सेक्स इच्छा में कमी के आम कारण और ठीक करने के तरीके

समय-समय पर सेक्स की रुचि में कमी आना आम बात है, और कामेच्छा का स्तर जीवन भर बदलता रहता है। ऐसा होना भी संभव है कि आपकी कामेच्छा अपनी साथी के साथ मेल न खाये। यानि कभी उसे ज्यादा इच्छा हो और कभी आपको।

हालांकि, लंबे समय तक सेक्स इच्छा में कमी कुछ लोगों के लिए चिंता का कारण हो सकती है। यह कभी-कभी किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।

यहाँ पर पुरुषों में सेक्स इच्छा की कमी के कुछ संभावित कारण और उन्हें ठीक करने के तरीके दिए गए हैं:

टेस्टोस्टेरोन में कमी

पुरुषों के लिए टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण सेक्स हार्मोन होता है, और यह ज्यादातर अंडकोष में उत्पन्न होता है।

टेस्टोस्टेरोन आपमें मांसपेशियों व हड्डियों के निर्माण के लिए और शुक्राणु उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए जिम्मेदार होता है। आपकी कामोत्तेजना के निर्माण में भी टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हालाँकि अलग-अलग पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर अलग-अलग हो सकता है, और दिन के 24 घंटों में इसमें कई उतार-चढ़ाव आते हैं। लेकिन, अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, पुरुषों में किसी भी समय टेस्टोस्टेरोन का स्तर 300 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर से नीचे गिरने पर, उनमें टेस्टोस्टेरोन की कमी होना माना जाता है।

जब आपका टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है, तो आपकी सेक्स करने की इच्छा भी कम हो जाती है।

उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होना एक सामान्य प्रक्रिया है। हालाँकि एकदम से या कम समय में टेस्टोस्टेरोन में भारी गिरावट होना चिंता का विषय हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आपकी सेक्स इच्छा पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। आप अपने टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने के लिए डॉक्टर से दवाएं या जेल लेने में सक्षम हो सकते हैं।

दवाएं

कुछ दवाएं लेने से टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, जिसके परिणाम स्वरूप कामेच्छा में भी कमी आ सकती है।

उदाहरण के लिए, रक्तचाप की दवाएं जैसे “एसीई इनहिबिटर” और “बीटा-ब्लॉकर्स” लिंग को खड़ा होने और स्खलन प्राप्त करने से रोक सकती हैं।

अन्य दवाएं जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती हैं, निम्न हैं:

  • कीमोथेरेपी या कैंसर के रेडिएशन इलाज की दवाएं
  • प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाले हार्मोनल दवाएं
  • कोर्टिकोस्टेरोइड (corticosteroids)
  • अफीम में मौजूद ओपिओइड (opioid) नामक पदार्थ से बनी दर्दनिवारक दवाएं, जैसे मॉर्फिन (morphine) और ऑक्सीकोडोन (oxycodone)
  • एक एंटिफंगल दवा जिसे केटोकोनाज़ोल (ketoconazole) कहा जाता है
  • सिमेटिडाइन (cimetidine), जिसका उपयोग पेट में जलन और एसिडिटी से राहत पाने के लिए किया जाता है
  • एनाबॉलिक स्टेरॉयड, जिनका उपयोग बॉडी बिल्डर और एथलीटों द्वारा मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए किया जाता है
  • डिप्रेशन की कुछ दवाएं

यदि आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, और इसके कारण आपके टेस्टोस्टेरोन और कामेच्छा में कमी आ रही है, तो डॉक्टर से बात करें। वह दवा को बदलकर लिख सकता है।

पैर हिलाने की बीमारी

पैर हिलाने की बीमारी में व्यक्ति को अपनेआप अपना पैर हिलाने की आदत होती है, जिसपर उसका नियंत्रण नहीं होता।

एक शोध में पाया गया कि पैर हिलाने की बीमारी वाले पुरुषों में स्तंभन दोष विकसित होने का जोखिम अन्य पुरुषों की तुलना में अधिक होता है। स्तंभन दोष तब होता है जब कोई पुरुष अपना लिंग खड़ा नहीं कर पाता या लम्बे समय तक खड़ा बनाये नहीं रख पाता।

