सेक्स से जुड़े पुरुषों के 5 डर और उनके निदान

आपने अक्सर सुना होगा कि महिलाओं के मन में सेक्स के प्रति कई डर होते हैं। लेकिन आपको शायद ही पता हो कि पुरुषों के मन में भी सेक्स को लेकर कुछ डर होते हैं।

यहाँ पर पुरुषों में सेक्स के दौरान होने वाले 5 डर और उनके निदान दिए जा रहे हैं –

ऐसा अक्सर माना जाता है कि पुरुष अपनी महिला पार्टनर के मुकाबले ज्यादा निडर और सेक्सुअली एक्टिव होते हैं और पहले पहल करते हैं। लेकिन अक्सर पुरुषों में भी सेक्स से सम्बंधित कुछ डर होते हैं, जो उनकी सेक्सुअल लाइफ पर काफी बुरा असर डाल सकते हैं।

सेक्स में ठीक से परफॉरमेंस न कर पाना, सही सेक्स पोजीशन न अपना पाना, वीर्य जल्दी गिर जाना, अपने पार्टनर को पूरा orgasm न दे पाना और सेक्स में होने वाले कुछ वाइल्ड एक्ट आदि पुरुषों की सेक्स इच्छा में कमी ला सकते हैं। जब यह डर पुरुषों के दिमाग में चलते रहते हैं तो वह न तो अपनी महिला पार्टनर को पूर्ण संतुष्ट कर पाते हैं और न ही खुद सेक्स का पूरा मजा ले पाते हैं।

चंडीगढ़ के सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. दीपक अरोरा बताते हैं कि “पुरुष हमेशा अपने सेक्स और सेक्सुअलिटी को अपने अहम् (ego) से जोड़ते हैं और इसमें कभी भी फेल नहीं होना चाहते। यह उनके मन का सबसे बड़ा डर होता है, जो परफॉरमेंस न कर पाने की चिंता को बढ़ाता है। यह चिंता, सेक्स के परफॉरमेंस को और अधिक कम कर देती है। इससे पुरुष अपनी महिला पार्टनर को पूर्ण संतुष्ट करने में असफल रहते हैं और उनके रिश्तों में दरार आने लगती है।”

रिलेशनशिप काउंसलर डॉ. गीतांजलि शर्मा बताती हैं कि “पुरुषों को यह समझना जरूरी है कि जब बात उनके सेक्सुअल परफॉरमेंस की आती है तो वो अपनी क्षमता से आगे नहीं जा सकते। बल्कि इसकी चिंता करने से परफॉरमेंस में और ज्यादा कमी आ जाती है। इसलिए अपनी क्षमतानुसार परफॉर्म करने के लिए दोनों ही पार्टनर्स को दिमागी रूप से तैयार होना जरूरी है। ऐसा करने से आप पूर्ण संतुष्ट हो जायेंगें और अधिक परफॉर्म न कर पाने का डर ख़त्म हो जायेगा। सेक्स को आनंद प्राप्त करने के लिए किया जाता है, न कि परफॉरमेंस करने के लिए। इसलिए परफॉरमेंस की चिंता को छोड़कर, हर पल सेक्स का आनंद लेने की कोशिश करें।”

पुरुषों के मन में अपने पार्टनर को संतुष्ट न कर पाने के डर के बारे में डॉ. गीतांजलि बताती हैं कि “जब तक आपकी महिला पार्टनर भावनात्मक रूप से संतुष्ट है तब तक आप आसानी से उसकी सेक्सुअल जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। आप एक दूसरे से जितना ज्यादा भावनात्मक रूप से जुड़े होंगे, उतना ही ज्यादा आनंदपूर्ण आपका सेक्स होगा। शारीरिक कामुकता पर तभी ज्यादा ध्यान दें जब आपकी महिला पार्टनर इसके लिए तैयार हो, ऐसा करने से उसके मन में कम्फर्ट जोन बनेगा और वो भी इसमें समान रूप से साथ देगी। और, हमेशा सेक्स के दौरान शांत और रिलैक्स रहें और फोरप्ले पर ज्यादा ध्यान दें। ऐसा करने से आपको अपना पूर्ण परफॉरमेंस देने से कोई नहीं रोक सकता।”

यहाँ पर दिए जा रहे हैं सेक्स के दौरान पुरुषों के मन में आने वाले 5 डर और उनके निदान –

महिला पार्टनर को पूर्ण संतुष्ट न कर पाने का डर

पुरुषों में अपनी पार्टनर को पूर्ण संतुष्ट न कर पाने का डर सबसे ज्यादा पाया जाता है, इनमें भी वो पुरुष जिनका लिंग छोटा होता है उन्हें ज्यादा डर होता है।

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चूँकि महिलाएँ बढ़े लिंग को ज्यादा पसंद करती हैं, इसलिए छोटे लिंग वाले पुरुषों को हमेशा यह चिंता सताती रहती है कि ‘वो अपनी पार्टनर को पूर्ण आनंद प्रदान कर पाएंगे भी या नहीं?’

