शीघ्रपतन के लक्षण और ठीक करने के तरीके

शीघ्रपतन तब होता है जब पुरुष सम्भोग के दौरान खुद को या अपने पार्टनर को संतुष्ट करने से पहले ही स्खलित हो जाता है। शीघ्रपतन काफी सामान्य सेक्स समस्या है। अलग-अलग संस्थाओं के अनुमान अलग-अलग हैं लेकिन हर 3 में से 1 पुरुष तो यह जरूर कहता है कि उसको अपने जीवन में एक समय इस समस्या का अनुभव करना पड़ा था।

शीघ्रपतन के लक्षण और ठीक करने के तरीके


इस समस्या के कभी-कभी होने पर ज्यादा चिंता करने की कोई बात नहीं है। लेकिन, यदि आपको नीचे दी गई समस्याएँ हैं तो शीघ्रपतन की जाँच कराना जरूरी है –
  • आप सम्भोग के समय लगभग हर बार एक मिनट के अंदर ही स्खलित हो जाते हैं।
  • हर बार वीर्य को लम्बे समय तक रोकने में मुश्किल होना।
  • व्यथित और निराश होना और सम्भोग करने से बचने की कोशिश करना।
शीघ्रपतन का कारण मनोवैज्ञानिक और बायोलॉजिकल, दोनों हो सकते हैं। हालांकि, ज्यादातर पुरुष इसके बारे में बात करने से झिझकते हैं, लेकिन शीघ्रपतन एक सामान्य समस्या होती है जिसका इलाज संभव है। कुछ दवाओं के सेवन, डॉक्टर के परामर्श और वीर्य को जल्दी गिरने से रोकने की तकनीक को अपनाकर इस समस्या से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

शीघ्रपतन के लक्षण​

शीघ्रपतन का सबसे मुख्य लक्षण होता है सम्भोग के दौरान वीर्य को एक मिनट से ज्यादा न रोक पाना। हालाँकि, यह समस्या सभी सेक्स परिस्थितियों जैसे हस्तमैथुन के दौरान भी घटित हो सकती है।

शीघ्रपतन को दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
  1. आजीवन (प्राथमिक) – आजीवन शीघ्रपतन की समस्या में आपको अपने पहले सेक्स अनुभव से ही वीर्य जल्दी गिरने की समस्या होती है।
  2. अर्जित (माध्यमिक) – अर्जित शीघ्रपतन की समस्या उस स्तिथि को कहते हैं जब पुरुष के शुरुआत के सेक्स के अनुभव बिना किसी वीर्य पतन की समस्या के होते हैं और बाद में उसको शीघ्रपतन की समस्या हो जाती है।
कई पुरुषों को यह लगता है कि उनके लक्षण शीघ्रपतन की बीमारी के हैं, लेकिन सिर्फ लक्षणों के आधार पर शीघ्रपतन का पता नहीं लगाया जा सकता। हो सकता है कि आप अपने शरीर की प्राकृतिक रूप से वीर्य जल्दी स्खलित होने की स्थिति से गुजर रहे हों। शरीर की इस स्थिति के दौरान वीर्य तेजी से और जल्दी गिरता है, लेकिन यह कोई मेडिकल समस्या नहीं होती और समय के साथ-साथ आपका वीर्य स्खलन अपनेआप सामान्य हो जाता है। इसीलिए हमने पहले कहा था कि यदि आपको जल्दी वीर्य पतन होने की समस्या बार-बार या हर बार होती है तब आपको शीघ्रपतन हो सकता है, न कि एक-दो बार होने पर।

डॉक्टर से कब मिलें​

यदि आप ज्यादातर सेक्स के दौरान जल्दी स्खलित हो जाते हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। अक्सर पुरुष डॉक्टर से अपनी सेक्स समस्याओं के बारे में खुलकर बात नहीं कर पाते, लेकिन आपको अपनी समस्या का ठीक और सम्पूर्ण इलाज पाने के लिए डॉक्टर को पूरी बात बताना जरूरी है।

यदि आपको अपने जल्दी वीर्य स्खलित हो जाने की काफी टेंशन होती है तो भी आप डॉक्टर से बात करके इसे कम कर सकते हैं। उदहारण के लिए जब आपको अपने डॉक्टर से यह पता चलेगा कि कभी-कभार होने वाला शीघ्रपतन सामान्य होता है और सम्भोग की शुरुआत से स्खलन का समय लगभग पाँच मिनट होता है, तो आपको आश्वासन मिलेगा।

