स्पर्म काउंट बढ़ाने वाले 10 विटामिन और दवाएं [शोध आधारित]

यदि आप स्पर्म काउंट कम होने के कारण प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो जान लें कि आप अकेले नहीं हैं।

2000 में नीदरलैंड में हुए एक शोध के अनुसार, पुरुष के स्पर्म काउंट कई कारकों से प्रभावित हो सकते हैं, जिसमें धूम्रपान, रेडिएशन, मूत्र मार्ग संक्रमण, लिंग की नसों में सूजन, पोषक तत्वों की कमी और ऑक्सीडेटिव तनाव शामिल हैं।

इस लेख में हम स्पर्म हेल्थ की मूल बातों के बारे में बात करेंगे और स्पर्म काउंट बढ़ाने वाली शोधों द्वारा समर्थित आयुर्वेदिक दवाओं, खनिज, और विटामिन के बारे में बताएँगे।

स्पर्म काउंट क्या है?

स्पर्म काउंट वही होता है, जैसा इसका नाम हैं: एक आदमी के स्खलन में मौजूद शुक्राणुओं की कुल संख्या।

स्पर्म काउंट की गणना वीर्य के एक छोटे से नमूने में शुक्राणुओं की संख्या गिनकर की जाती है, और फिर इसे एकत्रित वीर्य की कुल मात्रा से गुणा किया जाता है।

आप यह न भूलें की स्पर्म और वीर्य दो अलग-अलग चीजें होती हैं:

स्पर्म

स्पर्म या शुक्राणु, जिन्हें मेडिकल भाषा में स्पर्मोटोजोआ (spermatozoa) कहा जाता है, पुरुषों की प्रजनन कोशिकाएं होती हैं। स्पर्म के दो मुख्य भाग होते हैं: एक सिर, और एक पूंछ जिसे फ्लैगेलम कहा जाता है।

वह स्पर्म ही होते हैं जो गर्भाधान के दौरान एक महिला के अंडे को फर्टिलाइज करते हैं।

वीर्य

वीर्य एक पुरुष प्रजनन द्रव होता है। वीर्य का रंग सफेद होता है और सेक्स के दौरान पुरुष के स्खलित होने के दौरान लिंग से निकलना है।

वीर्य स्पर्म को तब तक जीवित रखने में मदद करता है जब तक कि उसे मादा के अंडे तक पहुंचने का मौका न मिल जाए।

स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए?

सामान्य स्पर्म काउंट कई कारकों के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठनके अनुसार, एक सामान्य स्पर्म काउंट 1 मिलीलीटर वीर्य में 3 करोड़ 90 लाख से लेकर 92 करोड़ 80 लाख तक हो सकता है।

स्पर्म काउंट कम होने की समस्या को मेडिकल भाषा में ओलिगोस्पर्मिया (oligospermia) कहा जाता है। यह अपनी गंभीरता के आधार पर तीन भागों में विभाजित है:

  • सौम्य ओलिगोस्पर्मिया: एक मिलीलीटर वीर्य में 1 करोड़ से 1 करोड़ 50 लाख स्पर्म।
  • मध्यम ओलिगोस्पर्मिया: एक मिलीलीटर वीर्य में 50 लाख से 1 करोड़ स्पर्म।
  • गंभीर ओलिगोस्पर्मिया: एक मिलीलीटर वीर्य में 0 से 50 लाख स्पर्म।

स्पर्म काउंट बढ़ाने वाले विटामिन, मिनरल और आयुर्वेदिक दवाएं

ऑक्सीडेटिव तनाव के साथ-साथ कई प्रकार के कुपोषण (पोषण की कमी) से स्पर्म काउंट कम हो सकते हैं।

सौभाग्य से, कुछ विटामिन और दवाएं लेने से पोषक तत्वों की भरपाई होती है और स्पर्म की रक्षा करने वाले एंटीऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए निम्नलिखित पोषक तत्वों को शोधों द्वारा समर्थित किया गया है:

1. विटामिन सी

विटामिन सी सबसे महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट में से एक होता है। चूँकि अधिकांश अन्य स्तनधारी जीवों के विपरीत, मनुष्य का शरीर विटामिन सी नहीं बना सकता, जिसका अर्थ है कि हमें इसे अपने आहार के माध्यम से प्राप्त करने की आवश्यकता होती है (स्त्रोत)।

शोधों से पता चलता है कि विटामिन सी शुक्राणु स्वास्थ्य के कई मापदंडों को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिसमें स्पर्म काउंट भी शामिल है।

एक शोध में, विटामिन सी के सप्लीमेंट ने कुछ प्रतिभागियों के स्पर्म काउंट को दोगुना करने में मदद की। साथ ही, प्रतिभागियों ने अपने स्पर्म की गतिशीलता में बढ़ोतरी और विकलांग स्पर्म सेल्स की संख्या में कमी भी दर्ज की।

2. विटामिन बी12

विटामिन बी12 एक प्रो-मेटाबोलिक विटामिन है, जो कोशिकाओं के ऊर्जा उत्पादन के कई अलग-अलग पहलुओं में शामिल होता है।

