स्तंभन दोष दूर करने वाले 10 आवश्यक तेलों के नाम

स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों में होने वाली एक व्यापक समस्या है। यह लिंग को खड़ा न कर पाने या लम्बे समय तक खड़ा बनाए न रख पाने की समस्या है, जो अक्सर सेक्स में बाधा डालती है।

स्तंभन दोष होने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इसका इलाज अक्सर बिना दवा के किया जा सकता है।

इस लेख में हम स्तंभन दोष के इलाज में आवश्यक तेलों के उपयोग पर चर्चा करेंगे।

ध्यान देने वाली बातें

  • लिंग को खड़ा करने के लिए उसमें रक्त भरना जरूरी होता है। लिंग में जितना ज्यादा रक्त भरता है, वह उतना ज्यादा कठोरता से खड़ा होता है।
  • काफी लंबे समय से आवश्यक तेलों को सेक्स क्रिया में फायदेमंद माना जाता है। अक्सर इन तेलों को जननांगों पर मालिश करके या सूंघकर लिया जाता है।
  • आपके लिए कौनसा आवश्यक तेल बेहतर होगा, इसके लिए अपने स्तंभन दोष के कारणों पर ध्यान दें या डॉक्टर से सलाह लें।

स्तंभन दोष क्या है?

जब आपके दिमाग में उत्तेजना की स्थिति बनती है, तो यह लिंग को संकेत भेजता है जिससे उसकी धमनियां चौड़ी हो जाती हैं और इससे उसमें अधिक रक्त भरने लगता है।

जब लिंग में भरने वाले रक्त की मात्रा में कोई रुकावट आती है, तो लिंग ठीक से खड़ा नहीं हो पाता या जल्दी बैठ जाता है। लिंग को पूरा खड़ा करने या बनाए रखने में असमर्थता कई कारणों से हो सकती है, जैसे शराब का अधिक सेवन या थकान।

कभी कभार लिंग खड़ा करने में समस्या आना आम है, लेकिन जब यह समस्या बार-बार होती है, तो इसे स्तंभन दोष कहा जाता है।

यह इस बात का संकेत है कि आपमें कोई अंतर्निहित समस्या है, जो लिंग को पर्याप्त रूप से खड़ा होने से रोक रही है।

ज्यादातर मामलों में इस समस्या के निम्न कारण होते हैं:

  • अपर्याप्त रक्त प्रवाह: हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियां रक्त के पर्याप्त प्रवाह को रोक सकती हैं।
  • तंत्रिका ऊतकों में क्षति: कुछ दवाएं या बीमारियां जैसे पेरोनी रोग, लिंग के आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और लिंग खड़ा होने से रोक सकती हैं।
  • उत्तेजना की कमी: यह आपमें मनोवैज्ञानिक कारकों से संबंधित हो सकता है, जैसे कि डिप्रेशन और चिंता, या एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति जैसे कि मल्टीपल स्केलेरोसिस जो दिमाग और लिंग के बीच संकेतों को बाधित करता है।

कारण के आधार पर, स्तंभन दोष का विभिन्न तरीकों से इलाज किया जा सकता है और इसमें दवा, चिकित्सा या जीवनशैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं। प्राकृतिक उपचार, जैसे कि आवश्यक तेल, पुरुषों में स्तंभन दोष के इलाज में सहायक हो सकते हैं।

स्तंभन दोष दूर करने वाले आवश्यक तेलों के नाम

आवश्यक तेल पौधे के अत्यधिक केंद्रित अर्क होते हैं, जिनमें रासायनिक यौगिक होते हैं जो इसमें उस पौधे की सुगंध समाहित करते हैं।

यह डिस्टिलेशन के माध्यम से उत्पन्न होते हैं, और यदि इन्हें शुद्ध रूप में उपयोग किया जाये तो यह हानिकारक हो सकते हैं; इसलिए इनका उपयोग करने से पहले इनमें वाहक तेल मिलाकर पतला कर लेना चाहिए।

आवश्यक तेल को पतला करने के लिए, 30 मिलीलीटर नारियल या जैतून के तेल में 3 से 5 बूंदें आवश्यक तेल की डालें।

