मूत्रमार्ग संक्रमण के लक्षण, पहचान, रोकथाम और घरेलू इलाज

एक मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) रोगाणुओं से होने वाला संक्रमण होता है। जीवाणु बहुत छोटे जीव होते हैं, जिन्हें खुली आँखों से नहीं देखा जा सकता।

अधिकांश यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होते हैं, लेकिन कुछ फंगस के कारण भी हो सकते हैं और कुछ दुर्लभ मामलों में वायरस के कारण हो सकते हैं।

यूटीआई मनुष्यों में होने वाले सबसे आम संक्रमणों में से हैं।

आपका मूत्रमार्ग निम्न चीजों को मिलाकर बनता है:

  • किडनी
  • ऊपरी मूत्रवाहिनी – किडनी से मूत्राशय को जाने वाली नलिका
  • मूत्राशय
  • निचली मूत्रवाहिनी – मूत्राशय से मूत्र को बाहर नकालने वाली नलिका

अधिकांश मूत्रमार्ग संक्रमण केवल निचली मूत्रवाहिनी और मूत्राशय होते में हैं, जिसे निचली यूटीआई कहा जाता है। हालाँकि किडनी और ऊपरी मूत्रवाहिनी में संक्रमण यानी ऊपरी यूटीआई होना दुर्लभ है, लेकिन यदि हो जाये तो यह सामान्य से ज्यादा गंभीर होता है।

मूत्र मार्ग

यूटीआई के लक्षण

यूटीआई के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि मूत्रमार्ग का कौन सा हिस्सा संक्रमित है।

निचली यूटीआई के लक्षण

निचली यूटीआई मूत्राशय और निचली मूत्रवाहिनी में होने वाला संक्रमण होता है। इसके लक्षण निम्न हो सकते हैं:

  • पेशाब करते समय जलन होना
  • बार-बार पेशाब लगना, लेकिन बहुत कम पेशाब निकलना
  • पेशाब करने के बाद भी पूर्ण संतुष्टि न होना
  • पेशाब रोकने की क्षमता में कमी आना
  • पेशाब में खून आना
  • बादली रंग की पेशाब
  • गहरे रंग की पेशाब
  • पेशाब में बदबू
  • महिलाओं के पेल्विक में दर्द होना
  • पुरुषों में गुदा दर्द होना

ऊपरी यूटीआई के लक्षण

ऊपरी यूटीआई किडनी को प्रभावित करता है। और यदि बैक्टीरिया संक्रमित किडनी से रक्त में चला जाता है, तो ये संभावित रूप से व्यक्ति लिए प्राणघातक हो सकता है। इस स्थिति को यूरोसेप्सिस (urosepsis) कहा जाता है, जो खतरनाक रूप से ब्लड प्रेशर में कमी, सदमा और मृत्यु का कारण बन सकती है।

ऊपरी यूटीआई के लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

  • पीठ के ऊपरी हिस्से और बाजू में दर्द होना और संवेदनशीलता बढ़ना
  • ठंड लगना
  • बुखार
  • जी मचलना
  • उल्टी होना

पुरुषों में यूटीआई के लक्षण

पुरुषों में ऊपरी मूत्रमार्ग संक्रमण के लक्षण सामान्य लक्षणों के समान ही होते हैं। हालांकि, निचले मूत्रमार्ग के यूटीआई वाले पुरुषों को कभी-कभी मलाशय में दर्द का अनुभव भी हो सकता है।

महिलाओं में यूटीआई के लक्षण

निचले यूटीआई वाली महिलाओं को पैल्विक दर्द का अनुभव हो सकता है। यह अन्य सामान्य लक्षणों के साथ महिलाओं में अतिरिक्त रूप से हो सकता है।

यूटीआई के कारण और जोखिम

कुछ भी जो आपके मूत्राशय के खाली होने की प्रक्रिया में रुकावट डालता है, वह यूटीआई का कारण बन सकता है।

ऐसे भी कई कारक हैं, जो आपमें यूटीआई होने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

