टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने वाले 7 फूड्स

टेस्टोस्टेरोन एक सेक्स हार्मोन होता है जो निम्न को प्रभावित करता है:

आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर प्राकृतिक रूप से कम होता जाता है। लेकिन इसके कम होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिसमें कुछ दवाओं सेवन, शरीर में वसा की अधिकता और कुछ स्वास्थ्य स्थितियाँ भी शामिल हैं (1, 2)।

टेस्टोस्टेरोन की कमी, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपोगोनाडिज्म कहा जाता है, तब होता है जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर 300 नैनोग्राम/डेसीलीटर (एनजी/डीएल) से नीचे गिर जाता है। टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के माध्यम से कम टेस्टोस्टेरोन का चिकित्सकीय इलाज किया जा सकता है (3)।

हाइपोगोनाडिज्म होना बहुत आम है। बल्कि सच तो यह है कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 40% पुरुषों और 80 वर्ष के 50% पुरुषों को हाइपोगोनाडल होना माना जाता है (3)।

टेस्टोस्टेरोन के स्तर को उच्च बनाये रखने के लिए आहार सहित स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली स्वस्थ जीवन शैली अपनाना महत्वपूर्ण है। कुछ शोधों (4, 5, 6) में पाया गया है कि अत्यधिक तले भुने या पोषक तत्वों की कमी वाले खाद्य पदार्थ टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकते हैं।

यदि आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम है, तो डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह का पालन करें। इसके अलावा, आप टेस्टोस्टेरोन के स्तर को उच्च बनाए रखने के लिए जरूरी कुछ महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थों को अपने अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

कई पोषक तत्व, खासतौर से विटामिन डी, मैग्नीशियम और जिंक टेस्टोस्टेरोन के स्तर को उच्च बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं (7)।

इस लेख में हमने स्वस्थ टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ावा देने वाले 7 पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल किया है।

1. वसायुक्त मछली

सैल्मन और सार्डिन जैसी वसायुक्त मछलियाँ हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्वों जैसे विटामिन डी, जिंक और ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं।

भले ही कुछ उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ, जैसे कि तले भुने भोजन से कुछ लोगों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आ सकती है, लेकिन शोधों (5, 8) से यह भी पता चला है कि कम वसा वाले आहार टेस्टोस्टेरोन के स्तर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

छह शोधों की एक व्यवस्थित समीक्षा (8) में पाया गया कि उच्च वसा वाले आहार की तुलना में कम वसा वाले आहार टेस्टोस्टेरोन के कम स्तर से ज्यादा जुड़े थे। हालांकि, शोधकर्ताओं ने नोट किया कि इस संबंध को पूरी तरह से समझने के लिए अधिक उच्च गुणवत्ता वाले शोधों की आवश्यकता है।

सच चाहे जो भी हो, हम यह तो जानते ही हैं कि अपने आहार में मछली जैसे वसा के स्वस्थ स्रोतों को शामिल करने से, हार्मोनल स्वास्थ्य सहित समग्र स्वास्थ्य को लाभ होता है।

इसके अलावा, वसायुक्त मछली जिंक, विटामिन डी और प्रोटीन की अच्छी स्रोत होती हैं – पोषक तत्व जो स्वस्थ टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

उदाहरण के लिए, शोधों (9) से पता चला है कि विटामिन डी के निम्न स्तर वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि विटामिन डी पुरुष प्रजनन प्रणाली के लिए आवश्यक होता है।

2. गहरे हरे रंग के पत्तेदार साग

गहरे, हरे पत्तेदार साग सूक्ष्म पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत होते हैं, जिनमें मैग्नीशियम भी शामिल है, एक ऐसा खनिज जो उच्च टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर वृद्ध पुरुषों में।

ऐसा माना जाता है कि मैग्नीशियम शरीर में टेस्टोस्टेरोन बायोएक्टिविटी को बढ़ाता है, क्योंकि यह ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है। ऑक्सीडेटिव तनाव शरीर में एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा और फ्री रेडिकल्स के बीच का असंतुलन होता है।

शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और इन्फ्लेमेशन टेस्टोस्टेरोन को कम कर सकते हैं, इसलिए ऑक्सीडेटिव तनाव का मुकाबला करने वाले पोषक तत्वों को ग्रहण करने से स्वस्थ टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सकती है (10, 11, 12)।

65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 399 पुरुषों पर हुए एक पुराने शोध (10) में पाया गया कि जिनके रक्त में मैग्नीशियम का स्तर अधिक था, उनमें अन्य के मुक़ाबले टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी अधिक था।