शीघ्रपतन के कारण​

शीघ्रपतन के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। हालाँकि, इसपर काफी शोध हो चुके हैं। तीन दशक पहले शोधकर्ता मानते थे कि यह समस्या सिर्फ मनोवैज्ञानिक कारणों से होती है। लेकिन अब विज्ञान काफी प्रगति कर चुका है और कई शोधों से यह बात सामने आई है कि शीघ्रपतन के मनोवैज्ञानिक और बायोलॉजिकल, दोनों कारण हो सकते हैं।

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मनोवैज्ञानिक कारण​

शीघ्रपतन होने में निम्न मनोवैज्ञानिक कारण मुख्य भूमिका निभा सकते हैं –
  • सेक्स के दौरान नकारात्मक भावनाएं – यह शीघ्रपतन के सबसे मुख्य कारणों में से एक होता है। इसमें पुरुष को फोरप्ले के दौरान नकारात्मक सोचने की आदत हो जाती है। इसके फलस्वरूप, पुरुष जल्दी चरम सीमा तक पहुँचने की कोशिश करता है और जल्दी स्खलित होने के बाद शर्मिंदगी का अनुभव करता है। यह समस्या तब भी हो सकती है जब आप बार-बार अलग-अलग सेक्स पार्टनर के साथ सम्भोग करते हैं या पहली बार सेक्स करते हैं। हालाँकि, समय के साथ-साथ आपका अपने पार्टनर के साथ मिलन बढ़ता जाता है और यह समस्या ठीक हो जाती है।
  • आत्मविश्वास की कमी – अपने पार्टनर को सेक्स में पूर्ण संतुष्ट न कर पाने का डर और आत्मविश्वास में कमी के कारण भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है।
  • डिप्रेशन और तनाव – सेक्स के दौरान किसी बात को लेकर डिप्रेशन में होना या चिंता होना।
  • सेक्स से पहले अत्यधिक उत्साहित होना – अक्सर पुरुष पहली बार सेक्स करने के दौरान अत्यधिक उत्तेजित हो जाते हैं और इसके कारण उनका समय से पहले ही वीर्य पतन हो जाता है।
  • शरीर को जल्दी स्खलित होने की आदत होना – अक्सर पुरुष किशोर उम्र में हस्तमैथुन के दौरान जल्दी स्खलित होने की कोशिश करते हैं। ऐसा बार-बार करने से उनके लिंग को जल्दी स्खलित होने की आदत हो जाती है। वीर्य को ज्यादा देर तक रोके रखने का अभ्यास करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

बायोलॉजिकल कारण​

कई बायोलॉजिकल कारणों की वजह से भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है, जिनमें सबसे मुख्य निम्न हैं –
  • हॉर्मोन्स का स्तर असामान्य होना।
  • न्यूरोट्रांसमीटर नामक ब्रेन केमिकल्स का स्तर असामान्य होना।
  • प्रोस्टेट या मूत्रमार्ग में इन्फ्लामेशन या इन्फेक्शन होना।
  • अनुवांशिक – परिवार में कई लोगों को यह समस्या होने का इतिहास होना।

शीघ्रपतन के घरेलू उपाय​

1. कद्दू के बीज​

कद्दू के बीज सेक्स परफॉरमेंस को बढ़ाने में काफी सहायक होते हैं। इनका का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनमें अत्यधिक मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है जो टेस्टोस्टेरोन को रक्त में घोलने में मदद करता हैं।
  • स्टेप 1 – पहले कद्दू में से बीजों को निकाल कर अच्छी तरह से धो लें। फिर इन्हें धूप में सूखने के लिए रख दें।
  • स्टेप 2 – अब इन बीजों को जैतून के तेल में भून लें और नमक मिर्ची डालकर सेवन करें।

कद्दू के बीज कैसे काम करते हैं?​

कद्दू के बीजों में अनसैचुरेटेड फैट्स पाए जाते हैं जो रक्त संचार और हृदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। यह आपकी भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और शीघ्रपतन और नामर्दी को रोकने में लाभकारी होते हैं।

2. खजूर​

प्राचीन काल से ही अरब देशों में खजूर को एक कामोत्तेजक फल माना जाता है। यह कई स्वास्थ्य समस्याओं जैसे दिल की बीमारी, कब्ज, खून की कमी, हल्के दस्त और पेट के कैंसर में लाभकारी होते हैं। इनको वजन बढ़ाने में भी लाभकारी माना जाता है। कुछ आहार विशेषज्ञों के अनुसार रोज कम से कम दो खजूर का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होता है। हालाँकि शीघ्रपतन के इलाज के लिए नीचे दिए गए निर्देशों को अपनाएं –
  • स्टेप 1 – रोज सुबह नाश्ते में दो सूखे खजूरों का सेवन करें या रात को सोने से पहले दूध में मिलाकर सेवन करें।
  • स्टेप 2 – हफ्ते में दो या तीन बार खजूरों को भोजन के बाद खाये जाने वाले मीठे व्यंजनों के रूप में सेवन करें।