शोध में, शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन पुरुषों में प्रति माह कम से कम पांच बार पैर हिलाने की समस्या होती है, उनमें अन्य पुरुषों की तुलना में स्तंभन दोष विकसित होने की संभावना लगभग 50 प्रतिशत अधिक होती है।

साथ ही, जिन पुरुषों में पैर हिलाने के प्रकरण पांच से अधिक बार हुए थे, उनके नपुंसक होने की संभावना और भी अधिक थी।

डिप्रेशन

डिप्रेशन व्यक्ति के जीवन के हर हिस्से को बदल देता है। डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को उन गतिविधियों में कम या पूरी तरह इच्छा न होने का अनुभव होता है, जिन्हें वह कभी आनंददायक पाता था, जिसमें सेक्स भी शामिल है।

सेक्स इच्छा में कमी कुछ डिप्रेशन की दवाओं के दुष्प्रभाव के रूप में भी हो सकती है, जैसे:

  • सेरोटोनिन-नॉरपेनेफ्रिन रीपटेक इनहिबिटर (SNRIs), जैसे कि डुलोक्सेटीन (duloxetine)
  • सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (SSRI), जैसे फ्लुओक्सेटीन (fluoxetine) और सेराट्रलाइन (sertraline)

हालांकि, नॉरपेनेफ्रिन और डोपामाइन रीपटेक इनहिबिटर (NRDI) आधारित डिप्रेशन की दवाएं जैसे बुप्रोपियन (bupropion) से कामेच्छा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

यदि आप डिप्रेशन की दवाएं ले रहे हैं और आपकी कामेच्छा कम है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। वह आपकी दवा में कुछ बदलाव लाकर दुष्प्रभावों को कम करने का प्रयास करेगा।

 
 
 
 

पुरानी बीमारी

जब आप किसी पुरानी या दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्या जैसे कि पुराने दर्द के प्रभावों के कारण अच्छा महसूस नहीं कर रहे होते हैं, तो आपकी प्राथमिकताओं की सूची में सेक्स के होने की संभावना कम है।

कुछ बीमारियां, जैसे कि कैंसर, आपके शुक्राणु उत्पादन की संख्या को भी कम कर सकती हैं।

अन्य पुरानी बीमारियां जो आपकी कामेच्छा पर असर डाल सकती हैं वह निम्न हैं:

  • टाइप 2 डायबिटीज
  • मोटापा
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • दीर्घकालिक फेफड़े, हृदय, गुर्दे और यकृत की समस्या

यदि आप किसी पुरानी बीमारी से झूझ रहे हैं, तो इस दौरान अपनी साथी से अंतरंग होने के तरीकों के बारे में बात करें। आप अपनी समस्याओं के बारे में किसी मैरिज काउंसलर या सेक्स थेरेपिस्ट से मिलने पर भी विचार कर सकते हैं।

नींद की समस्याएं

अमेरिका के JCSM संस्थान में प्रकाशित हुए एक शोध में पाया गया कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (रात को बार-बार नींद खुलने की समस्या) वाले गैर-मोटे पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है। इसके कारण उनकी यौन गतिविधि और कामेच्छा में कमी आती है।

शोध में, शोधकर्ताओं ने पाया कि गंभीर स्लीप एपनिया वाले लगभग एक तिहाई पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अत्यधिक कम था।

2011 में युवा और स्वस्थ पुरुषों पर हुए एक शोध में, एक सप्ताह के लिए उनकी नींद को प्रतिदिन पांच घंटे तक सीमित करने के बाद ,उनके टेस्टोस्टेरोन के स्तर में 10 से 15 प्रतिशत की कमी पाई गई।

शोधकर्ताओं ने पाया कि टेस्टोस्टेरोन के स्तर पर नींद को प्रतिबंधित करने के प्रभाव विशेष रूप से दोपहर 2:00 बजे से रात 10:00 बजे के बीच अधिक स्पष्ट थे।

उम्र

टेस्टोस्टेरोन का स्तर, जिसका कामेच्छा से सीधा सम्बन्ध होता है, पुरुषों में किशोरावस्था में उच्चतम स्तर पर होता है।

