लंबे समय तक सेक्स न करने के क्या प्रभाव होते हैं?

आपने जो भी देखा, पढ़ा या सुना होगा उसके बावजूद अगर आप नियमित रूप से सेक्स नहीं करते हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अगर आपने कभी भी सेक्स नहीं किया है तब भी आपके साथ कुछ भी गलत नहीं है।

ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से लोग सेक्स करना पसंद करते हैं। इसमें आनंद, दूसरों को प्रसन्न करना, कामुकता, तनाव से राहत, या खुद को साबित करना शामिल हो सकता हैं। सेक्स किए बिना भी इन जरूरतों को पूरा करने के कई तरीके हैं।

जब सेक्स और यौन आकर्षण की बात आती है तो हर किसी की अलग-अलग ज़रूरतें और पहचान होती हैं। साथ ही सेक्स का कोई भी सही या गलत तरीका नहीं होता है।

सेक्स करने के जितने कारण होते हैं उतने ही सेक्स न करने के भी हो सकते हैं। अगर आपको सेक्स में दिलचस्पी नहीं है, तो आपको इसे करने की भी जरूरत नहीं है! सेक्स न करने से कोई “समस्या” नहीं होती और न ही कुछ “खराब” होता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चाहे कोई व्यक्ति सेक्स क्रिया में संलग्न हो या न हो, उसका सम्मान किया जाना आवश्यक है।

आपके लिए सेक्स महत्वपूर्ण क्यों नहीं है, या आप सेक्स करने से क्यों बचना चाहते हैं, इसके कई कारण हो सकते हैं। ऐसे कुछ तरीके हैं जिनसे आप अपनी ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं और बिना सेक्स के पूरा जीवन जी सकते हैं।

यहाँ हमने सेक्स न करने को लेकर पूरी जानकारी दी है जो आपको जानना आवश्यक है:

अगर आप कभी भी सेक्स नहीं करना चाहते तो क्या करें?

अगर आपने कभी भी सेक्स नहीं किया है या नहीं करना चाहते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। मुख्यधारा के मीडिया या अन्य लोग आपको इसके उलट बता सकते हैं, लेकिन यह सच नहीं है।

सेक्‍स ना करने के बारे में आपने कई बेतुकी बातें सुनी होंगी। जैसे इससे आपका लिंग खड़ा होना बंद हो जायेगा, या महिलाओं के मामले में उनकी योनि बंद हो जाएगी या दर्द करेगी। कुछ तो यह भी कहते हैं कि इससे आपकी जल्दी मृत्यु हो जाएगी।

इनमें से कोई भी बात सच नहीं है। आपकी सेक्स और यौन आकर्षण की भावना पूरी तरह से आपके निजी निर्णय पर आधारित होना चाहिए।

यौन पहचान और किशोरावस्था

जब यौन विकास की बात आती है तो किशोरावस्था इसका एक महत्वपूर्ण चरण है। बहुत सारे भावनात्मक और शारीरिक परिवर्तन इसी समय होते हैं।

2021 के एक शोध से पता चलता है कि समाज में किशोरों के लिए अक्सर जोखिम प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाता है। लेकिन यह केवल उनमें इस विचार को डालता है कि विकास के इस प्राकृतिक चरण में उनमें कुछ समस्या है।

लेकिन वास्तव में किसी भी व्यक्ति के लिए यह चरण अपनी यौन पहचान का पता लगाने का समय होता है। एक ऐसा मौका जिसमें आप अपनी वास्तविक यौन भावनाओं का पता लगा सकते हैं। हालाँकि इस चरण में, किशोरों को अन्य लोगों की सहमति, पारस्परिक समझ और संचार में सहायता की भी आवश्यकता होती है।

कुछ किशोरों को पता चलेगा कि उन्हें सेक्स में इतनी ज्यादा दिलचस्पी नहीं है। अन्य किशोर यौन आकर्षण को शायद उस तरह महसूस न करें जैसे उनका साथी करता है। यह महत्वपूर्ण है कि किशोरों को यह संदेश दिया जाये कि यह पूरी तरह से सामान्य होता है और विकास की विविधता का एक हिस्सा है।

