Healthy Sex Life Tips in Hindi

Healthy Sex Life Tips in Hindi

धूम्रपान सेक्स लाइफ को पहुँचाता है नुकसान​

वैसे तो धूम्रपान स्वस्थ जीवन के लिए नुकसानदायक होता है, मगर इसके साथ ही यह आपकी सेक्स लाइफ को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है। यह सिर्फ आपके फेफड़ों को नुकसान नहीं पहुँचाता है बल्कि आपके शरीर के निचले भाग को भी नुकसान पहुँचाता है। धूम्रपान करने से पुरुष के गुप्तांगों में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। इससे नपुंसकता और इरेक्टाइल डिसफंक्शन की प्रॉब्लम उत्पन्न हो जाती है। इसके कारण शुक्राणु की संख्या भी कम हो सकती है और आप लिबिडो प्रॉब्लम (सेक्स करने में कमी) के शिकार हो सकते हैं।

सुखी सेक्स लाइफ के लिए फोरप्ले है जरूरी​

प्यार भरा संबंध स्थापित करने के पहले सम्भोग पूर्व क्रिया (फोरप्ले) भी अहम् भूमिका निभाता है। क्योंकि आपके पार्टनर को सम्भोग की चरम सीमा तक लाने के लिए फोरप्ले जरूरी होता है। इसके द्वारा ही आप दोनों के बीच सेक्स सम्बन्ध मधुर बन पाएंगे।

फोरप्ले का कोई निर्धारित समय नहीं होता है, इसके लिए सिर्फ धैर्य की जरूरत होती है। जब तक कि आपका पार्टनर फिजिकली और मेंटली इसके लिए तैयार न हो जाये। आप अपने पार्टनर के साथ प्यार भरी बातों के साथ फोरप्ले की शुरुआत कर सकते हैं। उसके रूप और गुणों की तारीफ कर सकते हैं। आपका प्यार भरा स्पर्श, संवेदनशील स्थानों में मालिश आदि से आप उसकी काम उत्तेजना को बढ़ा कर सकते हैं, ताकि वह मिलान के लिए तैयार हो जाये। उसको खुश करने के लिए मधुर गाना सुनते हुए प्यार भरी बातों के साथ उसके मन को मिलान के लिए तैयार कर सकते हैं।

सेक्स करने का सही समय​

सच तो यह है कि सेक्स करने का कोई फिक्स टाइम नहीं होता है, यह काम तो दिल से होता है। फिर भी मेडिकली बेस्ट सेक्स जानना जरूरी है।

पुरुषों के मामले में सुबह के वक्त सेक्स करना अच्छा होता है, क्योंकि उस वक्त टेस्टोस्टेरोन का लेवल हाई होता है जो उन्हें ज्यादा कामुक बना देता है। सुबह के वक्त उनका इरेक्शन भी ज्यादा होता है। रात भर की अच्छी नींद के बाद आपको शरीर में थकान भी नहीं होती, जिससे आप एनर्जी से भरपूर होते हैं, इसलिए सेक्स का आनंद अच्छी से उठा पाते हैं।

लेकिन महिलाएं रात के 8 से 10 बजे के बीच ज्यादा ऊर्जावान होती हैं और आमतौर पर इसी समय सेक्स करना पसंद करती हैं। लेकिन अक्सर इस मामले में पहले पहल नहीं करतीं। इसलिए आपको सबसे पहले अपनी लाइफ पार्टनर के दिल की बात को समझना जरूरी है, तभी आप एक स्वस्थ सेक्स लाइफ का आनंद ले सकेंगे।

इसलिए अपनी और अपनी लाइफ पार्टनर की इच्छाओं के अनुसार अपने सेक्स टाइम को फिक्स करें।

सेक्स के बाद क्या करना चाहिए​

आपको सेक्स से सम्बंधित प्रॉब्लम्स और तरीकों के बारे में तो बहुत सारी जानकारियाँ मिल जाएँगी मगर प्यार का संबंध स्थापित करने के बाद क्या करना चाहिए इसके बारे में शायद ही आपको पता हो।

वैसे तो सेक्स का सम्बन्ध स्थापित करने की प्रक्रिया काफी मेहनत का काम है। इस क्रिया को करने के लिए बहुत सारी एनर्जी की जरूरत होती है। इसलिए सेक्स करने के बाद अपने एनर्जी लेवल को बनाये रखने के लिए आप दूध, बादाम, केला जैसे हलके फूड्स का सेवन कर सकते हैं।

