लिंग की मालिश करने का सही तरीका और फायदे

यदि आप तांत्रिक सेक्स से परिचित हैं, तो निश्चित रूप से आप तांत्रिक मालिश चिकित्सा से भी परिचित होंगे।

लिंग की मालिश करना एक प्रकार की तांत्रिक मालिश चिकित्सा है, जिसे लिंगम मालिश कहा जाता है।

लिंग की मालिश का उद्देश्य केवल संभोग सुख को बढ़ाना नहीं होता। बल्कि, इसके कई विभिन्न शारीरिक और मानसिक उद्देश्य हो सकते हैं जैसे लिंग को मजबूत बनाना, मोटा-लम्बा करना, रक्त संचार बढ़ाना, लम्बे समय तक खड़ा रखने में मदद करना, दिमाग को सेक्स के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना, अपनी कामुकता को गहराई से समझना आदि।

इस लेख में, हम आपको बताएँगे कि लिंगम मालिश क्या है, इसे कैसे करें, और इस तांत्रिक मालिश चिकित्सा के वास्तविक लाभ क्या हैं।

लिंग मालिश क्या है?

प्राचीन काल में यौन और आध्यात्मिक सेक्स की जागरूकता विकसित करने में मदद करने के लिए, तांत्रिक मालिश का उपयोग किया जाता था।

इस तकनीक की कुछ आधुनिक व्याख्याओं के विपरीत, तांत्रिक मालिश विशुद्ध रूप से सिर्फ सेक्स के बारे में नहीं होती। इसके बजाय, तांत्रिक मालिश चिकित्सा में आनंद की शुद्ध भावना का अनुभव करने के लिए यौन ऊर्जा का निर्माण करना सिखाया जाता है।

लिंगम मालिश, “लिंग” के संस्कृत शब्द से लिया गया है, यह एक प्रकार का तांत्रिक अभ्यास है जिसमें लिंग और उसके आसपास के क्षेत्रों की मालिश करना शामिल है। लिंगम मालिश के दौरान, मालिश करने वाले शरीर के अंग निम्न हैं:

  • लिंग
  • अंडकोष
  • मूलाधार (गुदा और अंडकोश के बीच का क्षेत्र)
  • प्रोस्टेट ग्रंथि (प्रोस्टेट ग्रंथि मूलाधार के ठीक ऊपर होती है, और इसे उत्तेजित करना एक अलग यौन अनुभव प्रदान करता है जिसे आपने शायद पहले कभी अनुभव न किया हो। चूँकि प्रोस्टेट ग्रंथि शरीर के अंदर होती है, इसलिए इसे मूलाधार और गुदा के जरिये उत्तेजित किया जाता है।)

लिंग मालिश का लक्ष्य केवल ऑर्गाज्म तक पहुंचना नहीं है। बल्कि इसका अंतिम उद्देश्य पूरे शरीर को यौन और आध्यात्मिक सेक्स आनंद का अनुभव कराना है।

लिंग की मालिश कैसे करें?

न केवल लिंग की मालिश बल्कि सभी प्रकार की तांत्रिक मालिशों को बेहतर ढंग से करने के लिए, इनकी सही तकनीक का ज्ञान होना महत्वपूर्ण है।

अपने लिंग को मालिश कराने की सबसे अच्छी तांत्रिक तकनीक यहां दी गई है:

मूड सेट करें

एक सकारात्मक माहौल और मानसिकता बनाने से लिंग की मालिश आपके लिए एक सुखद अनुभव बन सकती है।

मालिश से पहले, अपने इरादों को निर्धारित करने और एक खुली मानसिकता बनाने के लिए पूरा समय लें। ऐसा करने से मालिश के भावनात्मक मूड को स्थापित करने में मदद मिल सकती है और आप आध्यात्मिक व यौन दोनों तरह के अनुभव का आनंद ले सकते हैं।

एक कामुक भौतिक स्थान बनाने के लिए आप निम्न चीजें कर सकते हैं:

  • साफ-सुधरे बिस्तर का प्रयोग करें
  • रोशनी को मंदा कर दें
  • कुछ मोमबत्तियां जलाएं
  • कोई सम्मोहक संगीत बजाएं

यह मालिश शुरू करने से पहले एक आरामदायक लेकिन कामुक वातावरण बनाने में मदद कर सकता है।

तेल तैयार करें

तेल मालिश के दौरान घर्षण को कम करने और सनसनी को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही, कुछ तेल लिंग को अतिरिक्त पोषण प्रदान करने में भी मदद कर सकते हैं।

