क्या हस्तमैथुन करने से मुंहासे होते हैं? कारण, उपचार आदि

हस्तमैथुन को लेकर कई तरह के मिथक और भ्रांतियां फैली हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि यह क्रिया आपकी स्किन को कैसे प्रभावित करती है। कुछ लोगों का मानना है कि हस्तमैथुन करने से मुंहासे हो सकते हैं, लेकिन यह सच नहीं है।

हस्तमैथुन से मुंहासे नहीं होते – बिल्कुल भी नहीं। हार्मोन के स्तर पर इसका प्रभाव ही केवल एक ऐसी कड़ी है जो इन दोनों में हल्का सा संबंध स्थापित करती है।

यह भ्रांति कहां से शुरू हुई, आपके मुंहासों के पीछे वास्तविक कारक क्या हैं, और इनका इलाज कैसे करें, यह जानने के लिए आगे पढ़ते रहें।

यह भ्रांति कहाँ से आई?

आमतौर पर व्यक्ति में मुंहासों की शुरुआत और हस्तमैथुन का पहला अनुभव यौवनावस्था के शुरुआती दिनों में होता है।

यौवनावस्था के दौरान आपका शरीर अधिक टेस्टोस्टेरोन और अन्य एस्ट्रोजन हॉर्मोनों का उत्पादन करता है।

हार्मोन में वृद्धि का मतलब यह भी है कि आपका शरीर अधिक सीबम बना रहा है, जो वसामय ग्रंथियों से स्रावित होने वाला एक तैलीय पदार्थ है। सीबम आपकी स्किंग की रक्षा करता है, लेकिन अगर यह बहुत अधिक स्त्रावित होता है, तो आपके स्किन के छिद्र बंद हो सकते हैं और मुंहासे विकसित हो सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर, हस्तमैथुन आपके शरीर द्वारा उत्पादित सीबम की मात्रा को प्रभावित नहीं करता है।

हालांकि हस्तमैथुन और मुंहासों के बीच कोई संबंध नहीं है, लेकिन अक्सर इसे समाज में युवा लोगों द्वारा अत्यधिक हस्तमैथुन करने और विवाह पूर्व यौन संबंध बनाने से रोकने के तरीके के रूप में देखा जाता है। क्योंकि इस भ्रांति को सच मान लेने पर युवा पुरुषों में हस्तमैथुन और सेक्स के प्रति डर बैठ जाता है, और वह इसकी इच्छा को दबाने की कोशिश में लग जाते हैं।

ध्यान रखें: आपके चेहरे पर कभी भी मुंहासे में निकल सकते हैं, चाहे आपकी उम्र कितनी भी हो, आप कितनी भी बार हस्तमैथुन करते हों, या यदि आप सेक्स करते हों या न करते हों।

लेकिन क्या हस्तमैथुन आपके हार्मोन के स्तर को प्रभावित नहीं करता?

हाँ करता है, लेकिन इतना नहीं कि आपके स्किन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सके। शोधों से पता चला है कि एक उत्तेजना के दौरान पुरुषों और महिलाओं दोनों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में बहुत कम वृद्धि होती है।

इन शोधों में यह भी पाया गया कि यह टेस्टोस्टेरोन के स्तर की वृद्धि केवल कुछ मिनट के लिए ही रहती है। इसलिए हस्तमैथुन के कारण होने वाले हार्मोन का अस्थायी स्तर इतना काफी नहीं है कि इसे मुंहासे के ब्रेकआउट होने का कारण माना जा सके।

तो वास्तव में मुंहासे किस कारण से होते हैं?