खजूर किस तरह से काम करता है?​

खजूर में भरपूर मात्रा में फाइबर, मिनरल और विटामिन पाए जाते हैं जो यौन रोग, दस्त, कब्ज और पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। शीघ्रपतन के उपचार के लिए खजूर में फ्लवोनोइड्स (flavonoids) और एस्ट्राडियोल (estradiol) नामक औषधीय घटक पाए जाते हैं, जो शुक्राणुओं की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं, अंडकोष के वजन को बढ़ाते हैं और शुक्राणुओं की गतिशीलता को तेज करने में मदद करते हैं। खजूर में प्राकृतिक शुगर भी होती है जो शरीर की ऊर्जा को बढ़ाकर लम्बे समय तक सेक्स करने में मदद करती है।

प्राचीन परम्पराओं के अनुसार खजूर में दूध, शहद और इलायची मिलाकर बनाया गया जूस सेक्स पावर बढ़ाने में काफी मदद करता है। खजूर में पाई जाने वाली प्राकृतिक शुगर में मुख्य रूप से सुक्रोज (sucrose), फ्रक्टोज (fructose) और ग्लूकोस होता है। खजूर का सेवन करने से शरीर की ऊर्जा तेजी से बढ़ जाती है। वीर्य को जल्दी स्खलित होने से रोकने के लिए आपकी तंत्रिकाओं को ठीक से काम करना भी जरूरी है जिसके लिए खजूर में पाए जाने वाले पोषक तत्व काफी लाभकारी होते हैं। खजूर में मौजूद पोटैशियम तंत्रिका तंत्र के कामकाज को ठीक करता है और दिमाग की सजगता को बढ़ाता है।

ध्यान रखें​

  • यदि आपको फ्रक्टोज इनटॉलेरेंस की समस्या है तो खजूर का सेवन न करें। इसके कारण आपको दस्त, गैस और पेट दर्द की समस्याएं हो सकती हैं।
  • यदि आपको मधुमेह (डायबिटीज) है तो भी खजूर का सेवन न करें। साथ ही, नियमित रूप से डॉक्टर से अपने ब्लड शुगर लेवल की जाँच कराते रहें।

3. एवोकाडो​

प्राचीन मेक्सिको के लोग एवोकाडो को अंडकोषों के लिए काफी लाभकारी मानते थे। एवोकाडो में कई औषधीय गुण होते हैं, खासतौर से शीघ्रपतन से छुटकारा दिलाने में यह काफी लाभकारी होता है। आप इसको कच्चा सेवन कर सकते हैं या सलाद के रूप में भी सेवन कर सकते हैं।

एवोकाडो कैसे काम करता है?​

एवोकाडो में कई सारे एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल पाए जाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ई पुरुष के यौन संबंधों को बेहतर बनाने में काफी मदद करता है। इसमें मौजूद मिनरल्स निम्न हैं – जिंक, विटामिन ए, थायमिन (thiamine), राइबोफ्लेविन (riboflavin), नियासिन (niacin), आयरन, फॉस्फोरस, आदि। इनमें से पोटैशियम सबसे महत्वपूर्ण है जो मानव शरीर के जरूरी कामकाजों में इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखने में सहायता करता है। इसमें मौजूद lutein और zeaxanthin नामक एंटीऑक्सिडेंट्स मस्कुलर डिजनरेशन को रोकते हैं और मोतियबिंद से बचाये रखने में मदद करते हैं।

ध्यान रखें​

  • हमेशा दरारों वाले डार्क और सॉफ्ट एवोकाडो का ही सेवन करें।
  • गर्भवती या बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाएं एवोकाडो का सेवन न करें।

4. जायफल​

जायफल में कामोत्तेजना बढ़ाने वाले गुण होते हैं जो शीघ्रपतन को ठीक करने में मदद करते हैं। जायफल में भरपूर मात्रा में कॉपर और मैंगनीज होता है जो शरीर में सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेज़ एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाता है। यह एंजाइम शरीर के फ्री रेडिकल्स को बाहर निकालने में मदद करता है। जायफल में मौजूद जिंक पुरुष की यौन क्षमता को बढ़ाने में काफी मदद करता है।

ध्यान रखें​

  • जायफल का अत्यधिक सेवन नुकसान दायक हो सकता है। इसके अधिक सेवन से आपको दृष्टिभ्रम (hallucination), उल्टी और साँस फूलने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
  • गर्भवती या बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाएँ इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। जायफल का सेवन करने से गर्भवती महिलाओं में गर्भपात होने की सम्भावना होती है।