अलैंगिकता बनाम ब्रह्मचर्य पर एक नजर

अलैंगिकता और ब्रह्मचर्य समान नहीं हैं। ब्रह्मचर्य अपनी मर्जी से सेक्स से बचने का निर्णय होता है। अलैंगिक होना एक प्राकृतिक यौन पहचान है। अलैंगिक व्यक्ति दूसरों के प्रति यौन आकर्षण महसूस नहीं करता है।

अलैंगिकता में कई विविधतायें भी हो सकती हैं। इसका मतलब है कि हर अलैंगिक व्यक्ति यौन आकर्षण के विभिन्न स्तर को महसूस कर सकता है। यानि कि सभी अलैंगिक लोग एक ही तरह से यौन आकर्षण महसूस नहीं करते हैं।

सरल शब्दों में कहें तो कुछ अलैंगिक लोगों को बिलकुल भी यौन आकर्षण महसूस नहीं होगा। जबकि अन्य लोग यौन आकर्षण की विभिन्न डिग्री महसूस करेंगे। इसके अलावा, कुछ लोग किसी के प्रति गहरे भावनात्मक संबंध विकसित होने के बाद ही यौन आकर्षण महसूस करेंगे।

आपके सेक्स की इच्छा (कामोत्तेजना) और यौन आकर्षण में भी अंतर होता है। जो लोग अलैंगिक हैं वे अभी भी अपने साथी के साथ यौन संबंध बना सकते हैं या हस्तमैथुन का आनंद ले सकते हैं, क्योंकि उनमें अन्य लोगों की तरह ही कामोत्तेजना तो होती है, लेकिन उनका सेक्स के प्रति आकर्षण या अनुभव अलग होता है। इसी कारण से अलैंगिक लोगों को अक्सर अपनी यौन पहचान के बारे में कुछ बहुत ही हानिकारक और निराशाजनक गलतफहमियों का सामना करना पड़ता है।

इस यौन भावनाओं से भरी पड़ी दुनिया में, अलैंगिक लोगों को बताया या महसूस कराया जा सकता है कि उनके साथ कुछ गड़बड़ है। ऐसे लोग भी हैं जो मानते हैं कि अलैंगिक लोग शायद अभी तक सही व्यक्ति से नहीं मिले हैं, या शायद उनके पास अनुभव की कमी है। यह पूरी तरह से गलत और हानिकारक धारणा है। अलैंगिक होना पूरी तरह से सामान्य और प्राकृतिक भावना है, बस आपको इसे पहचानना और समझना आवश्यक है।

लोगों की यौन भावनाओं में कई विविधतायें होती हैं, और यह एक बहुत ही खूबसूरत चीज है। हर कोई अलग है। इसलिए अपनेआप से यह पूछना आवश्यक है कि आप किस प्रकार की यौन भावना का अनुभव करते हैं।

हम आपसे दोबारा कहना चाहेंगे: आपका पूरा जीवन सिर्फ इसलिए दुखों से नहीं गुजरेगा क्योंकि आपको किसी के भी प्रति यौन आकर्षण का अनुभव नहीं होता। यहां तक कि अगर आपको लगातार यह सुनने को मिलता है कि सेक्स के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, तो भी सेक्स न करने से भी समान लाभ मिल सकते हैं। सेक्स के फायदे सिर्फ उन्हीं को होते हैं जिन्हें इसे करने से प्राकृतिक आनंद का अनुभव होता है। यदि आपको यह आनंद अनुभव नहीं होता तो इसे न करना ज्यादा फायदेमंद है।

सेक्स न करके इसके फायदे प्राप्त करने के कुछ आम तरीके निम्न हैं:

  • अपने एंडोर्फिन के स्तर को बढ़ाने के लिए नियमित एक्सरसाइज करें।
  • अपने जैसे लोगों के साथ समय व्यतीत करें, जो आपकी पसंद व भावनाओं को समझते व सम्मान देते हैं।
  • अपने आप को प्रकृति में विसर्जित करें।

वहीं दूसरी ओर ब्रह्मचर्य या जानबूझकर सेक्स से बचना आपकी खुद की जागृति के लिए एक अच्छा तरीका है।

ब्रह्मचर्य का पालन करना समाज के दबावों से बचने, काम-वासनाओं के दुष्प्रभावों से बचने और खुद को आध्यात्मिकता की तरफ ले जाने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। इसके जरिये आप गैर-यौन गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो आपको आनंद देती हैं और आपको शांत करती हैं।

ब्रह्मचर्य टाइम मैनेजमेंट का भी एक अच्छा तरीका होता है। यही कारण है कि पुराने जमाने में शिष्यों को 25 साल की उम्र तक ब्रह्मचर्य का पालन कराया जाता था, ताकि उनका पूरा ध्यान अपनी शिक्षा में रहे, न कि वासना में विचलित हो।

सेक्स से मिलने वाले लाभों को आप ब्रह्मचर्य में कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

सेक्स कई लोगों के लिए खुशी, गर्मजोशी और अपने पार्टनर के प्रति जुड़ाव की भावना प्रदान कर सकता है। लेकिन निश्चित रूप से इन लाभों को प्राप्त करने का सेक्स ही एकमात्र तरीका नहीं है।

लोगों को सेक्स करने में मजा क्यों आता है, इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं। साथ ही, सेक्स के अलावा इन लाभों को प्राप्त करने के अन्य तरीके भी बताये गए हैं। हो सकता है कि आप कुछ समय के लिए सेक्स से बचने का सोचा-समझा निर्णय लेते हैं। तो आप निश्चित रूप से आप आनंद प्राप्त करने अन्य तरीकों को तलाशने और सीखने की इच्छा रखते होंगे।

यदि सेक्स आपके लिए अपनी पार्टनर की यौन रुचियों का पता लगाने और उसके शरीर का आनंद लेने का एक तरीका है, तो निम्न चीजें अपनाकर देखें:

  • नई रुचियों की खोज करें, चाहे फिर वह सेक्स फैंटेसी और हस्तमैथुन के माध्यम से हो, या अन्य गैर-यौन गतिविधियों के माध्यम से हों जो आपको आनंदित करती हैं।
  • अपनी पार्टनर के शरीर के गैर-जननांग अंगों को प्यार करने पर ध्यान केंद्रित करें। जैसे आपको उसकी ऑंखें या आवाज पसंद हो सकती है।
  • अपनी पार्टनर के साथ मजबूत भावनात्मक संबंध बनाएं।

यदि सेक्स आपके लिए तनाव मुक्त करने वाला तरीका है, तो निम्न चीजें अपनाकर देखें:

  • जो चीज आपको परेशान कर रही है, उससे निपटने से बचने के लिए सेक्स का उपयोग करने के बजाय, अपने आप से फिर से जुड़ने का प्रयास करें।
  • शारीरिक संतुष्टि की वजाय अपनी नींद और आत्म-देखभाल को प्राथमिकता दें।
  • तनाव कम करने के लिए भावनात्मक विनियमन और मेडिटेशन का सहारा लें।
  • एक ऐसी शारीरिक गतिविधि की खोज करें, जो आपको तनाव मुक्त करने में मदद करती है। जैसे कुछ लोगों को रोज एक्सरसाइज करने से तनाव कम करने में मदद मिलती है।

यदि सेक्स आपके लिए अपनी पार्टनर को संतुष्ट करने और निष्ठावान रखने का तरीका है, तो निम्न चीजें अपनाकर देखें:

  • अपनी पार्टनर को खुश करने के लिए खुद पर दबाव डाले बिना उसके शरीर का आनंद बढ़ाना सीखें।
  • जैसे अपनी पार्टनर को फोरप्ले के जरिये संतुष्टि देने का अभ्यास करें। सेक्स संतुष्टि के मामले में ज्यादातर महिलाओं के लिए लिंग-योनि सेक्स के वजाय फोरप्ले ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।

ब्रह्मचर्य के दौरान जननांगों के इष्टतम स्वास्थ्य बनाये रखने के कुछ टिप्स निम्न हैं:

  • नियमित रूप से एक सेक्सोलोजिस्ट या महिलाओं के मामले में स्त्री रोग विशेषज्ञ से जाँच करवाते रहें।
  • यीस्ट इंफेक्शन से बचने के लिए ढीले अंडरगारमेंट्स पहनें।
  • स्वच्छता का अच्छे से ध्यान रखें।
  • ऐसे लोगों के साथ रहें जो आपके निर्णयों का समर्थन या सम्मान करते हैं।

यदि आपने सेक्स में रुचि खो दी है, तो इससे मिलने वाले लाभ कैसे प्राप्त करें

आपने सेक्स में रुचि क्यों खो दी है, इसके कई कारण हो सकते हैं। और हो सकता है कि यह समय आपके लिए तनाव या हानि (जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु) का हो, और आपको अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए कुछ समय की आवश्यकता हो।

कुछ के लिए, यह दुनिया की खोज करने और नए तरीकों से आनंद प्राप्त करने का समय हो सकता है। या खुद के प्रति ईमानदार होने का दौर हो सकता है।

ऐसा भी हो सकता है कि आपने पहले कभी यौन इच्छा महसूस की हो, अपनी यौन जरूरतों को पूरा करने के प्रयास किए हो, और अब आप रुचि खो चुके हों। ऐसा होना सामान्य है, और आपको हमेशा यह जानने की जरूरत नहीं है कि आपकी रुचियां क्यों बदल गई हैं।

सेक्स की इच्छा न होना कोई बुरी बात नहीं है, जब तक कि यह आपके मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित न कर रही हो। इसलिए यदि अन्य लोग आपकी पसंद के आधार पर आपको जबरदस्ती सेक्स में ढकेलते हैं, तो उन्हें अनदेखा करें। अपने आप पर भरोसा रखें, आपको सेक्स करना चाहिए या नहीं करना चाहिए यह आपका अपना व्यक्तिगत निर्णय है और इससे किसी और को कोई लेना-देना नहीं हो चाहिए।

यदि आप वास्तव में पता लगाने में रुचि रखते हैं कि आपने सेक्स में रुचि क्यों खो दी, तो अपनेआप के प्रति खुले, जिज्ञासु और गैर-विवादास्पद बने रहें। यदि आप अपने आप से इस बारे में ईमानदार प्रश्न पूछते हैं कि आपने सेक्स में रुचि क्यों खो दी, तो आप इसके बारे में और ज्यादा जान पाएंगे।

यदि आप अपनी सेक्स की रुचि खोने को लेकर बुरा महसूस कर रहे हैं, तो इस भावनात्मक दर्द को कम करने की कोशिश न करें। इसके बजाय, जो कुछ भी आपके मन में उठता है उसे महसूस करने पर ध्यान केंद्रित करें। करुणा के साथ यह पता लगाने पर काम करते रहें कि ऐसा क्या बदलाव है जो आपके सेक्स की रुचि खोने का कारण बन सकता है।

यदि आप सेक्स करने में कुछ देरी करना चाहते हैं

यह भी पूरी तरह मान्य विचार है, आप कई कारणों से सेक्स करने में देरी कर सकते हैं। आप अपने शरीर के बारे में सीखने और आत्म-सुख के साथ प्रयोग करने में समय व्यतीत करने का निर्णय ले सकते हैं। यह प्रयोग आपको इस बात का बेहतर अंदाजा लगाने मदद करता है कि यदि आप किसी समय किसी साथी के साथ यौन संबंध बनाते हैं तो आपको क्या अच्छा लगेगा।