इसके चलते पुरुष अपने आप को असक्षम सेक्स पार्टनर समझने लगते हैं, जिसके कारण उनके अहम् पर और ज्यादा आघात पड़ता है।

समाधान

डॉ. गीतांजलि बताती हैं कि “औरत को संतुष्ट न कर पाने के डर के कारण, पुरुष के मन में कई सवाल उठते हैं। वो यह सोचने लगता है कि कहीं उसकी पार्टनर किसी और से यौन संतुष्टि प्राप्त करने की तलाश न करने लगे। और उसके किसी और के साथ होने का विचार (उसका परफॉरमेंस कम होने कारण), परिस्थिति को और ज्यादा जटिल बना देता है।”

“यह परिस्थिति एक दुष्चक्र की तरह होती है, मतलब पुरुष जितना ज्यादा इसके बारे में सोचता है, उसकी चिंता उतनी ही ज्यादा बढ़ती जाती है और उसकी अपनी महिला पार्टनर को संतुष्ट न कर पाने की क्षमता, और ज्यादा कम हो जाती है।

“बिस्तर में प्रदर्शन मुख्य रूप से एक महिला की मन की स्थिति पर निर्भर करता है। एक मजबूत कनेक्शन स्थापित करने के लिए आपको अपनी पार्टनर के शरीर के साथ सहज रहने की जरूरत है।”

“सेक्स में धीरे-धीरे आगे बढ़ें और चिंता करने के वजाय अपने पार्टनर के सेंसिटिव पार्ट्स को जगाकर उसे समझने की कोशिश करें।”

शीघ्रपतन या वीर्य जल्दी गिरने का डर

एक दूसरे को पूर्ण संतुष्टि देने को ही एक अच्छा सेक्स माना जाता है। पुरुष अपनी महिला पार्टनर को आनंद देने के लिए हर संभव प्रयास करता है, और उसे करना भी चाहिए। लेकिन ज्यादातर समय उसे यही चिंता सताती रहती है कि कहीं उसका वीर्य जल्दी न गिर जाये। पुरुषों में या डर होना काफी आम बात है, जिसमें उन्हें शीघ्रपतन की समस्या होती है और उनके सेक्स का अंत काफी ख़राब होता है।

समाधान

डॉ. अरोरा स्पष्ट करते हैं कि “मेडिकल साइंस के अनुसार, जो पुरुष अपने वीर्य को कम से कम एक मिनट तक स्खलित होने से रोक सकते हैं उन्हें शीघ्रपतन की समस्या नहीं होती। लेकिन दुर्भाग्य से काफी कम लोगों को यह बात पता है और वो नकली विज्ञापन या पोर्न मूवीज को देखकर गुमराह हो जाते हैं।”

“पोर्न मूवीज में स्टार्स को लम्बे समय तक सेक्स करते देख उन्हें यह लगता है उनका सेक्स टाइम काफी कम है या वह नामर्दी के शिकार हैं। “

“लेकिन, इन मूवीज को कई शॉट्स मिलाकर बनाया जाता है और कुछ मामलों में मेल स्टार्स सेंसिटिविटी कम करने वाली दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। कुछ स्टार्स का वीर्य स्खलन का समय प्राकृतिक रूप से ज्यादा हो सकता है, लेकिन एक सामान्य पुरुष के वीर्य स्खलन का समय एक से दो मिनट का ही होता है। इसलिए, ज्यादातर मामलों में शीघ्रपतन की समस्या वास्तव में होती ही नहीं है, बल्की इसके होने की गलत धरना मन में होती है।”

एक बात ध्यान रखें, सेक्स में सिर्फ पेनीट्रेशन ही सबकुछ नहीं होता बल्कि फोरप्ले भी जरूरी होता है। यदि आप लम्बे समय तक सेक्स का आनंद लेना चाहते हैं तो ज्यादा से ज्यादा फोरप्ले करें।

