पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी के 12 लक्षण

पुरुषों की उम्र जितनी बढ़ती जाती है, उनमें टेस्टोस्टेरोन की कमी होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है। चूँकि टेस्टोस्टेरोन में कमी के लक्षण काफी सूक्ष्म या न दिखाई देने योग्य हो सकते हैं, लेकिन यदि यह लक्षण आपकी जीवनशैली को प्रभावित कर रहे हैं तो इसका उपचार उपलब्ध है।

टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन होता है जो अंडकोष द्वारा निर्मित किया जाता है। टेस्टोस्टेरोन आपकी दिखावट और यौन विकास को प्रभावित करता है, शुक्राणु उत्पादन और कामेच्छा को उत्तेजित करता है, और मांसपेशियों और हड्डी के द्रव्यमान को बनाने में मदद करता है।

आमतौर पर टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन उम्र के साथ घटता जाता है। अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 40 प्रतिशत पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होता है।

यदि आपका टेस्टोस्टेरोन उत्पादन सामान्य से काफी कम हो जाता है, तो आपको कई प्रकार के लक्षणों का अनुभव हो सकता है। हालाँकि कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षण अक्सर काफी सूक्ष्म होते हैं और व्यक्ति का इनपर ज्यादा ध्यान नहीं जाता।

टेस्टोस्टेरोन में कमी के 12 मुख्य लक्षण निम्न हैं:

1. कामेच्छा में कमी

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों और महिलाओं दोनों की कामेच्छा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, हालाँकि पुरुषों की कामेच्छा के लिए यह ज्यादा जरूरी होता है। सभी लोगों को उम्र बढ़ने के साथ सामान्य रूप से कामेच्छा में गिरावट का अनुभव होता है, लेकिन कम टेस्टोस्टेरोन वाले लोगों को इसमें अधिक भारी गिरावट का अनुभव होगा।

2. लिंग खड़ा करने और खड़ा बनाये रखने में परेशानी

टेस्टोस्टेरोन लिंग को खड़ा करने और खड़ा बनाए रखने में सहायता करता है। यह दिमाग के रिसेप्टर्स को नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन करने के लिए कहता है, जो लिंग को खड़ा करने के लिए आवश्यक रासायनिक प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला को ट्रिगर करने में मदद करता है।

जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर बहुत कम होता है, तो आपका सहज लिंग खड़ा होना बंद हो सकता। सहज लिंग खड़ा होना एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें आपका लिंग बिना किसी उत्तेजना के दिन में कई बार खड़ा होता है, जैसे एक स्वस्थ पुरुष का लिंग सोने के दौरान 3-4 बार सहज रूप से खड़ा होता है। यदि व्यक्ति का लिंग सहज रूप से खड़ा होना बंद हो जाता है, तो उसमें स्तंभन दोष होना माना जाता है।

शोध इस बात का सही निष्कर्ष नहीं निकाल पाए हैं कि क्या टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के जरिये स्तंभन दोष का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। 2016 की एक शोध समीक्षा में स्तंभन दोष से पीड़ित पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के लाभों पर हुए शोधों की जाँच की गई। समीक्षा के परिणाम में लगभग आधे पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन उपचार के जरिये कोई सुधार नहीं दिखा।

इसका कारण यह हो सकता है कि टेस्टोस्टेरोन की कमी के अलावा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी अक्सर स्तंभन दोष का कारण बन सकती हैं। जैसे:

  • डायबिटीज (मधुमेह)
  • थाइरोइड की समस्या
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • डिप्रेशन
  • तनाव और चिंता
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धूम्रपान और शराब का सेवन भी स्तंभन दोष में योगदान दे सकता है।

इसलिए कोई भी उपचार प्राप्त करने से पहले आपको डॉक्टर से अपनी जाँच करवाकर समस्या का सही कारण जानना आवश्यक है। समस्या के कारण के आधार पर उचित उपचार लेने से अधिक फायदा होता है।

3. अचानक बुखार वाली गर्मी महसूस होना

शरीर में अचानक से बुखार वाली गर्मी महसूस होने को मेडिकल भाषा में हॉट फ्लैशेस कहा जाता है। इस दौरान आपको भारी पसीना आना, त्वचा का लाल होना और रात को सोते समय एकदम से पसीना आने के लक्षण भी अनुभव हो सकते हैं।

हॉट फ्लैशेस का अनुभव कम टेस्टोस्टेरोन का संकेत हो सकता है।

4. बाल झड़ना

शरीर के कई कार्यों में टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें बालों का उत्पादन भी शामिल है।

कई पुरुषों के लिए गंजापन उम्र बढ़ने का एक प्राकृतिक हिस्सा होता है, और यह जेनेटिक भी हो सकता है, लेकिन कम टेस्टोस्टेरोन वाले लोग शरीर और चेहरे के बालों को भी खो सकते हैं।