सेक्स सबसे अच्छा तब होता है जब दोनों पार्टनर की जरूरतें पूरी हों। इसलिए आपको और आपकी पार्टनर को जो अच्छा लगता है उसके बारे में खुला संचार रखना इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

लगातार यौन रूप से सक्रिय होने के बाद कुछ दिनों के लिए यौन गतिविधि से बचना भी एक स्वाभाविक और अच्छा निर्णय होता है। इससे आपको अपनी ऊर्जा को दोबारा इकठ्ठा करने का बेहतर मौका मिल सकता है। ऐसा भी माना जाता है कि लम्बे समय तक परहेज करने के बाद सेक्स करने से ऑर्गाज्म का आनंद कई गुना बढ़ जाता है।

यह इस बात का मूल्यांकन करने का भी अच्छा समय होता है कि आपके लिए कैसा और किस तरीके से सेक्स करना सबसे बेहतर होगा। यौन रूप से सक्रिय होने पर यह विचार अक्सर दिमाग में आते तो हैं, लेकिन समय के अभाव के कारण उनका मूल्यांकन करना संभव नहीं हो पाता।

सावधानियाँ

आपकी यौन पहचान और सेक्स के प्रति आप जो भी निर्णय लेते हैं, वह पूरी तरह से आपका व्यक्तिगत मामला है। सेक्स हमेशा इच्छा और सहमति से ही होना चाहिए

इसलिए आपको कभी भी यौन संबंध बनाने या ऐसा कुछ भी करने के लिए दबाव महसूस नहीं करना चाहिए जो आप नहीं करना चाहते।

हो सकता है कि आपको ऐसे लोगों का सामना करना पड़े जो आपके निर्णयों या पहचान को चुनौती देते हैं या प्रश्न करते हैं। अन्य लोगों को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है।

यदि कोई आपका सम्मान नहीं करता है कि आप कौन हैं और आप कैसा महसूस करते हैं, तो उस व्यक्ति के प्रति अपनी सीमाएं निर्धारित करें – विशेष रूप से भौतिक।

यह सीमाएं निम्न हो सकती हैं –

  • वह आपकी बात बीच में काटता हो या आपकी बात नहीं सुनता हो।
  • वह कहता कुछ हो और उसका व्यवहार कुछ और ही बयां करता हो।
  • आपने एक सीमा निर्धारित की हो और वह इसे अनदेखा करता हो।

किसी के साथ सेक्स न करना बुरी बात नहीं है

आप पर सेक्स करने का बहुत अधिक दबाव हो सकता है। लेकिन इसे एक आदर्श बना लेना अनुचित होगा।

अक्सर समाज और मीडिया जिस सेक्स संदेश को हमें बताते है, वह अति-सरलीकृत और बहिसंख्यक लोगों के लिए होता है। लेकिन सेक्स और इसकी इच्छा अत्यधिक जटिल और व्यक्तिगत विषय होता है। यानि हर व्यक्ति में इसकी गहनता और भावना अन्य से काफी अलग हो सकती है।

जो लोग यौन संबंध नहीं रखते हैं या जो यौन आकर्षण का अनुभव नहीं करते हैं, वे अभी भी किसी के साथ अंतरंग हो सकते हैं और सार्थक प्रेम संबंध बना सकते हैं। वहीं दूसरी ओर ब्रह्मचारी रहना खुद से प्रेम करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।

दूसरों के साथ जुड़ाव महसूस करना – चाहे फिर वो यौन रूप से हो या न हो – जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसलिए खुद के बारे में ईमानदार रहें कि आप सेक्स और अपनी यौन पहचान के बारे में कैसा महसूस करते हैं।

अन्य लोगों के दबाव में न आएं, ऐसा करने से आपका जीवन दुखों से भर सकता है। बल्कि खुद को जानने और अपनी जरूरतों को समझने और उन्हें दूसरों तक पहुंचाने के लिए समय निकालें। धन्यवाद!