इसके अतिरिक्त, ताइवान के पुरुषों पर हुए एक शोध (5) में पाया गया कि पत्तेदार हरी सब्जियों का सेवन टेस्टोस्टेरोन के स्तर से जुड़ा है।

इसलिए, अधिक मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे कि पालक, केले और कोलार्ड साग खाने से स्वस्थ टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

 
 
 
 

3. कोको उत्पाद

कोको में मैग्नीशियम और फ्लेवोनोइड एंटीऑक्सिडेंट उच्च मात्रा में होते हैं, जो दोनों ही टेस्टोस्टेरोन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

फ्लेवोनोइड्स पेड़-पौधों में पाए जाने वाले यौगिक हैं, जिनका शरीर में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है।

शोधों (13) से पता चलता है कि कुछ फ्लेवोनोइड्स, जिसमें कोको में पाए जाने फ्लेवोनोइड्स जैसे क्वेरसेटिन और एपिजेनिन भी शामिल हैं, अंडकोष में लेडिग नामक कोशिकाओं से टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

बेहतर परिणामों के लिए कोको पाउडर या कम शुगर वाले कोको उत्पादों का सेवन करें।

4. एवोकाडो

एवोकाडो हमें स्वस्थ वसा प्रदान करता है, जो हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, एवोकाडो में मैग्नीशियम और बोरोन नामक खनिज होते हैं, जो शोधों के अनुसार टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाने में लाभकारी हो सकते हैं (14)।

बोरोन एक दुर्लभ खनिज है, जिसकी हमारे शरीर को काफी कम मात्रा में आवश्यकता होती है। यह शरीर में एक उत्प्रेरक (कैटेलिस्ट) के रूप में कार्य करता है, यानि यह अन्य खनिजों के लाभों को बढ़ाने में मदद करता है। बोरोन को शरीर के मेटाबोलिज्म को प्रभावित करते हुए और टेस्टोस्टेरोन को गिरने से रोकते हुए पाया गया है (15)।

हालांकि कुछ शोधों से पता चलता है कि उच्च स्तर के बोरॉन की दवाएं लेने से, यह कुछ लोगों में टेस्टोस्टेरोन को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, लेकिन शोधों के परिणाम मिश्रित हैं। बोरोन की दवाएं टेस्टोस्टेरोन को कैसे प्रभावित करती है, इसे पूरी तरह से समझने के लिए और अधिक शोधों की आवश्यकता है (16)।

इसलिए वर्तमान में टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने के लिए बोरोन की दवाएं लेने की सलाह नहीं दी जाती, लेकिन इस खनिज के आहार स्रोतों जैसे कि एवोकाडो को लेने से, स्वस्थ टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

5. अंडा

अंडे की जर्दी (अंदर के पीले पदार्थ) में स्वस्थ वसा, प्रोटीन और सेलेनियम, जो कि शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, भरपूर मात्रा में होता है।

टेस्ट ट्यूब और जानवरों पर हुए कुछ शोधों के अनुसार, सेलेनियम कुछ मार्गों और कुछ जीनों की अभिव्यक्ति को सक्रिय करके टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकता है (17, 18)।

इसके अतिरिक्त, मनुष्यों और जानवरों पर हुए कुछ शोधों से पता चला है कि जिनके रक्त में सेलेनियम स्तर उच्च था उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी अधिक पाया गया (18)।

हालांकि, टेस्टोस्टेरोन पर सेलेनियम के प्रभावों के बारे में कुछ भी निष्कर्ष निकालने से पहले हमें और अधिक शोधों की आवश्यकता है, विशेष रूप से मनुष्यों पर।

अंडे अत्यधिक पौष्टिक खाद्य होते हैं, इसलिए इन्हें अपने आहार में शामिल करना एक अच्छा विचार है, यदि आपको इससे एलर्जी न हो तो।

याद रखें कि अंडे की जर्दी इसके सफेद भाग से ज्यादा पौष्टिक होती है, क्योंकि जर्दी में अधिकांश सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं।

6. अनार, जामुन और बेरी

जामुन, बेरी और अनार में उच्च मात्रा में फ्लेवोनोइड एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो टेस्टोस्टेरोन-उत्पादक कोशिकाओं को नुकसान से बचाने और टेस्टोस्टेरोन उत्पादन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं (13)।