5. अदरक और शहद​

आयुर्वेद ने हमेशा ही भरपूर फलों और सब्जियों का सेवन करने पर बल दिया है। हालाँकि प्राचीन काल में विज्ञान इतना उन्नत नहीं था, लेकिन हमारे पूर्वज जानते थे कि प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और शरीर को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रखते हैं।

अदरक को कई स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में काफी लाभकारी खाद्य पदार्थ माना जाता है। आपने अक्सर पेट दर्द, दस्त और खांसी जुकाम होने पर अदरक का सेवन करने की सलाह तो सुनी ही होगी। लेकिन आपको शायद ही यह पता हो कि अदरक में कामोत्तेजक गुण भी होते हैं जो शीघ्रपतन जैसी सेक्सुअल समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। कई शोधों से यह साबित हो चुका है कि अदरक और शहद को मिलाकर सेवन करने से लीबीदो (सेक्स ड्राइव), प्रदर्शन (परफॉरमेंस) और कामुक भावनाओं को बढ़ाने में सहायता मिलती है।
  • अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में किस लें और डेढ़ चम्मच मात्रा में स्वादानुसार शहद मिला लें।
  • लगातार एक महीने के लिए रोज एक बार इसका सेवन करें।

अदरक कैसे काम करता है?​

अदरक में कई फायदेमंद घटक जैसे कैफीक एसिड (caffeic acid), सैलिसिलेट (salicylate), करक्यूमिन (curcumin), कैप्साइसिन (capsaicin), बीटा-कैरोटीन, गिंगेरोल (gingerol) और शोगोल (shogaol) पाए जाते हैं जिनमें एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह रक्त संचार बढ़ाते हैं जिससे शीघ्रपतन को ठीक करने में मदद करते हैं।

इसके औषधीय गुण जरूरत पड़ने पर पेट और आंत की जलन को कम करते हैं, लार के स्त्राव को ट्रिगर करते हैं और बाइल (bile) के उत्पादन को बढ़ाते हैं।

ध्यान रखें​

  • यदि आपको किडनी की पथरी है या पहले हो चुकी है तो अदरक और शहद का अधिक सेवन न करें। इनके अधिक सेवन से पथरी बनने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  • यदि आपको पराग (pollen), अजवायन या अन्य मधुमक्खी से सम्बंधित एलर्जी है तो शहद का सेवन न करें। साथ ही, हमेशा आर्गेनिक शहद का ही इस्तेमाल करें।
  • यदि आपको मधुमेह है तो भी शहद का नियंत्रित मात्रा में ही सेवन करें और अपने ब्लड शुगर लेवल की नियमित रूप से जाँच कराते रहें।

6. अश्वगंधा​

अश्वगंधा को शीघ्रपतन के उपचार में सबसे अच्छी औषधि में से एक माना जाता है। यह औषधि अंगों की ताकत को बढ़ाती है और शरीर के स्टैमिना को सुधारने में मदद करती है। इसलिए इसको इनफर्टिलिटी, नामर्दी और काम इच्छा में कमी को ठीक करने में और शुक्राणु बढ़ाने में काफी इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही यह तनाव और डिप्रेशन को भी कम करता है और वीर्य को जल्दी गिरने से रोकता है
  • अश्वगंधा को बाजार से खरीद लें। एक गिलास दूध में एक चम्मच अश्वगंधा और शहद को मिलाकर सेवन करें।
  • या फिर, सेक्स स्टैमिना बढ़ाने के लिए अश्वगंधा पाउडर में घी मिलाकर सेवन करें।

अश्वगंधा कैसे काम करता है?​

अश्वगंधा शरीर में DHEA के निर्माण को बढ़ाता है जो बाद में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हॉर्मोन में बदल जाता है। इन हॉर्मोन्स का स्तर बढ़ने से शीघ्रपतन और जल्दी वीर्य पतन होने की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। साथ ही, अश्वगंधा तंत्रिका तंत्र के लिए भी लाभकारी होता है और पूरे शरीर के रक्त संचार को बढ़ाने में मदद करता है। इससे पुरुषों को सेक्स के दौरान वीर्य स्खलन को लम्बे समय तक रोकने में मदद मिलती है।

ध्यान रखें​

  • गर्भवती महिलाओं में अश्वगंधा गर्भपात का कारण बन सकता है।
  • यदि आपको लम्बे समय से डिप्रेशन, नींद न आना (इंसोमनिया), हाइपरटेंशन और डायबिटीज की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही अश्वगंधा का सेवन करें। साथ ही, यदि आपको लो ब्लड प्रेशर है तो अश्वगंधा स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ सकता है।
  • इसको हमेशा उचित मात्रा में ही सेवन करें। इसका अधिक सेवन करने से ली मचलना, पेट में खराबी और दस्त की समस्या हो सकती है।
  • यदि आपकी कोई सर्जरी होने वाली है तो इसके होने के 15 पहले तक अश्वगंधा का सेवन न करें।
  • यदि आप पेट में अल्सर या किसी आंत की समस्या की दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो भी इसका सेवन न करें।
  • थाइरोइड के मरीजों में अश्वगंधा हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव ला सकता है। इसलिए इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से उचित सलाह लें।