यह जोखिम कारक निम्न हैं:

  • आयु (वृद्ध वयस्कों में यूटीआई होने की संभावना अधिक होती है)
  • सर्जरी, बीमारी या आलस्य के कारण शरीर की गतिशीलता में कमी आना
  • गुर्दे की पथरी होना
  • जिनको पहले भी यूटीआई हो चुका है, उनमें दोबारा यह होने की सम्भावना ज्यादा होती है
  • मूत्रमार्ग में किसी कारण रुकावट आना, जैसे: बड़ा हुआ प्रोस्टेट, गुर्दे की पथरी या कुछ प्रकार के कैंसर के कारण
  • मूत्र कैथेटर का लंबे समय तक उपयोग करना, जिससे बैक्टीरिया को आपके मूत्राशय में प्रवेश करना आसान हो जाता है
  • मधुमेह
  • गर्भावस्था
  • जन्म से ही मूत्र संरचनाएं असामान्य रूप से विकसित होना
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना

पुरुषों में यूटीआई के अतिरिक्त जोखिम कारक

पुरुषों के अधिकांश यूटीआई जोखिम कारक सामान्य के समान ही होते हैं। हालांकि, प्रोस्टेट के असामान्य रूप से बढ़ने से भी यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।

महिलाओं में यूटीआई के अतिरिक्त जोखिम कारक

हालांकि यह व्यापक रूप से माना जाता है कि बाथरूम का उपयोग करने के बाद, योनि को पीछे से आगे की ओर बार-बार पोंछने से यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन एक पुराने शोध से पता चला है कि ऐसा नहीं है।

हालांकि, अभी भी कुछ जोखिम कारक हैं जो महिलाओं की संरचना विज्ञान के कारण यूटीआई की सम्भावना को बढ़ा देते हैं।

निचली मूत्रवाहिनी का छोटा होना

महिला शरीर में, निचली मूत्रवाहिनी का मुख योनि और गुदा दोनों के बहुत करीब होता है। इससे यूटीआई विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। बैक्टीरिया जो स्वाभाविक रूप से योनि और गुदा दोनों के आसपास हो सकते हैं, निचली मूत्रवाहिनी और बाकी मूत्रमार्ग में संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

महिलाओं में निचली मूत्रवाहिनी छोटी भी होती है, जिससे बैक्टीरिया को मूत्राशय तक पहुँचने के लिए कम दूरी तय करना होता है।

सेक्स

लिंग-योनि सेक्स के दौरान मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ता है, जो गुदा के आसपास के बैक्टीरिया को मूत्रमार्ग तक पहुँचने की सम्भावना को बढ़ा देता है।

ओरल सेक्स के जरिये भी बैक्टीरिया मूत्रमार्ग में पहुँच सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

हालाँकि सेक्स के बाद पेशाब करने से संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

शुक्राणुनाशक (Spermicides)

अमेरिका के जाने माने डॉक्टर Ann E. Stapleton के अनुसार, महिलाओं द्वारा शुक्राणुनाशक दवाएं (जो आमतौर पर गर्भनिरोधक दवाओं में होती हैं), खाने से उनकी योनि के प्राकृतिक बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे उनमें यूटीआई की सम्भावना बढ़ जाती है।

सेक्स के दौरान कंडोम का उपयोग

गैर-चिकनाई वाले लेटेक्स कंडोम, सेक्स के दौरान घर्षण को बढ़ा सकते हैं और स्किन में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।

हालाँकि, सेक्स में कंडोम का उपयोग करने के कई फायदे होते हैं। खासतौर से यह यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) के प्रसार को कम करने और अवांछित गर्भावस्था को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

कंडोम से घर्षण और स्किन की जलन को रोकने के लिए, सेक्स के दौरान पानी आधारित लुब्रीकेंट का उपयोग करें।