चूहों पर हुए एक पुराने शोध (19) में पाया गया कि अनार के रस ने प्रेरित ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद की, टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि की, और लेडिग कोशिकाओं (जो टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करती हैं) को चोट से बचाने में मदद की।

अनार, जामुन और बेरी शरीर में मोटापे के कारण होने वाले इन्फ्लेमेशन से भी बचा सकते हैं, जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकता है (20, 21)।

इसलिए, इन फलों जैसे एंटीऑक्सिडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन आपके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है, जिसमें हार्मोनल स्वास्थ्य भी शामिल है।

7. शेलफिश (सीपदार मछली)

सीपदार मछलियाँ जिंक, सेलेनियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड की अच्छी स्रोत होती हैं, जो सभी उच्च टेस्टोस्टेरोन के स्तर का समर्थन कर सकते हैं।

प्रजनन स्वास्थ्य में जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण, इसकी कमी से व्यक्ति को हाइपोगोनाडिज्म हो सकता है (22)।

साथ ही, जिंक की दवा को कुछ पुरुषों में हाइपोगोनाडिज्म के इलाज के लिए प्रभावी पाया गया है (23)।

फिर भी, अभी हाइपोगोनाडिज्म के लिए जिंक की दवा के वजाय इसके प्राकृतिक स्त्रोतों जैसे शेलफिश खाने की सलाह दी जाती है।

अपने हार्मोनल स्तर को बनाये रखने के लिए जिंक, सेलेनियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त फूड्स खाएं।

 
 
 
 

टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के अन्य तरीके

स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले आहार परिवर्तन करने से यह टेस्टोस्टेरोन को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह हाइपोगोनाडिज्म का पूरी तरह से इलाज नहीं कर सकते हैं।

एक डॉक्टर आपका शारीरिक और रक्त परीक्षण करके कम टेस्टोस्टेरोन के मुख्य कारकों का पता लगाने में मदद कर सकता है, और उचित दवाओं की सलाह दे सकता है।

आमतौर पर डॉक्टर टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के निम्न तरीके सुझा सकता है:

  • दवाएं
  • टोपिकल जेल
  • इंजेक्शन

यह दवाएं गंभीर दुष्प्रभावों के जोखिम के साथ आ सकती हैं, इसलिए इन सभी के बारे में अपने डॉक्टर से खुलकर चर्चा करें।

इसके अतिरिक्त, अपने टेस्टोस्टेरोन को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाये रखने के साथ-साथ अपने संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बेहतर आहार और स्वस्थ जीवनशैली बदलाव लाने पर भी विचार करें।

मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली भी टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, 2019 में हुए एक शोध (24) के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त पुरुषों में स्वस्थ वजन वाले पुरुषों की तुलना में हाइपोगोनाडिज्म विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

इसलिए, हार्मोनल स्तर को बेहतर बनाये रखने के लिए वजन को नियंत्रित करना आवश्यक है।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, यदि आप धूम्रपान करते हैं तो धूम्रपान छोड़ना, और शराब व नशीली दवाओं के उपयोग को कम करने से भी कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुषों को अपने अपनी स्थिति में सुधार करने में मदद मिल सकती है (25, 26, 27)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इस खंड में हमने टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रभावित करने वाले कारकों और कम टेस्टोस्टेरोन के साथ अनुभव किये जाने वाले लक्षणों को शामिल किया है।

कम टेस्टोस्टेरोन के स्तर के लक्षण क्या हैं?

शोधकर्ताओं के अनुसार (3, 28, 29), टेस्टोस्टेरोन की कमी के निम्न लक्षण हो सकते हैं:

ध्यान रखें कि कम टेस्टोस्टेरोन से संबंधित लक्षण गैर-विशिष्ट होते हैं और अन्य संभावित गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों के लक्षणों के साथ ओवरलैप करते हैं।

इसलिए सिर्फ लक्षणों के आधार पर टेस्टोस्टेरोन की कमी होने के निष्कर्ष पर न पहुंचें। यदि आपको संदेह है कि आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, तो उचित परीक्षण के लिए एक डॉक्टर से बात करें।

निष्कर्ष

आहार और जीवनशैली प्रत्येक व्यक्ति के हार्मोनल स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, जिसमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी शामिल है।

विटामिन डी, मैग्नीशियम, जिंक और फ्लेवोनोइड एंटीऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने से, टेस्टोस्टेरोन के स्तर को उच्च बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, यदि इन तरीकों से आपका टेस्टोस्टेरोन सामान्य स्थिति में नहीं आता, तो सही परीक्षण और उपचार के लिए डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

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