7. हरी प्याज के बीज​

हरी प्याज के बीजों को शीघ्रपतन के लक्षणों को कम करने में इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह किसी भी मौसम में उगाई जा सकती है। इसलिए आप इसे अपने गार्डन में भी उगा सकते हैं। उगाने के बाद आपको इसे हरी अवस्था में ही उखाड़ लेना है, जैसा कि ऊपर के चित्र में दिया है।
  • ताजा हरी प्याज को उखाड़ने के बाद अच्छे से धो लें और फिर ऊपर के हरे भाग को निकाल दें।
  • अब प्याज के बचे सफेद हिस्से की ऊपर की एक परत को निकाल दें और अंदर के भाग का सेवन करें।
  • आप इसे काटकर सलाद के रूप में भी सेवन कर सकते हैं।

हरी प्याज के बीज कैसे काम करते हैं?​

इसमें quercetin नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है जिसमें एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटी-हिस्टामिन गुण होते हैं। इसमें मौजूद क्रोमियम मिनरल शरीर में पोषक तत्वों को स्टोर करने में मदद करता है और ग्लूकोस मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने में मदद करता है।

इसमें विटामिन सी होता है जो स्पर्म काउंट को बढ़ाता है और रक्त संचार को ठीक करके वीर्य को जल्दी स्खलित होने से रोकता है। साथ ही, आँखों की रौशनी को ठीक करता है और मुँहासों को कम करता है।

इसमें पोटैशियम, कॉपर, मैंगनीज और फाइबर पदार्थ पाए जाते हैं। पोटैशियम हार्ट को रेगुलेट करने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को मेन्टेन करता है।

ध्यान रखें​

  • यदि आपको बदहजमी की समस्या है तो प्याज का सेवन इसे और ज्यादा बिगाड़ सकता है।
  • प्याज का सेवन करने से मुँह और साँसों में बदबू आ सकती है। इसलिए इसका सेवन करने के बाद किसी माउथ फ्रेशनर पदार्थ जैसे सौंफ का सेवन करें।

8. दालचीनी​

दालचीनी को ज्यादातर सर्दी-जुकाम, पेट की समस्याओं, दस्त और कब्ज में इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ तक कि, दालचीनी के तेल का इस्तेमाल कई सारे लोशन, साबुन, टूथपेस्ट, गरारे घोल, कास्मेटिक और मेडिकल दवाओं में भी किया जाता है। हालाँकि, काफी कम लोगों को पता होगा कि दालचीनी भूख को बढ़ाती है, शीघ्रपतन को ठीक करती है, बैक्टीरियल इन्फेक्शन को ठीक करती है और महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले क्रैम्प्स को ठीक करती है।

अपने शीघ्रपतन को ठीक करने के लिए दालचीनी का इस्तेमाल नीचे दी गई विधि अनुसार करें –
  • एक गिलास पानी में तीन चम्मच दालचीनी के पाउडर को घोलें।
  • इसका सेवन रोज दिन में दो बार खाना खाने के करें।
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दालचीनी कैसे काम करती है?​

दालचीनी को औषधि बनाने वाले तीन पदार्थ होते हैं – cinnamyl acetate, cinnamyl alcohol और cinnamaldehyde.

इसमें मौजूद वोलेटाइल आयल पेट फूलने की समस्या को ठीक करता है और रक्त संचार को बढ़ाकर मेटाबोलिज्म को बूस्ट करता है। मेटाबोलिज्म बढ़ने से भूख बढ़ती है। इसमें tannins नामक मेडिकल कंपाउंड होता है जो डायरिया को रोकता है। इसलिए यदि आपको पाचन और मेटाबोलिज्म की समस्याओं के कारण शीघ्रपतन हुआ है तो दालचीनी इसका उपचार करने में काफी फायदेमंद हो सकती है।

ध्यान रखें​

  • गर्भवती या बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलायें दालचीनी का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।
  • यदि आपको डायबिटीज है तो भी इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करें। दालचीनी का सेवन ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव ला सकता है।
  • यदि आपकी कोई सर्जरी होने वाली है तो सर्जरी से पहले के कम से कम 15 दिनों तक इसका सेवन न करें।