उन कंडोम के इस्तेमाल से बचें जिन पर शुक्राणुनाशक की परत चढ़ी हो।

डायफ्राम

महिलाओं के कंडोम को डायफ्राम कहा जाता है।

यह मूत्रमार्ग पर दबाव डाल सकता है, जिससे मूत्राशय के पूरी तरह से खाली होने की सम्भावना कम हो जाती है और बैक्टीरिया के विकास व संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।

एस्ट्रोजन के स्तर में कमी

रजोनिवृत्ति के बाद, महिलाओं के एस्ट्रोजन के स्तर में प्राकृतिक रूप से कमी आने लगती है और योनि के सामान्य बैक्टीरिया के स्तर में बदलाव होने लगता है। इससे यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।

 
 
 
 

यूटीआई की पहचान

यदि लक्षणों के आधार पर आपको संदेह है कि आपमें यूटीआई हो सकता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉक्टर आपके लक्षणों की समीक्षा करेगा और एक शारीरिक जांच करेगा। यूटीआई होने की पुष्टि करने के लिए, डॉक्टर आपके यूरिन टेस्ट के जरिये उनमें जीवाणुओं की मौजूदगी की जाँच करेगा।

यूरिन टेस्ट के लिए आपने मूत्र का नमूना “साफ पकड़” का होना चाहिए। इसका मतलब है कि मूत्र का नमूना शुरुआत के बजाय आपके मूत्र प्रवाह के बीच में एकत्र किया जाना चाहिए। इससे आपकी स्किन के बैक्टीरिया या यीस्ट को नमूने में मिलने से रोका जा सकता है। नमूने की “साफ पकड़” के बारे में डॉक्टर आपको अधिक विस्तार से समझा पायेगा।

डॉक्टर यूरिन में बैक्टीरिया और फंगस की मौजूदगी की जाँच करेगा, जिसे “यूरिन कल्चर (urine culture)” कहा जाता है। यह परिक्षण आपमें संक्रमण के कारण की पहचान करने में मदद कर सकता है। इससे आपके डॉक्टर को सही उपचार विकल्प चुनने में भी मदद मिलेगी।

नमूने का परीक्षण करते समय, डॉक्टर आपके मूत्र में श्वेत रक्त कोशिकाओं की अधिक संख्या की तलाश भी करेगा। यह भी संक्रमण का संकेत दे सकता है।

यदि आपके डॉक्टर को संदेह होता है कि यूटीआई वायरल है, तो आपको कुछ अतिरिक्त परीक्षण करवाने की आवश्यकता हो सकती है। वायरस के कारण यूटीआई होना दुर्लभ है, लेकिन यह उन लोगों में हो जा सकता है, जिनमें अंग प्रत्यारोपण हुआ है या जिनमें किसी अन्य समस्या के कारण उनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया है।

ऊपरी मूत्रमार्ग का यूटीआई

यदि आपके डॉक्टर को संदेह होता है कि आपको ऊपरी मूत्रमार्ग का यूटीआई हो सकता है, तो वह आपको यूरिन टेस्ट के साथ-साथ पूर्ण ब्लड काउंट टेस्ट (CBC) और ब्लड कल्चर टेस्ट कराने की सलाह देगा।

ब्लड कल्चर टेस्ट के जरिये यह पता चलता है, कि कहीं संक्रमण आपके रक्त में तो नहीं फैल गया है। CBC टेस्ट के माध्यम से रक्त में होने वाले नुकसान का जायजा लिया जाता है।

दीर्घकालिक यूटीआई

अधिकांश यूटीआई उपचार के बाद ठीक हो जाते हैं। हालांकि, कुछ लोगों में दीर्घकालिक यूटीआई विकसित हो सकता है। दीर्घकालिक यूटीआई या तो इलाज के बाद पूरी तरह से दूर नहीं होता या बार-बार आता रहता है। बार-बार होने वाला यूटीआई महिलाओं में ज्यादा आम है।