कई अलग-अलग प्रकार के मालिश तेल हैं, जिनमें सुगंध वाले और बिना सुगंध वाले तेल शामिल हैं।

तांत्रिक लिंगम मालिश के लिए, एक सुगंधित तेल जागरूकता और उत्तेजना दोनों को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस प्रकार का तेल चुनते हैं, लेकिन कुछ प्राकृतिक तेल सबसे अच्छे होते हैं, खासकर लिंग की संवेदनशील त्वचा के लिए। उपयोग करने के लिए लोकप्रिय प्राकृतिक तेलों में निम्न शामिल हैं:

धीमी शुरुआत करें

मालिश की शुरुआत लिंग के आसपास के क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करके करें, जैसे:

  • पेट का निचला हिस्सा
  • ऊपरी जांघ
  • नितम्भ

अपने हाथों को धीरे-धीरे इन अंगों की त्वचा पर रगड़ें।

यदि आप एक महिला हैं जो अपने साथ को लिंग मालिश दे रही हैं और आप उसके कामोत्तेजक क्षेत्रों के बारे में जानती हैं, तो इन क्षेत्रों की मालिश करने से उसके आनंद की शुरुआत करने में मदद मिल सकती है।

याद रखें, लिंगम मालिश का मुख्य लक्ष्य इसे धीरे-धीरे करना और सभी सुखद संवेदनाओं का अनुभव करना होता है।

 
 
 
 

लिंग के पास जाएँ

अब समय आ गया है कि आप कामोत्तेजक क्षेत्रों से लिंग के आसपास के अधिक संवेदनशील क्षेत्रों की ओर बढ़ें।

शुरुआत अंडकोष से शुरू करें, इस क्षेत्र की यथासंभव धीरे से मालिश करने के लिए अपना पूरा समय दें।

यदि आपको पसंद हो तो मूलाधार भी कामुकता तलाशने के लिए एक अच्छा क्षेत्र हो सकता है।

जब आप इन क्षेत्रों की अच्छे से मालिश करने के बाद आगे बढ़ने के लिए तैयार हों, तो अपनी मालिश को कोमल झटके की गतियों का उपयोग करके लिंग के निचले हिस्से की ओर ले जाएं।

जैसे ही आप लिंग की शाफ्ट और मुठ की ओर बढ़ते हैं, तो अपनी गति को और धीमा कर दें और कोमल झटके दें।

इच्छा हो तो प्रोस्टेट को भी उत्तेजित करें

प्रोस्टेट ग्रंथि का कुछ हिस्सा मूलाधार के ऊपर और गुदा के अंदर की परत के नीचे की ओर स्थित होता है।

चूँकि मूलाधार के ऊपर मालिश करने से प्रोस्टेट ग्रंथि को उतना ज्यादा उत्तेजित नहीं किया जा सकता, जितना कि गुदा के अंदर से किया जा सकता है।

तो यदि आपका मूड हो तो आप एक हाथ से लिंग की मालिश करते हुए अपने दूसरे की एक ऊँगली को गुदा में डालकर प्रोस्टेट को उत्तेजित कर सकते हैं।

प्रोस्टेट का पता लगाने के लिए, अपनी उंगली की नोक को शरीर के सामने की ओर झुकाते हुए, धीरे से गुदा में डालें। अब गुदा के अंदर की दीवारों पर ऊपर-नीचे अगल-बगल टच करके प्रोस्टेट को ढूंढने की कोशिश करें। जिस जगह को टच करने से आपको अत्यधिक कामुक और नई उत्तेजना का अनुभव हो, तो यही आपके प्रोस्टेट के मौजूदगी की जगह होगी।

एक बार जब आप इसे ढूंढ लेते हैं, तो आप इस क्षेत्र को उत्तेजित करने के लिए हल्के दबाव का उपयोग कर सकते हैं।

कुछ लोगों के लिए, प्रोस्टेट उत्तेजित करने से प्रोस्टेट ऑर्गाज्म प्राप्त हो सकता है, जो आम पुरुष ऑर्गाज्म से काफी ज्यादा सुखद और संतुष्टि वाला अनुभव होता है।

संयम का अभ्यास करें

लिंग की मालिश के दौरान जब आपको लगता है कि आप स्खलित होने वाले हैं, तो कुछ देर के लिए रुक जाएँ और अन्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें। इस तकनीक को स्टॉप एंड स्टार्ट मेथड कहा जाता है, जिसे आप सेक्स के दौरान लम्बे समय तक टिकने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