9. केसर, बादाम, अदरक और इलायची​

केसर कामोत्तेजक पदार्थ होता है, इसलिए शीघ्रपतन के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका पूरा लाभ लेने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें
  • 10 बादामों को रातभर के लिए पानी में डुबोकर रखें।
  • अगले दिन सुबह, इन बादामों के छिलकों को निकाल दें।
  • अब इनको एक कप गाय के दूध में डालकर मिक्सी (ब्लेंडर) में पीस लें।
  • अब इस दूध में थोड़ा सा केसर, अदरक का पाउडर और इलाइची का पाउडर डालकर सेवन करें।
  • इसका सेवन लगातार एक महीने के लिए रोज करें।

केसर कैसे काम करता है?​

केसर में लाइकोपीन (lycopene), अल्फा-कैरोटीन, बीटा-कैरोटीन और जियाजेंथिन (zeaxanthin) के रूप में कई सारे कैरोटेनॉयड्स पाए जाते हैं, जो मानव शरीर को कई बीमारियों जैसे इन्फेक्शन, कैंसर और तंत्रिकाओं में डैमेज होने से रोकते हैं।

शीघ्रपतन के इलाज के लिए आपके शरीर को कुछ जरूरी मिनरल जैसे जिंक, फॉस्फोरस, मैंगनीज, आयरन और सेलेनियम की जरुरत होती है, यह सभी मिनरल केसर में पाए जाते हैं। शरीर के सेल्स के अंदर के फ्लूइड के लिए पोटैशियम काफी महत्वपूर्ण पदार्थ होता है। साथ ही, यह ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। रेड ब्लड सेल्स और कई एंजाइम्स के लिए आयरन काफी महत्वपूर्ण होता है।

अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए आपके ब्लड प्रेशर को हमेशा नार्मल होना बहुत ही जरूरी होता है, इसके लिए आपको अत्यधिक सोडियम के सेवन से बचना है। बादाम में प्राकृतिक रूप से काफी कम सोडियम पाया जाता है और यह शरीर के अतिरिक्त सोडियम को कम करने में मदद करता है। बादाम में L-carnitine, riboflavin और phenylalanine केमिकल्स होते हैं जो तंत्रिका तंत्र के कामकाज को ठीक करते हैं। इसीलिए बादाम को याददाश्त बढ़ाने में भी फायदेमंद माना जाता है।

बादाम में विटामिन ए, बी और ई, मैंगनीज, कॉपर, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम भी पाए जाते हैं जो शीघ्रपतन के इलाज में मदद करते हैं।

शीघ्रपतन ठीक करने में अदरक कितना लाभकारी होता है, इसकी जानकारी तो हम आपको ऊपर दे ही चुके हैं।

इलायची भी कई मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटैशियम का काफी अच्छा स्त्रोत होती है।

ध्यान रखें​

  • यदि आप अपना वजन घटाने का प्रयास कर रहे हैं तो बादाम का सेवन इसमें आपको बाधाएँ पैदा कर सकता है। साथ ही, इसका अधिक सेवन करने से कब्ज और पेट फूलने की समस्या भी हो सकती है।
  • गर्भवती महिलाओं में केसर गर्भपात का कारण बन सकता है, क्योंकि यह गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाता है।
  • यदि आप बाइपोलर बीमारी की दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो केसर का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें।
  • यदि आपको केसर से एलर्जी है तो इसका सेवन न करें।

10. शतावरी और दूध​

शतावरी में कई औषधीय गुण होते हैं जो शीघ्रपतन के इलाज में मदद करते हैं।
  • एक गिलास गाय के दूध में दो चम्मच शतावरी का पाउडर मिलाकर 15 मिनट के लिए गर्म करें।
  • अब इस दूध को छान लें और दिन में तीन बार सेवन करें।

शतावरी कैसे काम करती है?​

इस औषधी को विटामिन, प्रोटीन और जरूरी मिनरल का काफी अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इसमें अत्यधिक मात्रा में विटामिन ए, थायामिन (विटामिन बी1), राइबोफ्लेविन (विटामिन बी2), पैंटोथैनिक एसिड (विटामिन बी5), नियासिन (विटामिन बी3) और फोलेट पाया जाता है। इसमें निम्न मिनरल्स होते हैं – फॉस्फोरस, पोटैशियम, सेलेनियम, जिंक, मैंगनीज। साथ ही, इसमें कैलोरी कम होती हैं और डाइटरी फाइबर अधिक होता है।

शरीर में टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन के लिए जिंक काफी महत्वपूर्ण होता है। सेक्स हॉर्मोन और प्रोजेस्टेरोन को नियंत्रित करने के लिए विटामिन ए जरूरी होता है।