यदि आपको दीर्घकालिक यूटीआई है, तो आपका डॉक्टर आपके मूत्रमार्ग में किसी भी असामान्यता या अवरोधों की जांच कर सकता है। डॉक्टर द्वारा किये जाने वाले कुछ सामान्य परीक्षण निम्न हैं:

  • अल्ट्रासाउंड, जिसमें एक ट्रांसड्यूसर नामक उपकरण आपके पेट के ऊपर से गुजरता है। ट्रांसड्यूसर अल्ट्रासाउंड तरंगों का उपयोग करके आपके मूत्रमार्ग के अंगों की मॉनिटर पर छबि बनाता है।
  • इंट्रावेनस पाइलोग्राम (आईवीपी), जिसमें आपके शरीर में एक डाई इंजेक्ट की जाती है, जो आपके मूत्रमार्ग से होकर गुजरती है। फिर, आपके पेट का एक्स-रे लिया जाता है। डाई एक्स-रे छवि पर आपके मूत्रमार्ग को हाइलाइट करती है।
  • सिस्टोस्कोपी, जिसमें आपके मूत्राशय के अंदर देखने के लिए आपकी मूत्रवाहिनी के माध्यम से एक छोटा कैमरा अंदर डाला जाता है। सिस्टोस्कोपी के दौरान, आपका डॉक्टर मूत्राशय के ऊतकों का एक छोटा सा नमूना भी निकाल सकता है और इसमें मौजूद असमानताओं का परिक्षण कर सकता है।
  • कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन के जरिये आपके मूत्रमार्ग की अधिक विस्तृत छवियां प्राप्त की जाती हैं।

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई

यदि आप गर्भवती महिला हैं और आपमें यूटीआई के लक्षण हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें।

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई होना, आपमें हाई ब्लड प्रेशर और समय से पहले प्रसव का कारण बन सकता है। गर्भावस्था के दौरान यूटीआई के किडनी में फैलने की संभावना अधिक होती है।

यूटीआई का उपचार

यूटीआई का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि यह:

  • बैक्टीरियल है (सबसे आम)
  • वायरल है
  • या फंगल है

आपका डॉक्टर आपके परीक्षण के परिणामों को देखकर यह निर्धारित करने में सक्षम होगा कि यह कौन सा है।

बैक्टीरियल यूटीआई का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है।

वायरल यूटीआई का इलाज एंटीवायरल दवाओं से किया जाता है। अक्सर, वायरल यूटीआई में डॉक्टर सिडोफोविर (cidofovir) नामक एंटीवायरल दवा लिखते हैं।

फंगल यूटीआई का इलाज एंटीफंगल दवाओं से किया जाता है।

यूटीआई के लिए एंटीबायोटिक्स

आमतौर पर, बैक्टीरियल यूटीआई के इलाज के लिए प्रयुक्त एंटीबायोटिक दवाओं का समीकरण इस बात पर निर्भर करता है, कि आपके मूत्रमार्ग के किस हिस्से में यूटीआई फैला है।

निचले मूत्रमार्ग के यूटीआई का इलाज मौखिक एंटीबायोटिक दवाओं से संभव है। लेकिन ऊपरी मूत्रमार्ग के यूटीआई के इलाज में आपको नसों में एंटीबायोटिक दवाओं के इंजेक्शन लेने पड़ सकते हैं।

कभी-कभी, बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं के विरुद्ध प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं। इस जोखिम को कम करने के लिए, डॉक्टर आपको सबसे कम समय वाला उपचार देने की कोशिश करेगा। आमतौर पर उपचार एक सप्ताह से अधिक समय का नहीं होता।

आपके यूरिन कल्चर के परिणाम के आधार पर, डॉक्टर आपके लिए लिए सबसे बेहतर एंटीबायोटिक उपचार चुनने में मदद करेगा, जो आपके बैक्टीरिया के प्रकार के खिलाफ सबसे अच्छा काम करे।

 
 
 
 

यूटीआई के घरेलू उपचार

यूटीआई को ठीक करने के लिए कोई घरेलू उपचार उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन कुछ चीजें हैं जिनके जरिये आप अपनी दवा को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकते हैं।