लेकिन इन सबके साथ ही सेक्स के बाद सफाई का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। प्रेम संबंध स्थापित करने के बाद हो सके तो गुनगुने गर्म पानी से नाहा लें और यदि संभव न हो तो साबुन से हाथ पैर धो लें। इससे आप आराम और शांत महसूस करेंगे। साथ ही किसी भी इन्फेक्शन के खतरे की संभावना भी कम हो जाएगी।

स्वस्थ सेक्स लाइफ के लिए प्यार और बिस्वास होता है जरूरी​

अधिकतर महिलाओं का मानना है कि सेक्स संबंध बनाने के लिए दिल में प्यार होना जरूरी होता है। प्यार ही हर संबंध को मधुर बनाता है। पति का भरपूर प्यार ही पत्नी को खुद को पूरी तरह से समर्पित करने में मदद करता है। पति के प्रति पत्नी का बिस्वास और प्यार, सेक्स के अनुभवों को अपने चरम सीमा तक पहुँचाने में मदद करता है।

आमतौर पर महिलाओं की यह मानसिकता होती है कि विवाह, प्यार और बिस्वास ही सेक्स संबंध का आधार होता है। इसलिए इनके बिना वह सेक्स लाइफ का आनंद पूरी तरह से नहीं उठा सकतीं। इस अनुभव के द्वारा ही वह अपने साथी को पूरी तरह से संतुष्ट कर पाने में समर्थ हो पाती हैं। इसलिए इस बात से यही निष्कर्ष निकलता है कि सेक्स लाइफ को सफल और आनंद दायक बनाने के लिए पति-पत्नी के संबंध में प्यार और बिस्वास होना जरूरी होता है।

डिप्रेशन का सेक्स लाइफ पर प्रभाव​

डिप्रेशन आम जीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ स्वस्थ सेक्स लाइफ को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है। दिमाग आपके सेक्स जीवन की कामनाओं को संचालित करने में मदद करता है। इसलिए दिमाग संबंधी कोई भी समस्या शरीर की प्रक्रियाओं में बाधा उत्पन्न करने लगती है। डिप्रेशन एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण दिमाग का केमिकल कम्पोजीशन बिगड़ जाता है जिसका सीधा प्रभाव पुरुष और महिला के विवाहित जीवन के मूल आधार को प्रभावित करता है।

डिप्रेशन के कारण आपकी स्वस्थ सेक्स लाइफ को 3 प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है​

  1. कामवासना (लिबिडो) की कमी - यह देखा जाता है कि डिप्रेशन के कारण लोग सेक्स के प्रति उदासीन हो जाते हैं और यह स्थिति समय के साथ और बिगड़ती जाती है। लाइफ में डिप्रेशन जितना बढ़ेगा उतनी ही काम वासना कम होगी।
  2. इरेक्टाइल डिसफंक्शन - इरेक्टाइल डिसफंक्शन नपुंसकता का ही एक रूप होता है। इसके कारण पुरुष को अपनी योग्यता पर शक होने लगता है और इस स्थिति का प्रभाव विवाहित जीवन पर पड़ने लगता है।
  3. प्रेम सम्बन्ध का आनंद नहीं उठा पाते हैं - डिप्रेशन के कारण पुरुष और महिला दोनों प्रेम संबंध का पूरा आनंद नहीं उठा पाते हैं। जिसके कारण वह एक दूसरे को संतुष्ट नहीं कर पाते और यही विवाहित जीवन के आनंद को धीरे-धीरे प्रभावित करने लगता है।
इसलिए डिप्रेशन का उपचार जितना जल्दी होगा उतनी ही आपकी शादीशुदा जिंदगी में शांति लौट आएगी।

महिलाओं में कामेक्षा की कमी की समस्या​

महिलाओं में कामेक्षा की समस्या शारीरिक और मानसिक समस्याओं के कारण हो सकती है। मधुमेह, कैंसर, दिल और दिमाग संबंधी बिमारियों और उच्च रक्तचाप के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। कुछ महिलाओं में हॉर्मोन से सम्बंधित बदलाव जैसे गर्भधारण, दुग्धपान, मेनोपोज (मासिक धर्म का बंद होना), तनाव, थकान आदि के कारण भी कामेक्षा में कमी उत्पन्न होती है। इन सब कारणों से पति-पत्नी के संबंध में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