5. थकान

कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुष अत्यधिक थकान और कम ऊर्जा का अनुभव कर सकते हैं। यदि आप भरपूर नींद लेने के बावजूद लगातार थके हुए होते हैं या यदि आपको कोई शारीरिक कार्य करने में आलस्य आता है, तो आपका टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है।

6. मांसपेशियों का कम होना

कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुष अपनी मांसपेशियों के द्रव्यमान में कमी देख सकते हैं, क्योंकि टेस्टोस्टेरोन मांसपेशियों के निर्माण में योगदान देता है।

2016 की एक शोध समीक्षा में पाया गया कि टेस्टोस्टेरोन मांसपेशियों के द्रव्यमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

7. शरीर की चर्बी बढ़ना

कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुष शरीर की चर्बी में वृद्धि का अनुभव कर सकते हैं या उनमें गाइनेकोमास्टिया विकसित हो सकता है। पुरुषों के स्तनों के ऊतक महिलाओं की तरह बढ़ने को गाइनेकोमास्टिया कहा जाता है। गाइनेकोमास्टिया तब हो सकता है जब शरीर में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन का असंतुलन हो।

8. हड्डियों का द्रव्यमान कम होना

ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों के द्रव्यमान में कमी को अक्सर महिलाओं के साथ जोड़कर देखा जाता, लेकिन कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुषों में भी हड्डियों के नुकसान का अनुभव हो सकता है। टेस्टोस्टेरोन हड्डी के उत्पादन और मजबूती में मदद करता है, इसलिए कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुषों, विशेष रूप से वृद्ध पुरुषों में हड्डियों की मोटाई कम हो सकती है और इनके जल्दी फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।

9. मूड में बदलाव

कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुषों को अक्सर अपने मूड में परिवर्तन का अनुभव हो सकता है, क्योंकि टेस्टोस्टेरोन मूड और मानसिक क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।

10. याददाश्त में कमी

टेस्टोस्टेरोन का स्तर और दिमाग के संज्ञानात्मक कार्य, विशेष रूप से याददाश्त, दोनों ही उम्र बढ़ने के साथ कम हो जाते हैं। इस कारण से, डॉक्टरों ने सिद्धांत दिया है कि कम टेस्टोस्टेरोन का स्तर याददाश्त की कमी में योगदान दे सकता है।

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2019 की एक शोध समीक्षा के अनुसार, टेस्टोस्टेरोन की कमी वाले वृद्ध पुरुषों द्वारा टेस्टोस्टेरोन के सप्लीमेंट लेने से उनकी याददाश्त में सुधार पाया गया।

11. लिंग और अंडकोष का छोटा आकार

लिंग और अंडकोष को विकसित करने के लिए शरीर को टेस्टोस्टेरोन की आवश्यकता होती है, इसलिए कम टेस्टोस्टेरोन का स्तर अत्यधिक छोटे लिंग या अंडकोष में योगदान कर सकता है।

ऐसी अन्य स्थितियाँ और समस्याएं भी हैं जो एक छोटे लिंग और अंडकोष का कारण बन सकती हैं। जैसे:

  • अल्पजननग्रंथिता – हार्मोन के स्राव या अंडकोष की अन्य शारीरिक गतिविधि में कमी।
  • वृषण-शिरापस्फीति – वीर्य नलिकाओं का सूजना या सामान्य से बड़ा होना।
  • अवरोही अंडकोष – अंडकोष का सामान्य रूप से शरीर के बाहर उतरने के बजाय पेट की तरफ जुड़ा होना
  • प्रोस्टेट सर्जरी
  • पेरोनी बीमारी – लिंग का अत्यधिक टेड़ा होना
  • उम्र बढ़ना
  • मोटापा

12. खून की कमी

2017 के एक शोध के अनुसार, डॉक्टरों ने कम टेस्टोस्टेरोन को एनीमिया या खून की कमी से जुड़ा हुआ पाया है। जब शोधकर्ताओं ने कम टेस्टोस्टेरोन और खून की कमी वाले पुरुषों को टेस्टोस्टेरोन जेल दिया, तो उनमें अन्य पुरुषों की तुलना में रक्त की मात्रा में सुधार देखा गया।

खून की कमी के कुछ लक्षण निम्न हैं:

  • ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल होना
  • चक्कर आना
  • पैरों में ऐंठन होना
  • नींद न आना या नींद लगने में समस्या आना
  • दिल की धड़कन तेज होना

टेस्टोस्टेरोन में कमी के कारण

पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ स्वाभाविक रूप से टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आती है, लेकिन अन्य स्थितियां या समस्याएं भी कम टेस्टोस्टेरोन का कारण बन सकती हैं। जैसे:

