सेक्स के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी का पता चलता है?

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abhinabh

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मैंने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बिना प्रोटेक्शन के सेक्स कर लिया है। अब मुझे शक है कि कहीं वो प्रेग्नैंक्ट न हो जाये। इसलिए कृपया मुझे बताएं कि सेक्स के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी का पता चलता है?
 

radhikameena

स्त्री रोग विशेषज्ञ
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ठीक है तो चलिए पहले जानते हैं कि सेक्स के बाद क्या होता है!

स्खलन के बाद लाखों शुक्राणु महिला के अंडाशय की तरफ अपनी यात्रा शुरू करते हैं। योनि में यह शुक्राणु सबसे पहले ग्रीवा बलगम (सर्वाइकल म्यूकस) से मिलते हैं, जो स्वभाव से अभेद्य और काफी चिपचिपा होता है। यह शुक्राणुओं की गतिशीलता को भी बढ़ावा देता है। साथ ही, यह 7 दिनों तक शुक्राणुओं को जीवित रखने की क्षमता रखता है, जिसका मतलब हुआ कि अंडा बनने के कुछ दिनों पहले सेक्स करने से भी महिला प्रेग्नेंट हो सकती है।

इसके बाद शुक्राणु गर्भाशय ग्रीवा में प्रवेश करते हैं और गर्भाशय से तैरते हुए फैलोपियन ट्यूब तक जाते हैं। शुक्राणुओं की तैरने की गति के अनुसार यात्रा लगभग 45 मिनट से 12 घंटे तक चलती है। अधिकांश शुक्राणु इस यात्रा को पूरा नहीं कर पाते। कुछ दर्जन शुक्राणु जो अंडे तक पहुँच जाते हैं, वो इसके बाहरी आवरण को भेदने की कोशिश करते हैं।

यदि कोई एक शुक्राणु इसे भेदने में सफल हो जाता है तो अंडा तुरंत बदलकर किसी अन्य शुक्राणु के अंदर खुलने के रास्तों को बंद कर देता है। इसके बाद फर्टिलाइजेशन शुरू होता है।

शुक्राणु और अंडाणु मिलकर एक नई कोशिका बनाते हैं जिसे BLASTOCYST कहते हैं और जो बहुत तेजी से विभाजित होती है। इसमें एक आंतरिक कोशिका द्रव्यमान (ICM) होता है जो बाद में EMBRYO बनाता है। Blastocyst की बाहरी परत पर जो कोशिकाएँ होती हैं उन्हें सामूहिक रूप से Trophoblast कहा जाता है और यही PLACENTA (गर्भनाल) बनाती हैं।

BLASTOCYST फैलोपियन ट्यूब से गर्भाशय तक जाता है, जिसमें लगभग 24-36 घंटे लगते हैं।

जब तक BLASTOCYST खुद को गर्भाशय की दीवार से नहीं जोड़ता है, जहां यह एक EMBRYO और PLACENTA में विकसित होता है, तब तक महिला आधिकारिक तौर पर गर्भवती नहीं होती है। दो हफ्ते बाद, जब महिला का अगला पीरियड नहीं आता है तो पुष्टि करने के लिए एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए।

अक्सर पीरियड न आने के पहले दिन से किये गए प्रेगनेंसी टेस्ट ज्यादा विश्वसनीय होते हैं। प्रेगनेंसी टेस्ट में महिला के मूत्र में Human Chorionic Gonadotrophin (HCG) की जाँच की जाती है। गर्भधारण करने के बाद महिला का शरीर HCG का उत्पादन शुरू कर देता है।

तो निष्कर्ष यह है कि सेक्स के 10 से 15 दिन बाद ही प्रेगनेंसी का सही पता चलता है।
 
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vishalkumar

सेक्सोलॉजिस्ट
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गर्भावस्था का स्पष्ट परिक्षण केवल सेक्स के 12-14 दिन बाद ही किया जा सकता है। क्योंकि शुरुआत में प्रेगनेंसी को सिर्फ beta-HCG टेस्ट के जरिये ही पता लगाया जा सकता है। HCG टेस्ट में महिला के यूरिन में Human Chorionic Gonadotrophin हॉर्मोन की जाँच की जाती है जो प्रेगनेंसी के 12-14 दिन बाद बनने लगता है।

यदि HCG टेस्ट नेगेटिव आता है तब भी महिला प्रेग्नेंट हो सकती है। क्योंकि कुछ महिलाओं में HCG देर से बनना शुरू हो सकता है। इसलिए इस टेस्ट को 3 दिनों के अंतराल में 3 बार करना चाहिए।

गर्भावस्था अन्य प्रासंगिक संकेत है, पीरियड्स की कमी।

इसके अलावा शुरुआत में गर्भावस्था का कोई और सार्थक संकेत नहीं होता। गर्भावस्था के अन्य लक्षण भी होते हैं लेकिन यह निर्णायक नहीं होते। क्योंकि यह कुछ महिलाओं में मौजूद हो सकते हैं और कुछ में नहीं। कुछ महिलाओं में यह लक्षण दिखाई देने पर भी प्रेगनेंसी पक्की नहीं होती, क्योंकि यह किसी अन्य समस्या के लक्षण भी हो सकते हैं।

सीधे शब्दों में कहें तो शुरुआत में प्रेगनेंसी का पता लगाने का एक ही तरीका है, और वो है HCG टेस्ट।
 

bindu

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UPT यानि यूरीन प्रेगनेंसी टेस्ट द्वारा सेक्स के लगभग 10-12 दिनों के बाद प्रेगनेंसी का पता लगाया जा सकता है।

अक्सर पहली प्रेगनेंसी में लक्षण जल्दी दिखाई देने लगते हैं, और बाद की प्रेगनेंसी में कुछ देर से।

निर्धारित समय पर पीरियड्स न आना प्रेगनेंसी का सबसे बड़ा लक्षण होता है। पीरियड्स बंद होने के कुछ दिनों बाद मॉर्निंग सिकनेस (सुबह थकान महसूस होना) होने लगती है।

प्रेगनेंसी के 6-8 हफ़्तों बाद स्तनों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है और यह फूलने लगते हैं। हालाँकि यह लक्षण दिखने से पहले ही UPT के जरिये प्रेगनेंसी का पता चल जाता है।
 
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