इसके बाद जैसे-जैसे पुरुषों की उम्र बढ़ती है, तो उनके टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर भी कम होता जाता है और उन्हें उत्तेजित होने, स्खलित होने व ऑर्गाज्म प्राप्त करने में अधिक समय लगने लगता है।

हालांकि, कुछ दवाएं उपलब्ध हैं जो इस समस्या के इलाज में मदद कर सकती हैं।

तनाव

यदि आप अधिक तनाव की स्थितियों या अवधियों में विचलित हो जाते हैं, तो इस दौरान आपकी यौन इच्छा भी कम हो सकती है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि तनाव आपके हार्मोन के स्तर को बाधित कर सकता है। तनाव के समय आपकी धमनियां संकरी हो सकती हैं जिससे रक्त प्रवाह प्रतिबंधित हो सकता है और संभावित रूप से स्तम्भन दोष का कारण बनता है।

2012 में प्रकाशित एक शोध ने इस धारणा का समर्थन किया कि तनाव का पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन इच्छा पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

अभिघातजन्य तनाव विकार (PTSD) से झूझ रहे पुरुषों पर हुए के एक अन्य शोध में पाया गया कि इस तनाव विकार ने उनके यौन रोग के जोखिम को तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया।

PTSD ऐसा विकार होता है, जिसमें व्यक्ति किसी भयानक घटना का अनुभव करने या देखने के बाद तनाव ग्रस्त हो जाता है। यह स्थिति व्यक्ति में महीनों या वर्षों तक बनी रह सकती है। इसके लक्षणों में फ्लैशबैक (घटना का स्मरण), बुरे सपने और गंभीर चिंता, साथ ही घटना के बारे में बेकाबू विचार शामिल हो सकते हैं।

तनाव से बचना मुश्किल है। रिश्ते की समस्याएं, तलाक, किसी प्रियजन की मृत्यु का सामना करना, वित्तीय चिंताएं, एक नया बच्चा आना, या व्यस्त काम का माहौल जीवन की कुछ ऐसी घटनाएं हैं जो व्यक्ति को तनावग्रस्त कर सकती हैं और सेक्स की इच्छा को बहुत अधिक प्रभावित कर सकती हैं।

तनाव को नियंत्रित करने की तकनीकें, जैसे साँस लेने के व्यायाम, योग और मनोवैज्ञानिक से मिलने आदि अपनाने से आपको मदद मिल सकती है।

उदाहरण के लिए, एक शोध में, जिन पुरुषों में तनाव के कारण स्तंभन दोष होना पाया गया था, उनके द्वारा 8 सप्ताह के लिए तनाव प्रबंधन कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उनके यौन स्वास्थ्य में अत्यधिक सुधार देखा गया।

आत्म-सम्मान में कमी

आत्म-सम्मान को उस सामान्य राय के रूप में परिभाषित किया जाता है जो किसी व्यक्ति की अपने स्वयं के बारे में होती है। कम आत्मसम्मान, कम आत्मविश्वास और खराब शरीर की छवि आपके भावनात्मक स्वास्थ्य और कल्याण पर भारी पड़ सकती है।

यदि आपको लगता है कि आप अनाकर्षक हैं, या अवांछनीय हैं, तो यह सोच संभवतः आपके यौन संबंधों में बाधा डालेगी। आप जो अपनी छवि आईने में देखते हैं उसे पसंद न करना भी आपमें पूरी तरह से सेक्स न करने की इच्छा पैदा कर सकता है।

आत्मसम्मान की कमी आपमें सेक्स परफॉरमेंस को लेकर भी चिंता पैदा कर सकती है, जिसके परिणाम स्वरूप स्तंभन दोष जैसी समस्याएं हो सकती हैं और यौन इच्छा कम हो सकती है।

समय के साथ, आत्मसम्मान के मुद्दों के परिणामस्वरूप बड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि डिप्रेशन, चिंता, और नशीली दवाओं या शराब का दुरुपयोग – ये सभी कम कामेच्छा से जुड़ी हुई हैं।

 
 
 
 

बहुत कम (या बहुत अधिक) एक्सरसाइज

बहुत कम (या बहुत अधिक) एक्सरसाइज करना भी पुरुषों में सेक्स इच्छा में कमी का कारण बन सकती है।