मुंहासों का मुख्य कारण स्किन के बंद छिद्र होते हैं। कभी-कभी आपका शरीर मृत स्किन कोशिकाओं को साफ करने में विफल रहता है, इसलिए वे आपके छिद्रों में फंस जाते हैं। इससे स्किन पर व्हाइट हेड्स, ब्लैक हेड्स, मुंहासे और फोड़े-फुंसी हो सकते हैं।

मुंहासे हमारी स्किन पर रहने वाले बैक्टीरिया के कारण भी हो सकते हैं। यदि बैक्टीरिया आपके छिद्रों में चले जाते हैं, तो छिद्र सूज सकते हैं। गंभीर मामलों में, इससे फोड़े-फुंसी हो सकते हैं।

तो यह बैक्टीरिया कहाँ से आते हैं? सच कहें तो यह आपके द्वारा की जाने वाली किसी भी चीज से आ सकते हैं। यह फोन को अपने चेहरे के पास रखने से, एक गंदे तकिए के इस्तेमाल से, अपने सिर को अपने डेस्क पर या बस की खिड़की के सामने रखने से, और अपने चेहरे को नियमित साफ न करने जैसी आदतों से आ सकते हैं।

और आपका चेहरा ही एकमात्र जगह नहीं है जहां मुंहासों का ब्रेकआउट हो सकता है। यह आपकी गर्दन, पीठ, छाती, कंधों, बाहों और यहां तक कि आपके कूल्हों पर भी दिखाई दे सकते हैं। चूँकि चेहरे की स्किन कोमल और बैक्टीरिया के लिए ज्यादा उजागर होती है, इसलिए इसपर मुंहासे होने की संभावना ज्यादा है।

स्किन की सभी समस्याओं में मुंहासे सबसे ज्यादा आम हैं।

 
 
 
 

मैं इन मुंहासों से छुटकारा कैसे पाऊँ?

ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप मुंहासों से लड़ सकते हैं, लेकिन इनके ठीक होने में कितना समय लगेगा यह इस बात पर निर्भर करेगा कि यह कितने गंभीर हैं।

आप डेड सेल्स को साफ़ करने के लिए फेस स्क्रब का उपयोग कर सकते हैं, या डॉक्टर की सलाह से बेंज़ॉयल पेरोक्साइड या सैलिसिलिक एसिड युक्त उपचार कर सकते हैं।

इसके अलावा, अपने चेहरे से अतिरिक्त आयल हटाने, छिद्र साफ करने और डेड स्किन सेल्स निकालने के लिए नियमित रूप से फेस वाश से उसे साफ करें। यदि आपकी स्किन अधिक ऑयली है, तो अतिरिक्त आयल हटाने वाली स्पेशल फेस वाश का इस्तेमाल करें।

मुंहासे हटाने के तरीकों की विस्तार में जानकारी निम्न है –

नियमित स्किन की सफाई करें

स्किन सफाई की एक अच्छी और नियमित दिनचर्या आपको मुंहासों से लड़ने में मदद करेगी और आपकी स्किन को साफ, ताजा और चमकदार बनाए रखेगी।

यदि आप निश्चित नहीं हैं कि शुरुआत कहाँ से की जाये? तो यहां कुछ टिप्स हैं:

अपने चेहरे को दिन में दो बार धोएं। अपनी स्किन को एक बार सुबह और एक बार रात में धो लें ताकि इसके रोमछिद्रों को बंद होने से बचा जा सके। अपने चेहरे को अच्छी तरह से साफ करना सुनिश्चित करें ताकि आपकी स्किन द्वारा सहेजी गई सारी गंदगी और तेल निकल सके।

एक्सरसाइज के बाद पूरे शरीर की स्किन को साफ करें। पसीने से आपकी छाती, पीठ के ऊपरी हिस्से और कंधों पर लाल-गुलाबी दाने निकल सकते हैं। यह यीस्ट के अत्यधिक बढ़ने के कारण होता है, जो आपके रोमछिद्रों में सूजन पैदा कर सकते हैं। हर एक्सरसाइज के बाद अपना चेहरा और शरीर धोने से यीस्ट इंफेक्शन से बचने में मदद मिलेगी।

हफ्ते में दो-तीन बार स्किन को एक्सफोलिएट करें। ताकि आपके रोमछिद्रों में गहराई तक जाने और ब्रेकआउट का कारण बनने वाले ढीठ बिल्डअप से छुटकारा मिल सके। हालांकि, एक्सफोलिएट करने से स्किन में जलन हो सकती है, इसलिए ग्लाइकोलिक एसिड युक्त एक सौम्य स्क्रब का उपयोग करें, यह एसिड आपकी स्किन को सुखदायक महसूस कराते हुए डेड स्किन सेल्स को हटा देती है।