यदि आप मालिश के दौरान जल्दी स्खलित हो जाते हैं, तो यह भी ठीक है। शुरुआत में ऐसा होना आम है, और इसके बाद भी अपनी मालिश को खत्म न करें। स्खलन के बाद भी लिंग की मालिश आनंद दायक होती है, और “दुर्दम्य अवधि” के बाद लिंग फिर से पहले जैसा खड़ा हो जाता है।

अनुभव का स्वाद लें

2016 की एक शोध समीक्षा के अनुसार, कुछ यौन अनुभव व्यक्ति में कुछ समय के लिए एक अर्ध-चेतन जैसी अवस्था का आह्वान कर सकते हैं। अर्ध-चेतन एक ऐसी अवस्था होती है जिसमें व्यक्ति बाहरी संवेदनाओं से कटकर, एक आध्यात्मिक सुख का अनुभव करता है। आमतौर पर, मेडिटेशन करने वाले लोग इस अवस्था को ज्यादा समय के लिए प्राप्त करने में सक्षम होते हैं।

लिंग मालिश के दौरान, व्यक्ति अपने पूरे शरीर में जो आनंद का अनुभव करता है वह अक्सर इस अवस्था तक पहुंचने के लिए पर्याप्त होता है।

आप निम्न चीजें करके इस अनुभव का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं:

  • मालिश धीरे-धीरे करना
  • अपना पूरा ध्यान अपने शरीर पर रखना
  • अपने आप को इस तांत्रिक मालिश की यौन और आध्यात्मिक दोनों प्रकृति का अनुभव करने की अनुमति देना

लिंग की मालिश के फायदे क्या हैं?

हालाँकि एक लिंग मालिश का मुख्य उद्देश्य यौन सुख का अनुभव करना होना है, लेकिन केवल आनंद से परे भी इसके कई लाभ होते हैं। ऐसा माना जाता है कि लिंग मालिश निम्न में फायदेमंद हो सकती है:

मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना

इसकी यौन प्रकृति होने के बावजूद, प्राचीन काल से ही लिंग मालिश जैसी तांत्रिक प्रथाओं का उद्देश्य व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना रहा है।

बौद्ध सिद्धांतों के अनुसार, यह माना जाता है कि लिंग मालिश, व्यक्ति को पिछले मानसिक आघात से उबरने और अपने आध्यात्मिक व यौन स्थिति को समझने में बेहतर ढंग से मदद करती है।

पूरे शरीर के तनाव को दूर करती है

सेक्स एक ऐसी गतिविधि है, जो शरीर और दिमाग को कई तरह से लाभ पहुंचाती है, जैसे कामेच्छा में वृद्धि करना और पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करना।

जब आप नियमित रूप से लिंग की मालिश करते हैं, तो इसके धीरे-धीरे तनाव को कम करने वाले गुणों के कारण, लाभ और ज्यादा तेजी से प्राप्त होते हैं।

सेक्स स्टैमिना और यौन अनुभवों में सुधार करती है

चाहे आप अपने सेक्स स्टैमिना को बढ़ाने में रुचि रखते हों या सिर्फ सेक्स का अधिक आनंद लेना सीख रहे हों, लिंग मालिश आपको इसे एक सुरक्षित तरीके से प्राप्त करने में मदद करती है।

आध्यात्मिकता और माइंडफुलनेस में मददगार है

लिंग की मालिश के दौरान एक पल में हम जो अनुभव करते हैं, वह माइंडफुलनेस का एक उदाहरण है। इसलिए इसे नियमित रूप से करने से दिमाग की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है।

यदि आप एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं, तो बार-बार लिंग की मालिश का आनंद लेने से आपको उस माइंडफुलनेस अभ्यास को विकसित करने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

लिंगम मालिश एक प्रकार की तांत्रिक मालिश चिकित्सा है, जो अविश्वसनीय रूप से आपमें कामुकता और आध्यात्मिकता को बढ़ावा दे सकती है।

जब आप लिंग की मालिश करते हैं, तो आपका लक्ष्य हमेशा इस स्थिति में आनंद का ज्यादा से ज्यादा अनुभव करना होना चाहिए।

लिंग मालिश जैसी तांत्रिक विधियों का नियमित अभ्यास आपकी कामेच्छा में सुधार करने, तनाव को कम करने और स्वस्थ तरीके से अपनी कामुकता का पता लगाने में मदद कर सकता है।

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