बहुत कम एक्सरसाइज (या बिल्कुल भी न करना), व्यक्ति में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है जो उसकी यौन इच्छा और उत्तेजना को भी प्रभावित कर सकती है।

नियमित संतुलित एक्सरसाइज, जैसे तेजी से चलना, तैराकी, साइकिल चलना, मैदानी खेल खेलना आदि करने से आप मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज जैसी दीर्घकालिक समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। ये सभी समस्याएं कम कामेच्छा से जुड़ी हैं।

वहीं दूसरी ओर, अत्यधिक भारी एक्सरसाइज को भी यौन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालते हुए पाया गया है। एक शोध के अनुसार, नियमित रूप से तीव्र और लम्बी रेसिस्टेंस ट्रेनिंग पुरुषों में कम कामेच्छा के साथ दृढ़ता से जुड़ी है।

शराब

भारी शराब पीने, या एक सप्ताह में 14 से अधिक पैक पीने को भी टेस्टोस्टेरोन उत्पादन में कमी से जुड़ा हुआ पाया गया है। लंबे समय तक, अत्यधिक मात्रा में शराब पीना आपकी सेक्स इच्छा को कम कर सकता है।

डॉक्टर्स के अनुसार जो पुरुष रोज तीन या उससे अधिक पैक शराब का सेवन करते हैं, उन्हें कम पीने पर विचार करना चाहिए। इससे अधिक शराब पीने पर उनके सम्पूर्ण दीर्घकालिक स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है।

नशीले पदार्थ

शराब के अलावा, तंबाकू, मारिजुआना और अफीम जैसी अवैध नशीली दवाओं के उपयोग को भी टेस्टोस्टेरोन उत्पादन में कमी से जुड़ा हुआ पाया गया है। इनके अधिक सेवन के परिणामस्वरूप यौन इच्छा में कमी आ सकती है।

धूम्रपान को शुक्राणु उत्पादन और शुक्राणु की गति पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हुए पाया गया है।

सेक्स इच्छा में कमी के शारीरिक और भावनात्मक दुष्प्रभाव

घटी हुई सेक्स इच्छा पुरुषों के लिए बहुत परेशान करने वाली हो सकती है। कम कामेच्छा शारीरिक और भावनात्मक दुष्प्रभावों का एक दुष्चक्र पैदा कर सकती है – जिसमें स्तंभन दोष भी शामिल है, जो संतोषजनक यौन संबंध रखने के लिए जरूरी लंबे समय तक लिंग को खड़ा बनाए रखने में असमर्थता है।

स्तंभन दोष एक आदमी को सेक्स के प्रति चिंता का अनुभव करा सकता है। इससे उसके और उसके साथी के बीच तनाव और संघर्ष पैदा हो सकता है, जो बदले में कम सेक्स और अधिक रिश्तों की समस्याओं को जन्म दे सकता है।

स्तंभन दोष के कारण सेक्स में प्रदर्शन करने में विफलता व्यक्ति में डिप्रेशन, आत्म-सम्मान की कमी और खराब शरीर की छवि की भावनाओं को ट्रिगर कर सकती है।

निष्कर्ष

सेक्स इच्छा में कमी का इलाज अक्सर इसके अंतर्निहित कारक के इलाज पर निर्भर करता है।

यदि आपकी सेक्स इच्छा में कमी एक अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या के कारण है, तो आपको इसका इलाज करवाने के बारे में सोचना चाहिए।

यदि आपकी कम कामेच्छा के मनोवैज्ञानिक कारक हैं, तो आपको परामर्श के लिए मनोचिकित्सक के पास जाने की आवश्यकता हो सकती है।

आप अपनी कामेच्छा को बढ़ाने के लिए खुद से भी कुछ कदम उठा सकते हैं। निम्नलिखित क्रियाओं में आपकी कामेच्छा बढ़ाने की क्षमता है:

  • स्वस्थ जीवनशैली जीना
  • पर्याप्त नींद लेना
  • तनाव को नियंत्रित करने का अभ्यास करना
  • स्वस्थ आहार का सेवन करना

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