यह स्पर्म उत्पादन की प्रक्रिया के लिए भी एक आवश्यक घटक होता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि स्वस्थ स्पर्म काउंट का समर्थन करने के लिए, विटामिन बी12 के सप्लीमेंट अन्य एंटीऑक्सीडेंट सप्लीमेंट के समान ही प्रभावी होते हैं।

3. जिंक

जिंक पुरुषों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्वों में से एक होता है।

शोधों के अनुसार (शोध 1, शोध 2) टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने, प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने और मांसपेशियों की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए जिंक को फायदेमंद पाया गया है।

सौभाग्य से, सिर्फ आहार के माध्यम से ही पर्याप्त जिंक प्राप्त करना आसान है। जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ निम्न हैं – सीप, चिकन लेग, टोफू, कद्दू के बीज, दालें, कम फैट वाला दही, ओटमील और मशरूम।

यदि यह खाद्य पदार्थ आप नहीं खाना चाहते, या केवल यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आप पर्याप्त जिंक ले रहे हैं, तो आपको निश्चित रूप से कुछ जिंक के कैप्सूल लेने पर विचार करना चाहिए।

जिंक का एक और महत्वपूर्ण लाभ है: यह तीव्र एक्सरसाइज की स्थिति में आपके पुरुष होर्मोनों को उच्च स्तर पर बनाए रखने में मदद कर सकता है।

2006 के एक शोध के अनुसार अत्यधिक जिम या खेल कूद करने से आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, लेकिन जिंक के कैप्सूल लेने से इस अवांछित परिवर्तन को रोकने में मदद मिल सकती है।

जिंक की टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बनाए रखने की क्षमता के कारण, यह पुरुषों की समग्र प्रजनन क्षमता और स्पर्म काउंट का समर्थन करने में मदद कर सकता है।

 
 
 
 

4. विटामिन डी

विटामिन डी एक अद्वितीय विटामिन होता है, क्योंकि यह विटामिन और हार्मोन दोनों है।

विटामिन डी शारीरिक कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला को प्रभावित करता है, जिसमें पुरुष प्रजनन क्षमता और स्पर्म काउंट भी शामिल हैं।

2009 में 18 शोधों की एक समीक्षा में पाया गया कि जिन पुरुषों में विटामिन डी का स्तर ज्यादा था, उनमें प्रजनन क्षमता और स्पर्म काउंट में सुधार देखा गया।

भारत में विटामिन डी की कमी काफी व्यापक होने के कारण, आहार स्रोतों और/या धूप के माध्यम से विटामिन डी की पूर्ति सुनिश्चित करना एक अच्छा विकल्प है। यदि आप ठंडे या बादल वाले क्षेत्र में रहते हैं, तो आपको विटामिन डी के कैप्सूल लेना आवश्यक हो सकता है।

5. फोलेट

फोलेट विटामिन बी का एक प्रकार होता है, जो पुरुष प्रजनन क्षमता और स्पर्म निर्माण के लिए आवश्यक है।

कुछ शोधों (शोध 1, शोध 2) से पता चला है कि फोलेट के कैप्सूल स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

6. कोएंजाइम Q10

कोएंजाइम Q10 (Coenzyme Q10 या Co-Q10) एक एंजाइम और एंटीऑक्सिडेंट होता है, जो स्पर्म को ऑक्सीडेटिव तनाव और अन्य प्रकार के क्षरण से बचाता है।

दिलचस्प रूप से, Co-Q10 वीर्य में काफी ज्यादा पाया जाता है, और इसकी उच्च सांद्रता का स्पर्म काउंट और बेहतर स्पर्म गतिशीलता के साथ सीधा संबंध होता है।

शोधों से पता चलता है कि Co-Q10 के कैप्सूल लेने से वीर्य के भीतर इसकी मात्रा बढ़ सकती है, और इस प्रक्रिया में प्रजनन क्षमता भी बढ़ सकती है।

अन्य शोधों में यह भी पाया गया है कि Co-Q10 सप्लीमेंट से स्पर्म काउंट बढ़ता है।

ज्यादातर प्रजनन विशेषज्ञों द्वारा Co-Q10 को लाभकारी माना जाता है, और आपको अपने स्पर्म काउंट बढ़ाने की कोशिश में निश्चित रूप से इसे शामिल करना चाहिए।

7. अश्वगंधा

अश्वगंधा भारत और उत्तरी अफ्रीका में पाया जाने वाला एक बारहमासी झाड़ी होता है।

इसमें दर्जनों चिकित्सीय गुण होने के कारण, अश्वगंधा को आयुर्वेदिक चिकित्सा में हजारों वर्षों से उपयोग किया जाता आ रहा है (स्त्रोत)।

आधुनिक विज्ञान हमें बताता है कि अश्वगंधा में विथेनोलाइड्स (withanolides ) और अन्य यौगिक होते हैं, जो प्रजनन क्षमता का समर्थन करने में मदद कर सकते हैं।