प्रत्येक प्रकार के आवश्यक तेल में अलग-अलग गुण होते हैं और इनका उपयोग विभिन्न परिणामों को प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। आपके लिए कौनसा तेल बेहतर होगा, यह आपकी समस्या के कारण पर निर्भर करेगा।

स्तंभन दोष दूर करने वाले कुछ आवश्यक तेलों के नाम निम्न हैं:

1. इलंग-इलंग तेल

इलंग-इलंग (ylang-ylang) पूर्व एशियाई क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक पौधा होता है। इसके पीले फूलों से निकले तेल में उत्साहवर्धक गुण होते हैं, जो आपमें तंदरुस्ती की भावना प्रदान करते हैं और आत्म-सम्मान में वृद्धि करते हैं।

इसलिए इलंग-इलंग तेल का उपयोग डिप्रेशन और चिंता को नियंत्रित करने में किया जाता है।

2. गुलाब का तेल

शोध के अनुसार, गुलाब के तेल को डिप्रेशन दूर करने और शरीर को रिलैक्स करने में फायदेमंद पाया गया है। यह एक कामोद्दीपक पदार्थ होता है, जिसे खुशी और आत्मविश्वास बढ़ाने में फायदेमंद माना जाता है, जिससे यह उत्तेजना बढ़ाने में सहायता कर सकता है।

2012 में चूहों पर हुए एक शोध में पाया गया कि जिन चूहों ने गुलाब के तेल को सांस के जरिये लिया, उनमें फॉर्मलाडेहाइड के हानिकारक प्रभावों से बचाव हुआ। फॉर्मलाडेहाइड के कारण शरीर में शुक्राणुओं की गुणवत्ता और टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी हो सकती है।

 
 
 
 

3. लैवेंडर का तेल

लैवेंडर अक्सर पहला ऐसा आवश्यक तेल होता है, जिसे लोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में उपयोग करके देखते हैं।

2014 के एक शोध में पाया गया कि लैवेंडर की गंध का पुरुष प्रतिभागियों के लिंग के रक्त संचार पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा। हालाँकि इस शोध में केवल 31 प्रतिभागियों ने ही भाग लिया था, इसलिए बड़े शोधों की आवश्यकता है।

चूहों पर हुए एक अन्य शोध में लैवेंडर आयल को फॉर्मलाडेहाइड के हानिकारक प्रभावों को कम करने में प्रभावी पाया गया है। जिन चूहों ने लैवेंडर के तेल की सांस ली, उनके शुक्राणु और प्रजनन प्रणाली को फॉर्मलाडेहाइड से कम नुकसान हुआ।

साथ ही, लैवेंडर को अपने एंटी-डिप्रेशन और सुखद अनुभव प्रदान करने वाले गुणों के लिए भी जाना जाता है।

4. रोजमैरी का तेल

2015 के एक शोध से पता चला है कि रोजमैरी और लैवेंडर के तेल ने डायबिटीज के कारण नर चूहों यौन क्रिया की क्षति और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम किया।

इन तेलों का टेस्टोस्टेरोन के स्तर और शुक्राणु की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पाया गया। इसका कारण इन तेलों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुणों को माना गया।

5. दालचीनी का तेल

2019 में हुए एक शोध में दालचीनी के तेल को यौन क्रिया में सुधार और स्तंभन दोष के लक्षणों को कम करते हुए पाया गया है।

जानवरों पर किए गए शोधों के रिव्यु में पाया गया कि दालचीनी के तेल ने जानवरों में अंडकोष और वीर्य पुटिकाओं के वजन में वृद्धि की। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि यह तेल हार्मोन के स्तर को उत्तेजित करता है। दालचीनी के तेल ने शुक्राणुओं की संख्या और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को भी बढ़ाया। शुक्राणुओं की गतिशीलता और गुणवत्ता में भी वृद्धि पाई गई।

चूहों पर किए गए एक अन्य शोध में पाया गया कि दालचीनी की छाल के तेल का नियमित सेवन, पुरुष प्रजनन प्रणाली की रक्षा करने और शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार करने में प्रभावी है।

6. तुलसी का तेल

तुलसी को लंबे समय से कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए एक हर्बल दवा के रूप में इस्तेमाल की जाती आ रही है।