नीचे दिए गए घरेलू उपचार, जैसे अधिक पानी पीना, आपके शरीर में संक्रमण को तेजी से दूर करने में मदद कर सकते हैं:

खूब पानी पियें

हालाँकि यूटीआई होने पर पेशाब करना दर्दनाक हो सकता है, लेकिन इस दौरान जितना संभव हो उतना तरल पदार्थों का सेवन करना महत्वपूर्ण है, खासकर पानी। अमेरिका के NIH संस्थान के अनुसार एक वयस्क व्यक्ति को रोज कम से कम 2 लीटर पानी पीना चाहिए।

आप जितना अधिक पानी पिएंगे, उतना ही आप पेशाब करेंगे। अधिक पेशाब करने से मूत्रमार्ग से हानिकारक बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

पेशाब को अधिक समय तक न रोकें

अपनी पेशाब को रोककर रखने या पेशाब करने की इच्छा को नज़रअंदाज़ करने से, आपके मूत्रमार्ग में बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं। एक सामान्य नियम के रूप में, जब भी आपको पेशाब लगे, तो हमेशा साफ बाथरूम का ही उपयोग करें।

यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि आप पेशाब करते समय अपने मूत्राशय को पूरी तरह से खाली करें।

साथ ही, सेक्स के बाद हमेशा पेशाब करें, खासकर यदि आप एक महिला हैं। इसके अलावा पेशाब करने के बाद, योनि (या लिंग) को आगे से पीछे पोंछना भी महत्वपूर्ण है।

प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ खाएं

जिन खाद्य पदार्थों में शरीर के लिए फायदेमंद जीवित बैक्टीरिया पाए जाते हैं, उन्हें प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ कहते हैं, जैसे दही में लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus) नामक अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं।

प्रोबायोटिक्स पाचन सुधारते हैं और इम्यून सिस्टम को ठीक करते हैं। तुर्की में हुए एक शोध के अनुसार, यह यूटीआई के इलाज और रोकथाम में भी प्रभावी हो सकते हैं।

महिलाओं में यूटीआई होने पर, खराब बैक्टीरिया योनि में अच्छे बैक्टीरिया की जगह ले लेते हैं, विशेष रूप से लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया की। इसलिए महिलाओं में प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया को बहाल कर सकते हैं और यूटीआई की पुनरावृत्ति को कम कर सकते हैं।

अधिक विटामिन सी लें

विटामिन सी का सेवन बढ़ाने से यूटीआई को रोकने में मदद मिल सकती है।

शोधों से पता चलता है कि विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और संक्रमण को रोकने के लिए मूत्र को अम्लीकृत करने में मदद कर सकता है।

ढीले कपड़े पहनें

सूती (कॉटन) के और ढीले-ढाले कपड़े पहनने से जननांग क्षेत्र को सूखा और साफ रखने में मदद मिलती है, जिससे पहले से मौजूद यूटीआई संक्रमण का इलाज करने में अतिरिक्त मदद मिल सकती है।

टाइट-फिटिंग कपड़े और कुछ प्रकार के नायलॉन कपड़े नमी को फंसाये रख सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया को जननांग क्षेत्र में बढ़ने का अनुकूल माहौल मिल जाता है।

गर्भनिरोधक तरीकों को बदलने के बारे में विचार करें

2011 में नाइजीरिया में हुए एक शोध के अनुसार, कुछ गर्भनिरोधक तरीके कुछ महिलाओं में यूटीआई को बढ़ावा देने में योगदान दे सकते हैं।

यदि आप डायाफ्राम, शुक्राणुनाशक, या बिना चिकनाई वाले कंडोम का उपयोग करते/करतीं हैं और आपको बार-बार यूटीआई होता है, तो गर्भनिरोध के अन्य तरीकों को खोजने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

