योनि ढीली होने के कारण, और इसे टाइट करने के तरीके

योनि का ढीला होना संभव नहीं है क्योंकि योनि लोचदार होती है और खिंचाव के लिए बानी होती है। आपकी योनि उम्र या बच्चे के जन्म के साथ थोड़ी कम लचीली हो सकती है, लेकिन जरूरी नहीं कि वह “ढीली” हो।

जब योनि की बात आती है, तो इसको लेकर बहुत सारी गलत धारणायें और भ्रांतियां फैली हैं। उदाहरण के लिए, कुछ लोगों का मानना है कि योनि अपना लचीलापन खो सकती है और हमेशा के लिए ढीली हो सकती है। हालांकि यह वास्तव में सच नहीं है।

हर महिला की योनि लोचदार होती है। इसका मतलब है कि यह अंदर आने वाली चीजों को समायोजित करने के लिए खिंचाव पैदा कर सकती है। लेकिन चीज को बाहर निकालने के बाद योनि को अपने पिछले आकार में वापस आने में देर नहीं लगती।

उम्र बढ़ने के साथ या आपका बच्चे पैदा होने पर, योनि का लचीलापन कम हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर, इसकी मांसपेशियां अब भी एक रबर बैंड की तरह ही फैलती और सिकुड़ती हैं।

यह धारणा कितनी सही है और कैसे एक “टाइट” योनि एक अंतर्निहित स्थिति का संकेत हो सकती है, इस बारे में अधिक जानने के लिए आगे पढ़ते रहें। साथ ही, हम एक कम लचीली योनि को टाइट करने के तरीकों के बारे में भी जानेंगे।

‘ढीली योनि’ की भ्रांति को तोड़ना

पहली बात पहले: “ढीली” योनि जैसी कोई चीज नहीं होती है। आपकी योनि उम्र और बच्चे के जन्म के कारण, समय के साथ कम लचीली हो सकती है, लेकिन यह स्थायी या पूर्ण रूप से अपना लचीलापन नहीं खोती है।

एक “ढीली” योनि का मिथक ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को उनके यौन जीवन के प्रति शर्मिंदा करने के तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

आखिरकार, एक “ढीली” योनि शब्द का उपयोग उस महिला का वर्णन करने के लिए नहीं किया जाता, जो अपने साथी के साथ बहुत अधिक यौन संबंध रखती है। बल्कि यह मुख्य रूप से उस महिला का वर्णन करने के लिए प्रयोग किया जाता है, जिसने एक से अधिक भागीदारों के साथ यौन संबंध बनाए हैं।

लेकिन सच्चाई यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किसके साथ या कितनी बार सेक्स करती हैं। लिंग-योनि सेक्स आपकी योनि को स्थायी रूप से “ढीला” बनाने का कारण नहीं बनेगा।

“टाइट” योनि का मतलब

आपको यह जानना महत्वपूर्ण है कि एक “टाइट” योनि आपमें किसी अंतर्निहित समस्या का संकेत हो सकती है, खासकर यदि आप योनि में लिंग के प्रवेश के दौरान असुविधा का अनुभव कर रही हैं।

जब आप उत्तेजित होती हैं, तो आपकी योनि की मांसपेशियां स्वाभाविक रूप से रिलैक्स होने लगती हैं। यदि आप उत्तेजित नहीं हैं, सेक्स में रुचि नहीं रखती हैं, या संभोग के लिए शारीरिक रूप से तैयार नहीं हैं, तो आपकी योनि रिलैक्स नहीं करेगी, स्वयं को चिकनाई नहीं देगी और प्राकृतिक खिंचाव पैदा नहीं करेगी।

तब योनि की टाइट मांसपेशियां सेक्स को दर्दनाक या पूरा करना असंभव बना सकती हैं।

सेक्स के दौरान योनि की मांसपेशियों का संकुचन भी सेक्स को असहज बना सकता है। यह महिलाओं में होने वाला एक यौन विकार है, जिसे मेडिकल भाषा में वैजिनिस्मस या योनि संकुचन कहा जाता है। कुछ सरल उपायों और डॉक्टर की मदद से इसको प्रबंधित करना संभव है

वैजिनिस्मस एक दर्द है जो योनि में कुछ भी डालने, जैसे लिंग, टैम्पोन या उपकरण के दौरान होता है। यदि आपको लगता है कि आपको यह है, तो एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें।

वैजिनिस्मस को प्रबंधित करने के लिए, डॉक्टर मांसपेशियों को आराम देने वाली कीगल व अन्य पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज, योनि डिलेटर थेरेपी, या बोटॉक्स इंजेक्शन की सलाह दे सकता है।