  • अंडकोष में चोट
  • कैंसर का उपचार, जैसे कीमोथेरेपी या रेडिएशन
  • तनाव
  • एड्स
  • अत्यधिक शराब का सेवन
  • किडनी की बीमारी
  • जिगर का सिरोसिस
  • पिट्यूटरी ग्रंथि में समस्या
  • स्व-प्रतिरक्षी रोग – शरीर में स्वाभाविक रूप से मौजूद पदार्थों के खिलाफ उत्पादित एंटीबॉडी या लिम्फोसाइटों के कारण होने वाली बीमारी।
  • संक्रमण
  • मोटापा
  • मेटाबोलिक सिंड्रोम – दिल की बीमारी और टाइप-2 डायबिटीज के कारण उत्पन्न रासायनिक और शारीरिक असमानताएं
  • कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव

जोखिम

कम टेस्टोस्टेरोन होने से आपमें अन्य स्वास्थ्य समस्याएं विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। जैसे:

  • ऑस्टियोपोरोसिस
  • डायबिटीज
  • दिल की बीमारी

जाँच और पहचान

टेस्टोस्टेरोन का स्तर आमतौर पर 300 से 1,000 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर (ng/dL) होता है। टेस्टोस्टेरोन का स्तर तब कम माना जाता है जब यह 300 ng/dL से कम हो जाता है। सीरम टेस्टोस्टेरोन टेस्ट नामक रक्त परीक्षण आपके टेस्टोस्टेरोन स्तर का पता लगा सकता है।

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टेस्टोस्टेरोन स्तर की कमी के कारण का पता लगाने के लिए अन्य परीक्षण किए जा सकते हैं।

कम टेस्टोस्टेरोन और इसके कारणों की जाँच के लिए निम्न टेस्ट किये जाते हैं:

  • सीरम टेस्टोस्टेरोन
  • ल्यूटिनकारी हार्मोन – पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित एक हार्मोन जो पुरुषों में एण्ड्रोजन के संश्लेषण को उत्तेजित करता है।
  • रक्त प्रोलैक्टिन स्तर

उपचार

टेस्टोस्टेरोन की कमी के उपचार के लिए टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी सबसे ज्यादा प्रचलित है।

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी

यदि आपमें टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण हैं जो आपको परेशान कर रहे हैं, तो आप डॉक्टर से जाँच करा सकते हैं और उससे पूछ सकते हैं कि क्या टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी आपके लिए सही है या नहीं।

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी कई रूपों में की जाती है, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • मौखिक दवाएं
  • स्किन जेल
  • इंजेक्शन
  • स्किन के नीचे गोली को रखा जाना
  • स्किन पट्टी

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एक आजीवन उपचार होता है। यानि यदि आप उपचार बंद कर देते हैं, तो आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर फिर से गिर जाएगा।

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के निम्न दुष्प्रभाव हो सकते हैं:

  • मुंहासे
  • बड़ा हुआ प्रोस्टेट
  • अंडकोष सिकुड़ना
  • शुक्राणुओं की संख्या में कमी
  • लाल रक्त कोशिकाओं का बढ़ना
  • शरीर में तरल की अधिकता होना जिससे पैरों, हाथों आदि में पानी भरने से उनमें सूजन आ सकती है

निम्न स्थितियों में टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी आपके लिए सही नहीं होगी:

  • अनुपचारित दिल की बीमारी है
  • स्तन या प्रोस्टेट कैंसर है
  • स्लीप एपनिया है, यानी सोते समय आपकी सांस फूलती है
  • आपमें लाल रक्त कोशिकाओं की गिनती सामान्य से अधिक है
  • यदि आप बच्चा पैदा करने की योजना बना रहे हैं

निष्कर्ष

पुरुष जैसे-जैसे वृद्ध होते जाते हैं उनके टेस्टोस्टेरोन के स्तर में प्राकृतिक रूप से धीरे-धीरे कमी आती जाती है। यानी आपकी उम्र जितनी अधिक होगी, आपमें टेस्टोस्टेरोन कम होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

विभिन्न प्रकार के कारक हैं जो अचानक या समय से पहले टेस्टोस्टेरोन की कमी का कारण बन सकते हैं। 300 ng/dL से कम टेस्टोस्टेरोन स्तर वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी होना माना जाता है। डॉक्टर एक साधारण रक्त परीक्षण के जरिये आपके टेस्टोस्टेरोन स्तर की जांच कर सकता है।

यदि आपमें टेस्टोस्टेरोन की कमी है और इसके लक्षण आपको परेशान करते हैं, तो टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी इसका सबसे सामान्य उपचार है।

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