विटामिन बी 3 शरीर में रक्त संचार को बढ़ाता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। साथ ही, यह शुक्राणु बढ़ाने और लिंग में संचार को ठीक करने में भी लाभकारी होता है। इसलिए शीघ्रपतन के इलाज शतावरी को सबसे फायदेमंद पदार्थों में से एक माना जाता है।

गाय के दूध के भी कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह स्किन को पोषण देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं जैसे दंत क्षय (dental decay), साँसों की परेशानियाँ, गठिया, मोटापा और कुछ प्रकार के कैंसर को ठीक करने में मदद करता है। दूध में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में लाभकारी होता है।

ध्यान रखें​

  • यदि आपको लो मेटाबोलिज्म की समस्या है तो शतावरी का सेवन कम करें। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट फेरमेंटशन के जरिये पचते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान पेट फूलने और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
  • गर्भवती महिलाओं में शतावरी हॉर्मोन्स के संतुलन को बिगाड़ सकती है।
  • यदि आपको शतावरी या दूध से एलर्जी है तो इनका सेवन न करें।

11. तरबूज​

तरबूज को कई लोग फलों का वियाग्रा भी कहते हैं। इसका मुख्य लाभ यह होता है कि यह रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करता है और इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते। शीघ्रपतन की समस्या का इलाज करने के लिए तरबूज को नीचे दी स्टेप्स के अनुसार सेवन करें –
  • एक तरबूज को छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब इन टुकड़ों पर थोड़ा सा अदरक का पाउडर और नमक छिड़क दें।
  • अब इसका सेवन करें।
  • आप इसे फ्रूट सलाद के रूप में सेवन कर सकते हैं।

तरबूज कैसे काम करता है?​

तरबूज में citrulline नामक फाइटो न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं जो पुरुषों में लिबिडो और सेक्स इच्छा को बढ़ाकर शीघ्रपतन को ठीक करने में मदद करते हैं।

शीघ्रपतन ठीक करने की तकनीक और एक्सरसाइज​

कुछ पुरुषों में शराब, तम्बाखू या धूम्रपान का सेवन कम करके ही शीघ्रपतन से रिकवरी को तेज किया जा सकता है। इसके अलावा, ‘स्टार्ट-स्टॉप’ मेथड और स्क्वीज तकनीक भी काफी कारगर होती हैं, जिनकी पूरी जानकारी हमने नीचे दी है। यदि इन तकनीकों को लगातार दो-तीन महीने अभ्यास किया जाए तो आपको काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

1. स्टार्ट-स्टॉप तकनीक​

शीघ्रपतन को ठीक करने के लिए स्टार्ट-स्टॉप तकनीक सबसे सरल और कारगर तरीका होता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया था कि बचपन की गलतियों के कारण अक्सर पुरुषों के लिंग को जल्दी स्खलित हो जाने की आदत हो जाती है। इस तकनीक के जरिये हमको इस आदत से निजात पाने में मदद मिलती है।

आप इस तकनीक को अकेले कर सकते हैं या अपने पार्टनर को भी शामिल कर सकते हैं।
  • सबसे पहले अपने लिंग को खड़ा करके हस्तमैथुन करना शुरू करें या अपने पार्टनर के जरिये लिंग में फोरप्ले करें।
  • जब आप स्खलित होने वाले हों तो उससे थोड़ी देर पहले रुक जाएँ। शुरुआत में अक्सर पुरुषों को ऐसा करने में मुश्किल होती है क्योंकि उत्तेजना की चरम सीमा के दौरान खुद को रोकना काफी मुश्किल होता है। लेकिन आप अभ्यास करके इस पर विजय पा सकते हैं।
  • अब तब तक इंतजार करें जब तक कि आपकी स्खलित होने की भावना पूरी तरह से खत्म न हो जाये। इसके बाद, फिरसे हस्तमैथुन या फोरप्ले करना शुरू करें।
  • ऐसा आप जितनी चाहे उतनी बार कर सकते हैं।
  • इस तकनीक का नियमित अभ्यास करने से आप अपने शीघ्रपतन पर काबू पा सकते हैं।
नोट – इस तकनीक का पूरा फायदा लेने के लिए आपको अत्यधिक धैर्य रखना होगा और इसे नियमित करना होगा।

2. स्क्वीज तकनीक​

स्क्वीज तकनीक में आपको स्टार्ट-स्टॉप तकनीक की तरह ही हस्तमैथुन और फोरप्ले करना है। लेकिन इस तकनीक में जब आप स्खलित होने वाले हों तो अपने लिंग के सिरे को अंगूठे से दबाएँ जिससे वीर्य अंदर ही रुका रहे।

3. केगेल एक्सरसाइज​

केगेल एक्सरसाइज की पूरी जानकारी हमने इस पोस्ट में दी है – केगेल एक्सरसाइज करने के तरीके

