाएँ। अतिरिक्त फोरस्किन को न मापें, सिर्फ लिंग के सेंसिटिव सिरे तक ही मापें।
  • मोटाई मापने के लिए, लिंग के आधार या मध्य हिस्से के चरों तरफ इंची टेप को घुमाकर लपेटें।
  • बैठे हुए लिंग को मापते समय इसे अत्यधिक स्ट्रेच या पुल न करें, नहीं तो इसमें चोट लग सकती है।

लिंग कब तक बढ़ता है?

शोध बताते हैं कि पूरे जीवन चक्र में लिंग वृद्धि के अलग-अलग फेस होते हैं।

एक शोध में शोधकर्ताओं ने 3000 से अधिक 16 साल तक के पुरुषों में लिंग वृद्धि को ट्रैक किया। उन्होंने पाया की जन्म से 1 साल की उम्र तक लिंग काफी तेजी से बढ़ता है। 1 साल से 11 साल की उम्र तक लिंग की वृद्धि की गति थोड़ी धीमी होती है। लगभग 11 साल की उम्र में पुरुष यौवनावस्था (puberty) में प्रवेश करता है और उसका लिंग फिर से तेजी से बढ़ने लगता है। यह यौवनावस्था की अवधि ख़त्म होते तक बढ़ता रहता है।

जब लिंग का साइज छोटा लगता है

ज्यादातर पुरुषों के लिंग का साइज औसत के आसपास ही होता है। हालाँकि कुछ लड़कों या पुरुषों को मइक्रोपेनिस (micropenis) नाम से जानी जाने वाली समस्या हो सकती है। लेकिन, सभी छोटे लिंग मइक्रोपेनिस की श्रेणी में नहीं आते।

मइक्रोपेनिस

मइक्रोपेनिस एक हेल्थ समस्या होती है जो ज्यादातर छोटे शिशुओं में होती है। शिशुओं के स्ट्रेच किये हुए लिंग का साइज 0.75 इंच (1.9 सेंटीमीटर) से कम होने पर डॉक्टर्स इस समस्या के होने की सम्भावना को बताते हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ़ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के अनुसार मइक्रोपेनिस होने का सबसे बड़ा नुकसान है – शुक्राणुओं की कमी हो जाना जिसके कारण इनफर्टिलिटी (बांझपन) हो जाती है।

मइक्रोपेनिस होने का सबसे बड़ा कारण होता है सेक्स हॉर्मोन्स का बैलेंस गड़बड़ हो जाना, जिसे अल्पजननग्रंथिता (hypogonadism) भी कहते हैं। सेक्स हॉर्मोन्स ही पुरुषों में लिंग और अंडकोषों के विकास का कार्य करते हैं।

हालाँकि माइक्रोप्रिन के अलग-अलग उपचार होते हैं, लेकिन शिशुओं में हॉर्मोन्स का उपचार सबसे महत्वपूर्ण होता है। तुर्की में हुए एक शोध के अनुसार शिशुओं के टेस्टोस्टेरोन के स्तर की शुरुआत से ही निगरानी करने पर उनके लिंग के विकास में 100% तक वृद्धि हो सकती है।

हॉर्मोन उपचार कारगर न होने की स्थिति में सर्जरी का विकल्प भी होता है।

अगोचर लिंग (Inconspicuous Penis)

लिंग को छोटा बनाने वाली विभिन्न समस्याओं के समूह को अगोचर कहा जाता है।

निम्न समस्याएं हैं जिनके कारण लिंग औसत से छोटा लग सकता है:

  • दफन लिंग (Buried penis): लिंग के आसपास अत्यधिक त्वचा इकठ्ठा होने के कारण दफन लिंग की समस्या होती है। जैसा कि इसका नाम है, इसके कारण लिंग स्किन में दफन हो सकता है या छुप सकता है, या फिर पेट, अंडकोश की थैली या जांघों के नीचे बैठ सकता है। यह समस्या होने पर ज्यादातर मामलों में लिंग औसत लम्बाई का ही होता है और ठीक से काम करता है, लेकिन देखने पर यह छोटा दिखता है। हालाँकि कुछ मामलों में इसके कारण काम उत्तेजना में कमी और पेशाब करने में समस्या हो सकती है।
  • झिल्लीदार लिंग (Webbed penis): जब अंडकोष की थैली की त्वचा लिंग से काफी ऊपर तक जुड़ी होती है तब झिल्लीदार लिंग होने की समस्या होती है। इसके कारण लिंग के आराम करने का कोण प्रभावित हो सकता है जिससे यह सिकुड़ा हुआ, झिल्लीदार और औसत से छोटा दिखाई देने लगता है। इससे छुटकारा पाने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी की जाती है, जो आमतौर पर काफी सरल होती है।
  • फंसा हुआ लिंग (Trapped penis): खतना (circumcision) की सही ढंग से हीलिंग न होने पर फंसे हुए लिंग की समस्या होती है। फंसे हुए लिंग में, खतना के कारण बने स्कार ऊतक लिंग को, हील हो चुकी त्वचा के नीचे दबा देते हैं। इसके कारण कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे पेशाब रुकना और लिंग खड़ा होने पर उसमें दर्द होना। इसलिए इसके उपचार के लिए सर्जरी या स्टेरॉयड थेरेपी जरूरी होती है।

इनमें से ज्यादातर समस्याएं असामान्य होती हैं और आबादी के काफी कम लोगों को प्रभावित करती हैं।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि लिंग का आकार आवश्यक रूप से यौन आकर्षण का निर्धारण नहीं करता है। लिंग का आकर उन चीजों की लिस्ट में एक छोटा सा हिस्सा है, जिनके जरिये आपकी पार्टनर आपकी तरफ आकर्षित होती है। इस लिस्ट में भावनात्मक आकर्षण सबसे शीर्ष पर होता है।

2006 में हुए एक शोध में 85% महिलाओं ने बताया कि वो अपने पार्टनर के लिंग के आकर से संतुष्ट हैं।

निष्कर्ष

हालांकि कई पुरुषों की चिंता होती है कि उनका लिंग बहुत छोटा है, लेकिन कई शोधों से यह पता चला है कि ज्यादातर पुरुषों का लिंग औसत आकार का ही होता है।

यह बात याद रखना भी जरूरी है कि लिंग, योनि की तरह ही अलग-अलग साइज और शेप के होते हैं। किसी का एक तरफ थोड़ा टेड़ा हो सकता है, किसी का बीच में मोटा और सिरे पर पतला, किसी का अत्यधिक मोटा लेकिन छोटा, किसी का अत्यधिक लम्बा लेकिन पतला आदि।

इसलिए किसी के भी लिंग का आकर परफेक्ट होना काफी मुश्किल है और लिंग का आकार आपके यौन आकर्षण या आपकी पार्टनर की संतुष्टि को निर्धारित नहीं करता।

जिन पुरुषों के लिंग का आकर किसी भी कारणवश औसत से कम है, वो भी विभिन्न तकनीकों को अपनाकर अपनी सेक्स लाइफ का पूरा आनंद ले सकते हैं। ध्यान रखें, अपनी पार्टनर को पूर्ण संतुष्ट करने के लिए लिंग का आकार बहुत ही कम मायने रखता है। लिंग के अलावा भी ऐसे कई कार्य होते हैं जो आपकी पार्टनर की संतुष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि किसी मेडिकल समस्या के कारण आपके लिंग की साइज अत्यधिक छोटी रह गई है, तो किसी अच्छे यौन विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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