अपनी पार्टनर को प्रेग्नेंट न कर पाने का डर

चूँकि यह जरूरी नहीं कि हर बार महिला को प्रेग्नेंट करने के लिए ही सेक्स किया जाता हो, लेकिन फिर भी कई पुरुषों के मन में बच्चा पैदा न कर पाने का डर रहता है। अपनी महिला पार्टनर को प्रेग्नेंट न कर पाने की लगातार चिंता करने से पुरुष का सेक्सुअल परफॉरमेंस और ज्यादा कम हो जाता है।

समाधान

डॉ. अरोरा के अनुसार “बच्चे पैदा करने की प्रक्रिया, महिला और पुरुष दोनों की स्वास्थ्य स्थिति और भाग्य पर निर्भर करती है। ऐसे कई केसेस हैं जिनमें मेडिकली सबकुछ नॉर्मल होते हुए भी महिला गर्भधारण नहीं कर पाती। इसलिए आपको एक स्वस्थ जीवनशैली, उचित खानपान और खुद के प्रति सकारात्मक सोच रखने की जरूरत है। यदि शुक्राणुओं की कमी के कारण आप बाप नहीं बन पा रहे हैं, तो इसका इलाज संभव है, इसलिए इसके बारे में ज्यादा चिंता न करें। आपको सबसे पहले अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर और आनंदपूर्ण बनाने की जरूरत है, न कि बच्चा पैदा करने की।”

पोर्न मूवीज जैसे सेक्सुअल एक्ट को न दोहरा पाना

पुरुष अक्सर पोर्न मूवीज में कुछ सेक्सुअल एक्ट्स या पोसिशन्स को देखकर उन्हें अपने पार्टनर के साथ दोहराने की कोशिश करते हैं, और इसमें कोई गलत बात भी नहीं है। लेकिन सेक्स में कुछ नया करने या वाइल्ड एक्ट्स को लाने के लिए पुरुष बार-बार इन पोर्न क्रियाओं को करने की कोशिश करते हैं। और कई बार, जब महिला पार्टनर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती तो पुरष को यह लगने लगता है कि उसके एक्ट में कोई कमी रह गई।

समाधान

डॉ. गीतांजलि कहती हैं कि “पुरुष अक्सर अपने सेक्सुअल परफॉरमेंस को पोर्न एक्टर के परफॉरमेंस के साथ तुलना करते हैं। उन्हें डर रहता है कि उनमें पोर्न एक्टर्स की तरह अनुभव नहीं है और वह अपनी पार्टनर को पूर्ण आनंद नहीं दे पायेंगे। पुरुषों को यह समझना जरूरी है कि बेड में परफॉर्मेंस का, किसी भी प्रकार के अनुभव से कोई लेना-देना नहीं होता। बल्कि, सेक्स में सबसे जरूरी होता है आपका अपने पार्टनर के साथ भावात्मक और मानसिक जुड़ाव। ऐसा होने से, फिर आपको किसी पोर्न एक्ट से प्रेणना लेने की जरूरत नहीं पड़ती।”

अतीत में किया गया हस्तमैथुन

कुछ शोध यह दावा करते हैं कि बचपन या किशोर अवस्था में किये गए हस्तमैथुन का व्यक्ति की आज की सेक्स लाइफ पर कोई बुरा नहीं पड़ता। लेकिन, पुरुषों में इससे सम्बंधित कई डर मौजूद होते हैं। पुरुष अक्सर अपने ख़राब बैडरूम परफॉरमेंस का कारण अपने हस्तमैथुन की आदत को मानते हैं। वो भूल जाते हैं कि अपनी पार्टनर को पूर्ण संतुष्ट करने के लिए उन्हें अपने आज की सेक्सुअल क्रिया पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

समाधान

डॉ. अरोरा यह सलाह देते हैं कि “हस्तमैथुन करने से आपके ऊपर कोई बुरा असर नहीं होता। लेकिन हस्तमैथुन करने के अपराध भाव को अपने मन में रखना जरूर नुकसान दायक हो सकता है। इसका सबसे मुख्य कारण होता सेक्स एजुकेशन में कमी होना। ध्यान रखें, हर स्वस्थ व्यक्ति अपने जीवन में कई बार हस्तमैथुन करता है और इसमें कोई गलत या चिंता करने की बात नहीं है।

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