 
 
 
 

समय के साथ योनि में बदलाव

केवल दो चीजें आपकी योनि के लचीलेपन को प्रभावित कर सकती हैं: उम्र और प्रसव। अत्यधिक सेक्स करना – या बिलकुल भी सेक्स न करना – आपकी योनि के लोच को प्रभावित नहीं करते।

समय के साथ, प्रसव और बढ़ती उम्र संभावित रूप से आपकी योनि के हल्के, प्राकृतिक ढीलेपन का कारण बन सकते हैं।

जिन महिलाओं का एक से अधिक बार प्रसव हुआ है, उनमें योनि की मांसपेशियां कमजोर होने की संभावना अधिक होती है। हालाँकि, केवल उम्र बढ़ने से भी आपकी योनि में थोड़ा खिंचाव हो सकता है, भले ही फिर आपके बच्चे न हों।

उम्र

आपको 40 की उम्र से ही अपनी योनि की लोच में बदलाव दिखना शुरू हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रजोनोवृत्ति के शुरुआती चरण में प्रवेश करते ही आपके एस्ट्रोजन का स्तर गिरना शुरू हो जाएगा।

एस्ट्रोजन की कमी का मतलब है कि आपकी योनि के ऊतकों में निम्न बदलाव आएंगे:

  • पतलापन
  • सूखापन
  • अम्लता में कमी
  • कम खिंचाव या लचीलापन

पूर्ण रजोनिवृत्ति तक पहुंचने के बाद ये परिवर्तन अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं।

प्रसव

प्रसव के बाद आपकी योनि में बदलाव आना स्वाभाविक है। आखिरकार, आपकी योनि की मांसपेशियों में खिंचाव होता है ताकि आपके बच्चे को गर्भाशय से आपकी योनि के प्रवेश द्वार से बाहर निकलने में मदद मिले।

आपके बच्चे के जन्म के बाद, आप देख सकती हैं कि आपकी योनि अपने सामान्य रूप से थोड़ी ढीली महसूस होगी। ऐसा होना पूरी तरह से सामान्य है।

प्रसव के कुछ दिनों बाद आपकी योनि वापस अपने सामान्य आकार में आना शुरू हो जानी चाहिए, हालांकि यह पूरी तरह से अपने मूल आकार में वापस नहीं आती और इसमें थोड़ा ढीलापन रह जाता है।

यदि आपके कई बच्चे हैं, तो आपकी योनि की मांसपेशियों में थोड़ी लोच खोने की संभावना अधिक होती है। यदि आप चाहती हैं कि ऐसा न हो, तो गर्भावस्था से पहले, गर्भावस्था के दौरान और बाद में आपकी योनि के तल की पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए कुछ एक्सरसाइज मौजूद हैं।

अपनी योनि की मांसपेशियों को मजबूत कैसे करें

पेल्विक एक्सरसाइज आपकी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने का एक शानदार तरीका है। पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां आपके मूत्रमार्ग, आपके शरीर से पेशाब को बाहर निकालने वाली नली और आपके गुदा, को एक साथ जोड़ने वाली मांसपेशियां होती हैं।

ये मांसपेशियां आपके शरीर की नींव का हिस्सा हैं और निम्न को बेहतर रखने में सहायता करती हैं:

  • मूत्राशय
  • मलाशय
  • छोटी आंत
  • गर्भाशय

जब आपकी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां उम्र बढ़ने या बच्चे के जन्म से कमजोर हो जाती हैं, तो आपको निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

  • गलती से पेशाब का रिसाव हो जाना या हवा निकल जाना
  • निरंतर पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होना
  • श्रोणि क्षेत्र में दर्द होना
  • सेक्स के दौरान दर्द का अनुभव होना

हालांकि पैल्विक एक्सरसाइज हल्के मूत्र असंयम का इलाज करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन यह उन महिलाओं के लिए फायदेमंद नहीं हैं जो गंभीर मूत्र रिसाव का अनुभव करती हैं।

पेल्विक एक्सरसाइज

यदि आप अपनी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने की इच्छुक हैं, तो यहां कुछ एक्सरसाइज दी गई हैं जिन्हें आप आजमा सकती हैं:

कीगल एक्सरसाइज

सबसे पहले, आपको अपनी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की पहचान करने की आवश्यकता है। इनका पता लगाने के लिए, पेशाब करते समय बीच में ही रुक जाएं, और जिन मांसपेशियों के जरिये आपने इसे रोका है उनका अनुभव करें, यही आपकी पेल्विक मांसपेशियां हैं।

