पौरुष शक्ति बढ़ाने वाली 4 आयुर्वेदिक दवायें

आयुर्वेदिक चिकित्सा शरीर की किसी भी समस्या को प्राकृतिक तरीकों से ठीक करने की प्रक्रिया होती है। इसका हजारों साल पहले भारत में अविष्कार हुआ था।

इस चिकित्सा में जड़ी बूटियों के सेवन, खानपान में कुछ दिशानिर्देशों का पालन और कुछ विशिष्ट अभ्यासों (योग) का संयुक्त रूप से पालन किया जाता है। इलाज करने के लिए इसमें व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के अलावा उनके मनोवैज्ञानिक, आध्यात्मिक और सामाजिक घटकों को भी सम्बोधित करने का प्रयास किया जाता है।

पुरुषों में पौरुष शक्ति कम होने के सबसे मुख्य कारण होते हैं – लिंग को ठीक से या ज्यादा देर तक खड़ा न रख पाना, डिप्रेशन या तनाव होना, लिंग के रक्त संचार में कमी होना, उम्र बढ़ना आदि। यह एक सामान्य समस्या है जो आमतौर पर 40 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में होती है।

पौरुष शक्ति बढ़ाने के लिए अक्सर आपमें पहले से मौजूद मनोवैज्ञानिक और शारीरिक समस्याओं को संबोधित करना शामिल होता है, जो आपकी यौन क्रिया पर विपरीत प्रभाव डाल रहे होते हैं।

शोध बताते हैं कि कुछ आयुर्वेदिक दवाएं पुरुषों में नामर्दी दूर करने और पौरुष शक्ति बढ़ाने में सहायता कर सकती हैं:

1. अश्वगंधा

अश्वगंधा

अश्वगंधा एक जड़ी बूटी है जो आमतौर पर आयुर्वेदिक दवाओं में उपयोग की जाती है। इसे भारतीय जिनसेंग के नाम से भी जाना जाता है।

2013 में महाराष्ट्र में हुए एक शोध में पाया गया है कि अश्वगंधा पुरुषों के शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। अश्वगंधा ऐसा हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करके और आपकी कोशिकाओं को स्वस्थ बनाकर करता है।

इस जड़ी बूटी का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने और तनाव को कम करने में भी किया जाता है। यह दोनों ही कारक आपमें पौरुष शक्ति में कमी आने के कारण बन सकते हैं।

आप इस जड़ी बूटी को अधिकांश मेडिकल स्टोर से या ऑनलाइन खरीद सकते हैं। यह पाउडर और कैप्सूल के रूप में उपलब्ध होता है।

इसके सबसे प्रभावशाली होने के लिए, आपको एक उच्च दैनिक खुराक (प्रति दिन 6,000 मिलीग्राम तक) लेने की सलाह दी जाती है।

2. शतावरी

शतावरी

शतावरी जड़ी बूटी की एक विशेष प्रजाति है जो भारत, नेपाल और श्रीलंका के क्षेत्रों में उगती है। इसे “सौ रोगों का इलाज” के नाम में भी जाना जाता है।

शतावरी का उपयोग कई आयुर्वेदिक वजीकरण मिश्रणों की तैयारियों में किया जाता है, यह यौन क्रिया और स्वास्थ्य में सुधार के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है।

कुछ शोधों में इसे पुरुषों के रक्त संचार सुधारने और तंत्रिकाओं को आराम देने में, पौरुष शक्ति बढ़ाने में फायदेमंद पाया गया है। आयुर्वेदिक परंपरा में, इसे एक कामोत्तेजक पदार्थ भी माना जाता है, जो इसका इस्तेमाल करने वालों में प्यार और वफादारी को बढ़ावा देता है।

शतावरी बाजार में कैप्सूल और पाउडर के रूप में उपलब्ध होती है। लेकिन पुरुषों के लिए इसका डेली डोज कितना होना चाहिए, इस पर अभी ज्यादा शोध नहीं हुए हैं। इसलिए अपने लिए बेहतर डोज जानने के लिए, छोटे डोज से शुरू करें और धीरे-धीरे डोज बढ़ाएं।

 
 
 
 

3. सफेद मूसली

सफ़ेद मूसली

सफेद मूसली भी एक वजीकरण जड़ी बूटी है। इसने कई प्रयोगशाला शोधों में अपने कामोत्तेजक प्रभावों को साबित किया है, और कुछ शोध बताते हैं कि यह शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाती है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, सफेद मुसली का दैनिक डोज 2 ग्राम होना चाहिए। इसे कैप्सूल या शुद्ध पाउडर के रूप में खरीदा जा सकता है।

4. कैसिया दालचीनी

दालचीनी

कैसिया दालचीनी (Cassia cinnamon) एक प्रकार की दालचीनी है, जो भारत में उगने वाले सदाबहार पेड़ की छाल से निकाली जाती है।

2014 में बैंगलोर में हुए एक शोध में कैसिया दालचीनी को पौरुष शक्ति और कामोत्तेजना बढ़ाने में फायदेमंद पाया गया है।

कैसिया दालचीनी मीठे पदार्थों में उपयोग की जाने वाली अन्य दालचीनी की प्रजातियों से अलग होती है। इसका मतलब है कि पिसी हुई कैसिया दालचीनी पाउडर ढूंढना उतना आसान नहीं है। इसलिए इसे खरीदते समय चेक कर लें कि यह कैसिया दालचीनी ही है।

यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पौरुष शक्ति बढ़ाने के लिए कैसिया दालचीनी के अधिकतम दैनिक डोज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, इसलिए सही डोज का पता लगाने ले लिए आपको टेस्ट करके देखना होगा।

योग

आयुर्वेदिक के जरिये किसी भी स्वास्थ्य समस्या के उपचार के लिए, साथ में योग करना भी महत्वपूर्ण होता है।

योग के स्वास्थ्य लाभों पर कई शोध हो चुके हैं, और सभी में इसे आयुर्वेदिक उपचार में अतिरिक्त मदद करने में फायदेमंद पाया है। योग में स्ट्रेचिंग और मेडिटेशन की जाती है, जिससे रक्त संचार में सुधार होता है और तनाव के स्तर को कम करने में मदद मिलती है।

हालाँकि पौरुष शक्ति में सुधार करने के लिए अकेले तनाव-स्तर को नियंत्रित करना पर्याप्त हो सकता है, लेकिन कलकत्ता में हुए एक शोध में योग को टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बेहतर रखने में भी फायदेमंद पाया गया है।

आप किसी योगी के नेतृत्व वाली क्लास में भाग लेकर या घर पर ही मोबाइल पर योग की वीडियो देखकर, किसी भी समय योग अभ्यास शुरू कर सकते हैं।

निष्कर्ष

पौरुष शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं और योग का उपयोग करने के कई स्पष्ट लाभ होते हैं। वियाग्रा जैसी सिंथेटिक दवाओं की तुलना में इनका कोई कठोर दुष्प्रभाव नहीं होता है।

साथ ही इन जड़ी बूटियों को लम्बे समय तक बिना किसी दुष्प्रभाव के लिया जा सकता है, जिसका मतलब है कि आप बिना किसी चिंता के विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं के संयोजनों का उपयोग करके देख सकते हैं, और अपने लिए बेहतर विकल्प का चुनाव कर सकते हैं।

अपनी मानसिक शक्ति में सुधार और तनाव से छुटकारा पाने के लिए योग का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, यह आयुर्वेदिक दवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने में भी मददगार हो सकता है।

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