प्राकृतिक तरीकों से कामेक्षा में कमी के उपाय​

  • धूम्रपान, शराब, चाय और कॉफ़ी का कम सेवन करें।
  • संतुलित आहार का सेवन करें।
  • योगासन और व्यायाम करें।
  • शरीर पर तिल के तेल से मालिश करें, इससे मांशपेशियां मजबूत होती हैं।
  • अपने भोजन में सौंफ, मेथी और अदरक का अधिक इस्तेमाल करें।
  • सोने से पहले एक गिलास दूध जरूर पियें।
  • अश्वगंधा और शतावरी का सेवन करें।

मोटापा आपकी स्वस्थ सेक्स लाइफ के लिए हानिकारक हो सकता है​

मोटापा सिर्फ आपकी शारीरिक बनावट को ही नहीं नष्ट करता है बल्कि स्वस्थ सेक्स लाइफ को भी प्रभावित करता है। मोटापा से आपका शरीर कई प्रकार की बीमारियों का घर बन जाता है। इन बिमारियों के साथ यह आपके विवाहित जीवन को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है। इससे आपमें सेक्सुअल डिसफंक्शन, यौन रोग और हार्मोनल इम्बैलेंस की समस्या हो सकती है।

मोटापा से हाई कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), मधुमेह (डायबिटीज) जैसी बीमारियाँ हो जाती हैं जिसके कारण पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं हो पाता है, यहाँ तक कि लिंग में भी रक्त का प्रभाव अच्छी तरह से नहीं हो पाने के कारण कामोत्तेजना में भी कमी आती है।

मोटापा के इन कारणों से इरेक्टाइल डिसफंक्शन उत्पन्न हो जाती है जो सेक्स लाइफ को बुरी तरह से प्रभावित करती है। इन सब कारणों से निजात पाने के लिए वजन घटाना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। जैसे-जैसे आपका वजन घटना शुरू हो जायेगा वैसे-वैसे इन सारी समस्याओं से निजात मिलने लगेगी।

मधुमेह आपकी स्वस्थ सेक्स लाइफ को कैसे करता है प्रभावित?​

आजकल मधुमेह की बिमारी सबके लिए आम समस्या बन गई है। इस बीमारी के कारण स्वास्थ्य से सम्बंधित अनेक समस्याएँ उत्पन्न होने लगती हैं। लेकिन किसी को इस बात का पता नहीं चल पाता है कि यह बीमारी किस तरह आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित करती है। मधुमेह नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है जिसके कारण पुरुषों के लिंग में ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं पाता है। इसके फलस्वरूप उनको सेक्स उनको सेक्स सम्बन्ध स्थापित करने में प्रॉब्लम होने लगती है।

मधुमेह के कारण महिलाओं और पुरुष दोनों में काम-उत्तेजना की कमी आ जाती है, जिससे शादीशुदा लाइफ बुरी तरह प्रभावित होती है। इसलिए स्वस्थ सेक्स के लिए मधुमेह पर कंट्रोल करना जरूरी है।

टेस्टोस्टेरोन की कमी सेक्स लाइफ को करती है प्रभावित

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के अंडकोष से निकलने वाला हॉर्मोन होता है जो मूल रूप से उन्हें यौन संबंधी सभी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। इसके अलावा यह हड्डियों के विकास में, रेड ब्लड सेल्स की मात्रा को नियंत्रित करने आदि में मदद करता है।

टेस्टोस्टेरोन की कमी का सबसे ज्यादा प्रभाव सेक्स लाइफ पर पड़ता है। यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन की बिमारी का मूल कारण बन जाता है। इस स्थिति में दिमाग में डिप्रेशन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, दिमाग में बुरे-बुरे ख्याल आने लगते हैं और स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है।

इस स्थिति से बाहर आने के लिए सुबह टेस्टोस्टेरोन लेवल का टेस्ट करवाएं क्योंकि सुबह के समय इसका लेवल सबसे ज्यादा होता है। टेस्ट के आधार पर डॉक्टर से मेडिसिन लें।
 
Top