एक बार जब आप मांसपेशियों की पहचान कर लें, तो निम्न चरणों का पालन करें:

  1. सबसे पहले एक्सरसाइज के लिए एक आरामदायक पोजीशन चुनें। ज्यादातर लोग कीगेल के दौरान पीठ के बल लेटना पसंद करते हैं।
  2. अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को कस लें (या सिकोड़ लें)। इसे 5 सेकंड के लिए होल्ड करें और फिर ढीला छोड़ दें।
  3. इस दौरान अपनी जांघों, पेट या कूल्हों को कसने की कोशिश न करें। बस अपनी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों पर ध्यान दें।
  4. ढीला छोड़ने के बाद 5 सेकंड के लिए आराम करें और फिर दोबारा दूसरा चरण दोहराएं।
  5. इस एक्सरसाइज को एक बारे में कम से कम 5 बार दोहराएं।

कुछ दिनों तक नियमित एक्सरसाइज करने पर जब आपकी पेल्विक मांसपेशियां थोड़ी मजबूत हो जाएँ, तो इन्हें कसने के समय को 10 सेकंड कर दें।

पेल्विक टिल्ट एक्सरसाइज

पेल्विक टिल्ट एक्सरसाइज के जरिये अपनी योनि की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए निम्न चरण अपनाएं:

  • एक दीवार के सहारे अपने कंधे और कूल्हों को चिपकाकर खड़ी हो जाएँ। इस दौरान अपने घुटनों को ढीला रखें।
  • अब अपनी नाभि (या पेट) को रीढ़ की ओर खींचे। जब आप ऐसा करती हैं, तो आपकी पूरी पीठ दीवार पर सीधी चिपक जानी चाहिए।
  • अब अपनी नाभि को 4 सेकंड के लिए कस लें, और फिर ढीला छोड़ दें।
  • इस एक्सरसाइज को एक बार में कई बार दोहराएं, और दिन में कई बार करें।

योनि शंकु

योनि शंकु (vaginal cones) के उपयोग से भी आप अपनी पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत कर सकती हैं।

योनि शंकु एक भारी टैम्पोन के आकार की वस्तु होती है जिसे आप अपनी योनि में डाले रख सकती हैं।

यह छोटे से लेकर अलग-अलग साइज के साथ किट में आते हैं, और यह मुख्य रूप से योनि की मांसपेशियों को एक्सरसाइज कराने के लिए शोधकर्ताओं द्वारा प्रमाणित हैं।

  • शुरुआत में सबसे हल्के शंकु को अपनी योनि में डालें।
  • अब अपनी योनि की मांसपेशियों को सिकोड़ें और शंकु को 15 मिनट के लिए अंदर होल्ड करें। ऐसा दिन में दो बार करें।
  • जैसे-जैसे आप अपनी योनि में शंकु को रखने में अधिक सफल होती जाएँ, वैसे-वैसे आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले शंकु का वजन बढ़ाती जाएँ।

2015 में हुए एक शोध के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं में मूत्र संयम को बेहतर बनाने और योनि के लचीलेपन को वापिस पाने के लिए योनि शंकु सहायक हो सकते हैं। हालांकि, अभी और अधिक शोधों की जरूरत है।

न्यूरोमस्कुलर इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन (NMES)

NMES आपके पेल्विक में विद्युत प्रवाह भेजकर आपकी योनि की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। यह विद्युत उत्तेजना आपके पेल्विक की मांसपेशियों को अनुबंधित करने और आराम देने का कारण बनेगी।

NMES एक ऐसे उपकरण का उपयोग करता है जो तंत्रिकाओं को विद्युत आवेग भेजता है।

आप घरेलू NMES इकाई का उपयोग कर सकती हैं या अपने चिकित्सक से करवा सकती हैं।

निष्कर्ष

याद रखें: योनि का “ढीला” होना एक भ्रांति है। उम्र और प्रसव के कारण आपकी योनि स्वाभाविक रूप से अपना कुछ लोच खो सकती है, लेकिन आपकी योनि की मांसपेशियां स्थायी रूप से नहीं खिंचेंगी।

प्रसव के बाद समय के साथ आपकी योनि अपने मूल रूप में वापस आ जाएगी।

यदि आप अपनी योनि में होने वाले परिवर्तनों को लेकर चिंतित हैं, तो इस बारे में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से चर्चा करें। वह आपकी चिंताओं को कम करने में मदद कर सकते हैं और आपको आगे क्या करना चाहिए इसकी सलाह दे सकते हैं।

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