एक शोध में पाया गया कि अश्वगंधा के उपयोग से वीर्य की मात्रा में 53% की वृद्धि, स्पर्म की गतिशीलता में 57% की वृद्धि और स्पर्म काउंट में 167% की वृद्धि हुई।

इसलिए अश्वगंधा को अपने स्पर्म काउंट बढ़ाने के प्रयासों में शामिल करना एक अच्छा विचार है।

8. शिलाजीत

शिलाजीत पौधों के जीवाश्म अवशेषों से उत्पन्न एक तारकोल या गोंद जैसा पदार्थ होता है। आज की खनिज की कमी वाली दुनिया में, शिलाजीत दर्जनों खनिजों का असामान्य रूप से समृद्ध स्रोत हो सकता है।

शोधों (शोध 1, शोध 2) से पता चलता है कि शिलाजीत बेहतर टेस्टोस्टेरोन के स्तर का समर्थन करता है और स्पर्म काउंट को 64% तक बढ़ा सकता है।

 
 
 
 

9. ओमेगा-3

ओमेगा-3 फैटी एसिड्स एस आवश्यक फैट होते हैं, जिनके विस्तृत स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

यह कई प्रकार की कोशिकाओं को सही मात्रा में संरचना प्रदान करते हैं, जिसमें स्पर्म कोशिकाएं भी शामिल हैं।

शोधों से पता चलता है कि ओमेगा-3 के स्तर और पुरुष स्पर्म काउंट में काफी गहरा संबंध होता है।

10. लाइकोपीन

टमाटर में जो प्राकृतिक रंगद्रव्य होता है, वह उसमें लाइकोपीन पदार्थ की मौजूदगी के कारण होता है।

शोधों से पता चलता है (शोध 1, शोध 2, शोध 3, शोध 4) कि यह चमकदारी लाल पदार्थ स्पर्म काउंट में 70% तक सुधार कर सकता है। इसी तरह कुछ अन्य खाद्य पदार्थ भी स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

इसलिए भरपूर लाल टमाटर खाने का प्रयास करें, जिनमें स्पर्म काउंट और प्रजनन स्वास्थ्य का समर्थन करने वाला लाइकोपीन शामिल हो। या आप लाइकोपीन के कैप्सूल लेने पर भी विचार कर सकते हैं।

स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद करने वाली अन्य टिप्स

हालाँकि ऊपर बताये गए विटामिन और दवाएं आपके स्पर्म काउंट को काफी बढ़ावा दे सकते हैं, लेकिन अपनी जीवनशैली में कुछ सुधार करना भी आवश्यक है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरुषों की प्रजनन क्षमता सीधे तौर पर उनके ऊर्जा के स्तर और शरीर की संरचना जैसी सामान्य स्वास्थ्य स्थितियों पर भी निर्भर करती है।

तो ये रही 4 अतिरिक्त प्रो-फर्टिलिटी टिप्स, जो आपके स्पर्म काउंट को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं:

अपने शरीर की संरचना में सुधार करें

स्वस्थ वजन को बढ़ावा देने और स्पर्म काउंट को संभावित रूप से बढ़ाने के लिए, प्रोटीन डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान दें।

शोधों के अनुसार (शोध 1, शोध 2, शोध 3), वजन कम करने वाले कई पुरुष पाते हैं कि उनके एस्ट्रोजन का स्तर नीचे चला जाता है और उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है।

पर्याप्त नींद लें

2016 के एक शोध के अनुसार, अपर्याप्त नींद और खराब नींद, दोनों ही वीर्य की गुणवत्ता में कमी का कारण बन सकती हैं। इस स्थिति से बचने के लिए प्रति रात कम से कम 7 या 8 घंटे की नींद अवश्य लें।

शराब का सेवन कम करें

शोधों के अनुसार, अत्यधिक शराब का सेवन करने से एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है, टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है, और पुरुष प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इसलिए यदि आप प्राकृतिक और स्वाभाविक रूप से अपनी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो अपने शराब के सेवन को कम रखें।

ज्यादा सोया खाने से बचें

सोया उत्पाद आइसोफ्लेवोन्स (isoflavones) और अन्य फाइटोएस्ट्रोजेन (phytoestrogens) से भरपूर होते हैं, जो दोनों ही टेस्टोस्टेरोन के स्तर और स्पर्म क्वालिटी को कम कर सकते हैं (स्त्रोत)।

निष्कर्ष

स्पर्म की संख्या और गतिशीलता में कमी आना आम है, और इससे आपके बच्चा पैदा करने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सौभाग्य से, इस लेख में प्रस्तुत विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट पुरुषों में स्पर्म काउंट को स्वस्थ स्तर पर लाने में मददगार हो सकते हैं। यदि भोजन के माध्यम से इन पोषक तत्वों को प्राप्त करना आपको कठिन या अव्यवहारिक लगे, तो बाजार में इनके कैप्सूल और टेबलेट्स भी उपलब्ध हैं।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.