4. सेंसिटिविटी कम करने वाले तरीके अपनाएँ​

कई मामलों में लिंग में अत्यधिक सेंसिटिविटी के कारण शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है। इससे छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका होता है मोठे कंडोम पहन कर सेक्स करना या सेंसिटिविटी कम करने वाले लुब्रीकेंट व दवाओं का उपयोग करना।

शीघ्रपतन की दवा​

1. टॉपिकल एनेस्थेटिक्स​

कई बार शीघ्रपतन के इलाज लिए एनेस्थेटिक क्रीम्स और स्प्रे जिनमें नम्बिंग एजेंट जैसे benzocaine, lidocaine या prilocaine होते हैं, कस इस्तेमाल किया जाता है। इन प्रोडक्ट्स को लिंग पर सेक्स से 10 से 15 मिनट पहले लगाया जाता है। यह प्रोडक्ट लिंग की सेंसिटिविटी को कम कर देते हैं और वीर्य को लम्बे समय तक रोके रखने में मदद करते हैं।

शीघ्रपतन के लिए मेडिकल स्टोर पर lidocaine-prilocaine क्रीम (EMLA) और Lidocaine स्प्रे मौजूद होते हैं।

ध्यान रखें​

चूँकि टॉपिकल एनेस्थेटिक्स काफी प्रभावी होती हैं और शरीर इन्हें सहन भी कर लेता है। लेकिन इनके कुछ साइड इफ़ेक्ट और नुकसान भी हो सकते हैं। उदहारण के लिए, कुछ पुरुष इनका इस्तेमाल करने के बाद अपनी सेंसिटिविटी को अस्थाई रूप से खो देने या सेक्स के आनंद में कमी आने की बात

2. ओरल मेडिसिन (खाने वाली दवाएँ)​

कई दवाएँ भी स्खलन को लम्बा खींच सकती हैं। हालाँकि, इनमें से कोई भी दवाएँ शीघ्रपतन के पूर्ण इलाज के लिए कारगर नहीं हैं। इनमें से कुछ का इस्तेमाल शीघ्रपतन के लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है, खासतौर से एंटी-डिप्रेसेंट (डिप्रेशन को कम करने वाली), एनाल्जेसिक (दर्दनिवारक) और फोस्फोडाईस्टेरेज-5 इन्हीबिटर। इन दवाओं को डॉक्टर अलग-अलग, मिश्रित करके अन्य बीमारियों की दवाओं के साथ दे सकता है।
  • एंटी-डिप्रेसेंट (Antidepressants) – चूँकि एंटी-डिप्रेसेंट दवाओं का मुख्य काम डिप्रेशन को कम करना होता है, लेकिन यह साइड इफ़ेक्ट के रूप में स्खलन को लम्बे समय तक रोके रखने का काम भी करते हैं। कुछ सेरोटोनिन रि-अपटेक इन्हीबिटर (SSRIs) जैसे escitalopram (Lexapro), sertraline (Zoloft), paroxetine (Paxil) और fluoxetine (Prozac, Sarafem) शीघ्रपतन में ज्यादा फायदेमंद होते हैं।
    यदि SSRIs आपके स्खलन टाइम को ठीक नहीं करते हैं तो डॉक्टर tricyclic antidepressant clomipramine (Anafranil) दे सकता है।
    एंटी-डिप्रेसेंट के अवांछित साइड इफेक्ट्स में जी मचलना, पसीना आना, आलस्य आना और कामोत्तेजना में कमी आने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
  • एनाल्जेसिक (दर्दनिवारक) – Tramadol (Ultram) नामक दवा मुख्य रूप से दर्द कम करने में दी जाती है। लेकिन यह साइड इफ़ेक्ट के रूप में वीर्य को लम्बे समय तक रोके रखने में भी मदद करती है। इसके अवांछित साइड इफेक्ट्स में सिरदर्द, अत्यधिक नींद आना, जी मचलना और आँखों में धुंधलापन छाना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
    यदि सिर्फ एनाल्जेसिक कारगर न हों तो डॉक्टर इन्हें SSRIs के साथ भी दे सकता है।
  • फोस्फोडाईस्टेरेज-5 इन्हीबिटर (Phosphodiesterase-5 inhibitors) – कुछ मेडिसिन्स जैसे वियाग्रा, Tadalafil, Vardenafil और Vardenafil का इस्तेमाल शीघ्रपतन के लक्षणों को कम करने में किया जा सकता है। इनके अवांछित साइड इफेक्ट्स में सिरदर्द, चेहरा लाल होना और अपच की समस्या हो सकती है। यदि इन दवाओं को SSRI के साथ लिया जाए जो यह ज्यादा लाभकारी हो सकती हैं।
 
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