स्किन टोनर का उपयोग करें। टोनर स्किन की तैलीयता को कम करने और उसकी स्थिति में सुधार करने के लिए लगाया जाने वाला एक कसैला तरल पदार्थ होता है। यह स्किन के रोम छिद्रों को कस सकता है, पीएच संतुलन को बहाल कर सकता है, नमी प्रदान कर सकता है, और अंतर्वर्धित बालों को बनने से रोक सकता है। आपको सुबह और रात को अपना चेहरा साफ करने के ठीक बाद अल्कोहल-फ्री स्किन टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए।

उन सामग्रियों की तलाश करें जो आपमें मुंहासे ब्रेकआउट का कारण बन रही हैं। कुछ मॉइस्चराइज़र, सनस्क्रीन और फेस क्लींजर में ऐसे तत्व होते हैं जो आपके मुंहासों को खराब कर सकते हैं। इसलिए इनमें मौजूद निम्न सामग्रियों का ध्यान रखें:

  • खुशबु पैदा करने वाले तत्व
  • रेटिनॉल
  • अल्कोहल
  • सिलिकॉन

ओवर ओवर-द-काउंटर उपचार अपनाएं

ओवर ओवर-द-काउंटर प्रोडक्ट्स जिन्हें खरीदने के लिए डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता नहीं होती, जैसे मास्क, क्रीम, जेल आदि अपनाकर देखें। यह जिद्दी मुंहासों को खत्म करने के लिए निम्न तरीकों से मदद कर सकते हैं:

  • इंफेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारना
  • अतिरिक्त आयल को निकालना
  • नए स्किन सेल वृद्धि को तेज करना
  • डेड स्किन सेल्स से छुटकारा पाना

आपको ऐसे उपचारों की तलाश करनी चाहिए जिनमें निम्नलिखित सक्रिय तत्व मौजूद हों:

  • बेंजोईल पेरोक्साइड (benzoyl peroxide)
  • सलिसीक्लिक एसिड (salicylic acid)
  • अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड, जैसे ग्लाइकोलिक एसिड (glycolic acid)
  • सल्फर

जीवनशैली में कुछ बदलाव करें

मुंहासों को कम करने या खत्म करने के लिए आप अपनी जीवनशैली में भी कुछ बदलाव कर सकते हैं।

यहर हीं कुछ महत्वपूर्ण टिप्स:

  • हफ्ते में एक बार अपने तकिये के कवर को स्किन-फ्रेंडली डिटर्जेंट से धोएं।
  • अपने बिस्तर की शीट व ओढ़ने की चादर को महीने में कम से कम एक बार स्किन-फ्रेंडली डिटर्जेंट से धोएं और गद्दे को धूप में सुखाएं।
  • दिनभर में खूब पानी पियें, ताकि विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकलने में मदद मिले।
  • स्किन पर सिर्फ ऐसी क्रीम या पाउडर लगाएं जो रोम छिद्रों को बंद न करें। हो सके तो प्राकृतिक उत्पादों का इस्तेमाल करें।
  • हमेशा आयल-फ्री एसपीएफ़ 30 सनक्रीम का ही इस्तेमाल करें।
  • भरपूर नींद लें। अपने नींद के चक्र को नियमित रखें, यानि सही समय पर सोएं और उठें।

डॉक्टर से कब मिलें

ओवर-द-काउंटर उपचार सिर्फ एक दिन में कारगर नहीं होते। अपनी स्किन में स्पष्ट परिवर्तन देखने से पहले आपको छह सप्ताह तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।

यदि आपको आठ सप्ताह के बाद भी कोई सुधार दिखाई नहीं देता है, तो आपको एक त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

लेकिन अगर आपको गंभीर मुंहासे, फोड़े-फुंसी या इंफेक्शन हैं, तो ओवर-द-काउंटर उपचार अपनाने के बजाय तुरंत एक त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। वह आपको मुँहासे की स्ट्रांग दवाएं लिख सकता है, बड़े मुंहासों के मवाद को निकालने में मदद कर सकता है और मुंहासों से लड़ने वाली अन्य प्रक्रियाएं कर सकता है।