क्रैनबेरी

क्रैनबेरी में मौजूद एक रसायन कुछ प्रकार के बैक्टीरिया को रोकने में मदद कर सकता है, जो आपके मूत्राशय की परत से जुड़कर बैक्टीरियल यूटीआई का कारण बन सकता है। यह भविष्य के यूटीआई को रोकने में मददगार हो सकता है। हालाँकि, एक बार यदि आपको यूटीआई हो जाये तो क्रैनबेरी या इसका जूस उसका इलाज नहीं करता।

अनुपचारित यूटीआई

यूटीआई का इलाज करवाना महत्वपूर्ण है – जितना जल्दी हो सके उतना बेहतर। अनुपचारित यूटीआई अधिक से अधिक गंभीर होता चला जाता है और आगे फैलता जाता है।

आमतौर पर, एक यूटीआई का निचले मूत्रमार्ग में इलाज करना सबसे आसान होता है। यदि यह संक्रमण ऊपरी मूत्रमार्ग में फैल जाता है, तो इसका इलाज करना अधिक कठिन होता है और आपके रक्त में फैलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे आपको सेप्सिस हो जाता है। यह एक जानलेवा स्थिति होती है।

यदि आपको संदेह है कि आपको यूटीआई है, तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एक साधारण जांच और मूत्र या रक्त का टेस्ट, आपको भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा सकता है।

यूटीआई की रोकथाम

यूटीआई को रोकने में मदद करने के लिए. हर कोई निम्नलिखित कदम उठा सकता है:

  • रोज 6 से 8 गिलास पानी पियें।
  • लम्बे समय तक पेशाब को रोके न रखें।
  • यदि आपको अपने मूत्र को रोकने में समस्या आती है या आप अपने मूत्राशय को पूरा खाली नहीं कर पाते, तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई होने की संभावना 30 गुना अधिक होती है। कुछ कदम महिलाओं में यूटीआई को रोकने में मदद कर सकते हैं।

यदि आप रजोनिवृत्त महिला हैं (जिनका मासिक धर्म बंद हो चुका है), या कुछ समय में होने वाली हैं, तो टोपिकल या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई योनि एस्ट्रोजन क्रीम यूटीआई को रोकने में मददगार हो सकती है। यदि आपके डॉक्टर को लगता है कि आपमें बार-बार यूटीआई होने का कारण सेक्स है, तो वह सेक्स के बाद या नियमित रूप से निवारक एंटीबायोटिक दवाएं लेने की सलाह दे सकता है।

कुछ शोधों से पता चला है कि 65 से अधिक उम्र के वयस्कों द्वारा नियमित रूप से निवारक एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग से यूटीआई का जोखिम कम होता है।

रोजाना क्रैनबेरी सप्लीमेंट लेने से या लैक्टोबैसिलस जैसे प्रोबायोटिक्स का उपयोग करने से भी यूटीआई की रोकथाम में मदद मिल सकती है। कुछ शोधों से पता चलता है कि प्रोबायोटिक वैजिनल सपोसिटरी (probiotic vaginal suppositories) का उपयोग करने से, योनि में पाए जाने वाले बैक्टीरिया को स्वस्थ स्तर तक ले जाया जा सकता है, जिससे यूटीआई की सम्भावना और पुनरावृत्ति को कम होती है।

आपके लिए कौन सी रोकथाम योजना बेहतर होगी, इसका पता लगाने के लिए अपने डॉक्टर से चर्चा करना सुनिक्षित करें।

निष्कर्ष

यूटीआई एक अपेक्षाकृत सामान्य स्थिति है। इसमें मूत्राशय, मूत्रवाहिनी या किडनी का संक्रमण होना शामिल हो सकता है।

इसके होने के सबसे आम कारक बैक्टीरिया हैं, हालांकि यह वायरस या फंगस के कारण भी हो सकता है।

यदि आपको संदेह है कि आपको यूटीआई हो सकता है, तो पहचान और उचित उपचार के लिए अपने डॉक्टर से मिलना महत्वपूर्ण है।

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