चूहों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि तुलसी का तेल शुक्राणुओं की गतिशीलता, गुणवत्ता और संख्या में काफी वृद्धि करता है। यह ऑक्सीडेटिव तनाव को भी कम कर सकता है।

2013 के एक शोध से पता चला है कि तुलसी का तेल भारी धातुओं के कारण होने वाली अंडकोष विषाक्तता से बचाता है। तुलसी का सेवन करने के बाद चूहों के अंडकोष ऊतकों में महत्वपूर्ण परिवर्तन दिखाई दिए। इसका कारण तुलसी की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता माना गया। तुलसी में चिंता रोधी गुण भी पाए गए हैं।

7. अदरक का तेल

2018 के एक शोध में अदरक के तेल का नर चूहों में हार्मोनल गतिविधि, खासतौर से टेस्टोस्टेरोन पर एक मजबूत प्रभाव देखा गया है। अदरक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से बचा सकता है। अदरक शुक्राणुओं के कार्य और सांद्रता को भी बढ़ा सकता है।

8. जायफल और लौंग का तेल

2003 के एक शोध में पाया गया कि जायफल और लौंग का तेल नर चूहों में यौन क्रिया को बढ़ाता है और स्तंभन दोष के लक्षणों को दूर करता है। तेल ने चूहों में सेक्स करने की इच्छा को बढ़ाया और उनके परफॉरमेंस में भी सुधार किया।

जायफल और लौंग के तेल तंत्रिका उत्तेजक होते हैं और यौन इच्छा पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। जायफल को लिंग में रक्त संचार बढ़ाते हुए भी पाया गया है, जो स्तंभन दोष में काफी मददगार हो सकता है।

9. एलोवेरा का तेल

एलोवेरा का उपयोग व्यापक रूप से पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा, दोनों में कई उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

शोध में पाया गया है कि एलोवेरा का तेल यौन रोगों के इलाज के लिए उपयोगी हो सकता है, क्योंकि यह कोशिका विभाजन को उत्तेजित कर सकता है और टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को बढ़ा सकता है। जिससे शुक्राणु बढ़ाने और स्तंभन दोष कम करने में मदद मिल सकती है।

10. तरबूज के बीज का तेल

तरबूज के बीज के तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और यह वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाने में फायदेमंद हो सकते हैं।

2013 के एक शोध में पाया गया कि 28 दिनों के लिए नर चूहों को तरबूज के बीज का तेल देने से, उनके शुक्राणुओं की एकाग्रता व गतिशीलता में वृद्धि हुई और वीर्य गाढ़ा हुआ।

आवश्यक तेलों का उपयोग कैसे करें

अपनी दिनचर्या में आवश्यक तेलों को शामिल करने के कई तरीके हैं:

  • तेल की कुछ बूंदों को एक वाहक तेल में मिलाएं और इससे अपनी पीठ के निचले हिस्से और जननांग क्षेत्रों की मालिश करें।
  • अपने बैडरूम में आवश्यक तेल का स्प्रे करें।
  • अपनी बेडशीट और तकिए पर शुद्ध आवश्यक तेल (बिना वाहक तेल मिलाये) की कुछ बूंदों को डालें।
  • आवश्यक तेल को ठंडे या गर्म पानी में मिलाकर अपनी कमर और जननांग क्षेत्रों को सेंके।
  • अपने बेडरूम में डिफ्यूज़र का इस्तेमाल करें।
  • अपने नहाने के पानी में आवश्यक तेल की कुछ बूँदें डालें।

कभी भी 100% शुद्ध आवश्यक तेलों का सीधा सेवन न करें। हमेशा वाहक तेल में मिलाकर आवश्यक तेलों को पतला करें, और फिर उन्हें स्किन पर उपयोग करें।

निष्कर्ष

स्तंभन दोष दूर करने के लिए आवश्यक तेलों का उपयोग करने के साथ-साथ, आपको एक स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। एक ऐसी दिनचर्या बनाएं जो आपको अच्छी तरह से खाने और प्रति सप्ताह कम से कम कुछ दिन व्यायाम करने की अनुमति दे।

साथ ही, अच्छी नींद लें और खुद को वह करने दें जो आपको अच्छा लगे। अपने शौक, रुचियों और प्रेम जीवन के लिए समय निकालें।

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